Ayushman Card: नीतीश सरकार घर- घर जाकर बनाएगी आयुष्मान कार्ड, बिहार विधानसभा चुनाव से पहले बड़ा दांव

Published by : Paritosh Shahi Updated At : 06 Jun 2025 7:02 PM

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Ayushman Card

Ayushman Card: बिहार की मौजूदा सरकार को लगता है कि विधानसभा चुनाव में आयुष्मान योजना का असर दिखेगा. 2018 से धीमी गति में चल रही बिहार सरकार ने 2024 में रेकॉर्ड संख्या में आयुष्मान कार्ड बनाए हैं और अब घर- घर कार्ड बनाने की योजना बना रही है.

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Ayushman Card: गया जिले में स्वास्थ्य विभाग द्वारा दी जा रही सेवाओं की वस्तुस्थिति की जानकारी के लिए केंद्र सरकार की एक टीम ने शुक्रवार को विभिन्न स्वास्थ्य संस्थानों का दौरा किया. स्वास्थ्य व परिवार कल्याण मंत्रालय की ओर से आयी इस टीम का नेतृत्व अपर महानिदेशक डॉ मनीषा वर्मा और आनंद चतुर्वेदी ने किया. टीम में प्रेस इंफॉर्मेशन ब्यूरो भारत सरकार के 10 सदस्य शामिल थे. टीम के सदस्यों ने अनुग्रह नारायण मगध मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (एएनएमएमसीएच) में मरीजों से बातचीत की.

क्या है लक्ष्य

मरीजों ने आयुष्मान भारत योजना की सराहना करते हुए बताया कि इस योजना के कारण गरीबों को बेहतर इलाज की सुविधा मिल रही है. टीम को जानकारी दी गयी कि जिले में कुल 32,98,627 आयुष्मान कार्ड बनाये जाने का लक्ष्य निर्धारित है, जिसमें अब तक 42 प्रतिशत यानी 13,73,865 कार्ड बनाये जा चुके हैं. जिलाधिकारी शशांक शुभंकर ने बताया कि आयुष्मान भारत कार्ड बनाने का कार्य तेज गति से चल रहा है. विशेष अभियान के तहत शिविर लगाकर कार्ड बनाये जा रहे हैं, ताकि जरूरतमंद इलाज से वंचित न रहें.

कितनों को मिला लाभ

जिले में 20 हजार 770 लोगों ने आयुष्मान कार्ड की मदद से विभिन्न अस्पतालों में अपना इलाज कराया है. जिले में आयुष्मान कार्ड के तहत 27 करोड़ 41 लाख 60 हजार 554 रुपये का इलाज किया गया है. टीम को यह भी बताया गया कि लोकनायक जयप्रकाश नेत्र अस्पताल में भी आयुष्मान कार्ड बनाये जा रहे हैं. आंखों के इलाज के लिए आने वाले 40 प्रतिशत पात्र मरीजों के कार्ड बनाये गये हैं, जिससे हजारों मरीजों को लाभ हुआ है. इस साल के अंत में होने वाले चुनाव में इसका फायदा कितना होगा, ये तो आने वाला वक्त ही बताएगा लेकिन इस समय सरकार का स्वास्थ्य विभाग रात- दिन एक कर आयुष्मान योजना में ज्यादा से ज्यादा लोगों को फायदा पहुंचाने की कोशिश कर रहा है.

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प्रखंडवार प्रगति रिपोर्ट

मानपुर: 81,891 कार्ड (71%)
डोभी: 62,927 कार्ड (51%)
बाराचट्टी: 62,054 कार्ड
आमस: 42,607 कार्ड
नीमचक बथानी: 35,421 कार्ड
गुरुआ: 68,750 कार्ड
अतरी: 35,842 कार्ड
खिजरसराय: 67,210 कार्ड
बेलागंज: 62,323 कार्ड
टनकुप्पा: 45,052 कार्ड
कोंच: 67,038 कार्ड
गुरारू: 47,083 कार्ड
परैया: 33,579 कार्ड
बांकेबाजार: 45,490 कार्ड
वजीरगंज: 70,413 कार्ड
बोधगया: 65,956 कार्ड
फतेहपुर: 65,418 कार्ड
शेरघाटी: 44,649 कार्ड
मोहरा: 30,902 कार्ड
मोहनपुर: 52,930 कार्ड
टिकारी: 65,672 कार्ड
इमामगंज: 60,257 कार्ड
डुमरिया: 40,571 कार्ड
सदर प्रखंड: 90,168 कार्ड

