मगध विवि में शुरू हो रहे नित्य नये कोर्स, पर संसाधनों की कमी बरकरार
Published by :KALENDRA PRATAP SINGH
Published at :14 Oct 2025 6:48 PM (IST)
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कैंपस में खटकती है पार्किंग व प्रसाधन की कमी, हॉस्टलों की भी दरकार
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बोधगया.
मगध विश्वविद्यालय मुख्यालय में पारंपरिक कोर्सों के अलावा कई वोकेशनल कोर्सेज का भी संचालन किया जा रहा है. कुलपति प्रो एसपी शाही के नेतृत्व में नित्य नये पाठ्यक्रमों की भी शुरूआत की जा रही है. मगध विश्वविद्यालय की पुरानी गरिमा को फिर से बहाल करने के निमित्त एआइ व अन्य कोर्सेज को संचालित करने की तैयारी जारी है. लंबित परीक्षाओं को आयोजित कराते हुए सत्र को भी नियमित करने की दिशा में बेहतर प्रयास जारी हैं. कक्षाओं में 75 प्रतिशत उपस्थिति की अनिवार्यता को भी सुनिश्चित किया जा रहा है. इससे छात्र-छात्राओं की दैनिक संख्या में बढ़ोतरी तो होगी, पर एमयू कैंपस में सुविधाओं व संसाधनों में भी बढ़ोतरी की जरूरत महसूस की जा रही है. हॉस्टलों की संख्या पर्याप्त नहीं है, जहां छात्र-छात्राएं रह कर नियमित रूप से क्लास कर सकें व एमयू कैंपस में पठन-पाठन की स्थिति और बेहतर हो सके. संसाधनों की बात करें तो, कैंपस में महिला-पुरुष के लिए सार्वजनिक शौचालय व यूरिनल की सुविधा नहीं है. पेयजल तक की किल्लत बनी रहती है. एमयू कैंपस में विभिन्न कार्यों से आने वाले छात्र-छात्राओं के लिए पार्किंग की सुविधा तक बहाल नहीं की गयी है ताकि वे अपनी गाड़ियों को सुरक्षित जगहों पर पार्क कर सकें. पिछले दिनों से प्रशासकीय भवन के बगल स्थित पार्क में गाड़ियों के लिए पार्किंग बना दी गयी, जो पर्याप्त नहीं होने के कारण लोग यत्र-तत्र गाड़ियों को खड़ी करते हैं. एमयू कैंपस में विभिन्न सड़कों के किनारे किसी तरह का शेड का निर्माण नहीं कराया गया है ताकि बरसात या गर्मी के दिनों में स्टूडेंट्स उनका सहारा प्राप्त कर सकें. इसी तरह अन्य कई छोटी लेकिन जरूरी सुविधाओं की कमी यहां छात्रों को खटकते रहता है. खेलकूद के लिए स्टेडियम व खेल मैदान की कमी है. पारंपरिक कोर्सों से इतर स्ववित्तपोषित वोकेशनल कोर्सों में दाखिला लेने वाले दूर-दराज के छात्र-छात्राओं के लिए मुकम्मल व पर्याप्त संख्या में हॉस्टल मौजूद नहीं हैं. इस कारण छात्रों को कैंपस से बाहर किराये के कमरे में रहना पड़ता है.हॉस्टल के निर्माण को लेकर चल रहीं है बात
मगध विश्वविद्यालय के डीएसडब्ल्यू प्रो ब्रजेश राय ने बताया कि मौजूदा हॉस्टलों के अलावा और भी हॉस्टल की जरूरत महसूस की जा रही है. छात्रों की जरूरत के मुताबिक व्यवस्था भी की जा रही है और नये हॉस्टल निर्माण को लेकर बात भी चल रही है. उम्मीद है छात्रों की सुविधा को लेकर संसाधनों में जल्द ही बढ़ोतरी की जायेगी.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
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