गया जी के विष्णुपद मंदिर में आस्था का महासंगम, निर्जला एकादशी पर लाखों श्रद्धालु पहुंचे

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निर्जला एकादशी पर विष्णुपद मंदिर में दर्शन के लिए उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़

Nirjala Ekadashi Vishnupada Temple: निर्जला एकादशी पर गया के विष्णुपद मंदिर में लाखों श्रद्धालुओं ने भगवान विष्णु के दर्शन किए. प्रशासन और नगर निगम ने श्रद्धालुओं के लिए विशेष व्यवस्था की.

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गया जी से संजीव कुमार सिन्हा की रिपोर्ट
Nirjala Ekadashi Vishnupada Temple:
निर्जला एकादशी के अवसर पर गुरुवार को गया जी स्थित विष्णुपद मंदिर में आस्था का जनसैलाब उमड़ पड़ा. सुबह से ही मंदिर परिसर और फल्गु नदी तट पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ देखने को मिली. भक्तों ने भगवान विष्णु के दर्शन-पूजन कर सुख, समृद्धि और परिवार की खुशहाली की कामना की. श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए प्रशासन और नगर निगम की ओर से विशेष इंतजाम किए गए थे.

निर्जला एकादशी पर विष्णुपद मंदिर में कैसी रही भीड़?

निर्जला एकादशी के पावन अवसर पर गया के प्रसिद्ध विष्णुपद मंदिर में सुबह से ही श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा. मंदिर परिसर, प्रवेश मार्ग और फल्गु तट पर भक्तों की लंबी कतारें देखी गईं. लाखों श्रद्धालुओं ने भगवान विष्णु के दर्शन कर पूजा-अर्चना की और पुण्य लाभ अर्जित किया.

निर्जला एकादशी का धार्मिक महत्व क्या है?

विष्णुपद मंदिर के पुजारी प्रणेश लाल गुरथा ने बताया कि ज्येष्ठ मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी को निर्जला या भीमसेनी एकादशी कहा जाता है.

उन्होंने बताया कि यह वर्ष की सबसे महत्वपूर्ण एकादशियों में से एक मानी जाती है. मान्यता है कि जो श्रद्धालु पूरे वर्ष की 24 एकादशियों का व्रत नहीं रख पाते, वे श्रद्धापूर्वक निर्जला एकादशी का व्रत कर समान पुण्य फल प्राप्त कर सकते हैं.

श्रद्धालुओं ने किस प्रकार की पूजा-अर्चना की?

भक्तों ने भगवान विष्णु को तुलसी अर्पित कर विधिवत पूजा-अर्चना की. इसके साथ ही दान-पुण्य, ब्राह्मण सेवा और जरूरतमंदों को जल पिलाने जैसे धार्मिक कार्य भी किए गए. श्रद्धालुओं ने परिवार की सुख-समृद्धि और मनोकामना पूर्ति की प्रार्थना की.

नगर निगम ने क्या व्यवस्थाएं कीं?

गया नगर निगम के महापौर गणेश पासवान ने बताया कि निर्जला एकादशी को लेकर व्यापक तैयारियां की गई थीं. श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए विभिन्न स्थानों पर पेयजल टैंकर लगाए गए. फल्गु नदी तट पर स्नान, शौचालय और अन्य आवश्यक सुविधाओं की व्यवस्था सुनिश्चित की गई.

समाजसेवी संगठनों ने कैसे निभाई भूमिका?

मेला क्षेत्र में कई समाजसेवी संगठनों ने निःशुल्क सेवा शिविर लगाए. इन शिविरों में श्रद्धालुओं को भोजन, पेयजल और अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई गईं. गर्मी को देखते हुए जगह-जगह पानी वितरण की व्यवस्था भी की गई.

सुरक्षा और निगरानी के क्या इंतजाम रहे?

श्रद्धालुओं की सुरक्षा को लेकर प्रशासन पूरी तरह सतर्क रहा. नगर निगम कर्मी, पुलिस बल और प्रशासनिक अधिकारी पूरे मेला क्षेत्र में लगातार निगरानी करते रहे ताकि किसी प्रकार की अव्यवस्था या दुर्घटना की स्थिति उत्पन्न न हो.

क्या बोले महापौर गणेश पासवान?

महापौर गणेश पासवान ने कहा कि इस वर्ष श्रद्धालुओं की संख्या काफी अधिक रही. उन्होंने प्रशासन और विभिन्न विभागों की तैयारियों की सराहना करते हुए कहा कि सभी विभाग श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा के लिए पूरी तत्परता से कार्य कर रहे हैं.

आगे क्या होगा?

निर्जला एकादशी के अवसर पर शुरू हुआ श्रद्धालुओं का आगमन दिनभर जारी रहा. प्रशासन ने श्रद्धालुओं से व्यवस्था बनाए रखने और निर्धारित मार्गों का पालन करने की अपील की है.

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साक्षी कुमारी

लेखक के बारे में

By साक्षी कुमारी

साक्षी कुमारी को डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में 3 वर्षों का अनुभव है. पिछले तीन वर्षों से वह डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं. उन्हें राजनीति, शिक्षा, रोजगार, सामाजिक सरोकारों और समसामयिक मुद्दों से जुड़ी खबरों की रिपोर्टिंग और लेखन का अनुभव है. बिहार की राजनीति और क्षेत्रीय मुद्दों पर उनकी विशेष रुचि है. डिजिटल पत्रकारिता के साथ-साथ उन्हें SEO (Search Engine Optimization) की भी अच्छी समझ है, जिससे वह पाठकों तक समय पर और प्रभावी ढंग से खबरें पहुंचाने में दक्ष हैं. तथ्यपरक, विश्वसनीय और SEO-अनुकूल समाचार तैयार करना उनकी प्रमुख कार्यशैली है.

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