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Paritosh Shahi

लेखक के बारे में

By Paritosh Shahi

परितोष शाही पिछले 4 वर्षों से डिजिटल मीडिया और पत्रकारिता में सक्रिय हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका से की और वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल की बिहार टीम का हिस्सा हैं. राजनीति, सिनेमा और खेल, विशेषकर क्रिकेट में उनकी गहरी रुचि है. जटिल खबरों को सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाना और बदलते न्यूज माहौल में तेजी से काम करना उनकी विशेषता है. परितोष शाही ने पत्रकारिता की पढ़ाई बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी (BHU) से की. पढ़ाई के दौरान ही पत्रकारिता की बारीकियों को समझना शुरू कर दिया था. खबरों को देखने, समझने और लोगों तक सही तरीके से पहुंचाने की सोच ने शुरुआत से ही इस क्षेत्र की ओर आकर्षित किया. पत्रकारिता में करियर की पहली बड़ी शुरुआत बिहार विधानसभा चुनाव 2020 के दौरान हुई, जब उन्होंने जन की बात के साथ इंटर्नशिप की. इस दौरान बिहार के 26 जिलों में जाकर सर्वे किया. यह अनुभव काफी खास रहा, क्योंकि यहां जमीनी स्तर पर राजनीति, जनता के मुद्दों और चुनावी माहौल को बहुत करीब से समझा. इसी अनुभव ने राजनीतिक समझ को और मजबूत बनाया. इसके बाद राजस्थान पत्रिका में 3 महीने की इंटर्नशिप की. यहां खबर लिखने की असली दुनिया को करीब से जाना. महज एक महीने के अंदर ही रियल टाइम न्यूज लिखने लगे. इस दौरान सीखा कि तेजी के साथ-साथ खबर की सटीकता कितनी जरूरी होती है. राजस्थान पत्रिका ने उनके अंदर एक मजबूत डिजिटल पत्रकार की नींव रखी. पत्रकारिता के सफर में आगे बढ़ते हुए पटना के जनता जंक्शन न्यूज पोर्टल में वीडियो प्रोड्यूसर के रूप में भी काम किया. यहां कैमरे के सामने बोलना, प्रेजेंटेशन देना और वीडियो कंटेंट की बारीकियां सीखीं. करीब 6 महीने के इस अनुभव ने कैमरा फ्रेंडली बनाया और ऑन-स्क्रीन प्रेजेंस को मजबूत किया. 1 अप्रैल 2023 को राजस्थान पत्रिका को प्रोफेशनल तौर पर ज्वाइन किया. यहां 17 महीने में कई बड़े चुनावी कवरेज में अहम भूमिका निभाई. लोकसभा चुनाव 2024 में नेशनल टीम के साथ जिम्मेदारी संभालने का मौका मिला. इसके अलावा मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव के दौरान भी स्टेट टीम के साथ मिलकर काम किया. इस दौरान चुनावी रणनीति, राजनीतिक घटनाक्रम और बड़े मुद्दों पर काम करने का व्यापक अनुभव मिला. फिलहाल परितोष शाही प्रभात खबर डिजिटल बिहार टीम के साथ जुड़े हुए हैं. यहां बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान कई बड़ी खबरों को रियल टाइम में ब्रेक किया, ग्राउंड से जुड़े मुद्दों पर खबरें लिखीं और वीडियो भी बनाए. बिहार चुनाव के दौरान कई जिलों में गांव- गांव घूम कर लोगों की समस्या को जाना-समझा और उनके मुद्दे को जन प्रतिनिधियों तक पहुंचाया. उनकी कोशिश हमेशा यही रहती है कि पाठकों और दर्शकों तक सबसे पहले, सही और असरदार खबर पहुंचे. पत्रकारिता में लक्ष्य लगातार सीखते रहना, खुद को बेहतर बनाना और भरोसेमंद पत्रकार के रूप में अपनी पहचान मजबूत करना है.

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