181 पुलिस कर्मियों के रक्तचाप की जांच

पुलिसकर्मियों को खिलायी गयी फाइलेरियारोधी दवा
पुलिसकर्मियों को खिलायी गयी फाइलेरियारोधी दवा
एसएसपी के परिसर में दवा खिलाने के लिए लगा शिविर
वरीय संवाददाता, गया जी. जिले में चल रहे फाइलेरिया उन्मूलन अभियान के मद्देनजर स्वास्थ्य विभाग की ओर से प्रशासनिक अमले के लोगों को भी फाइलेरियारोधी दवा का सेवन कराया जा रहा है. इसको लेकर गुरुवार को एसएपी कार्यालय परिसर में स्वास्थ्य मेला सह फाइलेरियारोधी दवा सेवन शिविर का आयोजन किया गया. मौके जिला वेक्टर जनित रोग नियंत्रण पदाधिकारी डॉ एमइ हक ने पुलिसकर्मियों को फाइलेरियारोधी दवा के बारे में विस्तार से जानकारी दी. हाथी पांव जैसे गंभीर व अपंग बना देने वाले रोग पर चर्चा हुई. उन्होंने कहा कि हाथी पांव को जड़ से उखाड़ने के लिए केंद्र सरकार की ओर से लगातार पांच सालों तक दवा सेवन कराया जाता है. यदि इस वर्ष दवा सेवन अच्छी तरह कर लिया गया, तो आने वाले दिनों में गया जिले को फाइलेरिया के मामले में उन्मूलन करार दिया जायेगा. यह विभाग के लिए एक उपलब्धि होगी. उन्होंने बताया कि दवा सेवन से फाइलेरिया के माइक्रोपरजीवी शरीर में मर जाते हैं और संक्रमण का प्रसार रुक जाता है. मौके पर पारा मेडिकल कर्मियों ने पुलिस विभाग के कर्मचारियों के बीपी व शुगर की जांच भी की. उन्होंने बताया कि स्वास्थ्य मेले के दौरान 181 पुलिस कर्मियों के रक्तचाप की जांच हुई. इसमें 23 पुलिसकर्मी बीपी के मरीज पाये गये. शुगर जांच में 18 पुलिसकर्मियों के रक्त में शर्करा पाया गया. साथ ही 174 पुलिसकर्मियों को फाइलेरियारोधी दवा का सेवन कराया गया. उन्होंने बताया कि फाइलेरियारोधी दवाएं पूरी तरह सुरक्षित हैं. रक्तचाप, शुगर, अर्थराइटिस या अन्य सामान्य रोगों से ग्रसित व्यक्तियों को भी ये दवाएं खानी हैं. सामान्य लोगों को इन दवाओं के खाने से किसी भी प्रकार के दुष्प्रभाव नहीं होते हैं और अगर किसी को दवा खाने के बाद मितली आये, चक्कर जैसे लक्षण होते हैं, तो यह शुभ संकेत है.
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