ऑनलाइन दवा बिक्री के विरोध में देशभर में हड़ताल, गया में भी दुकानें रहीं बंद

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दवा दुकानदारों ने बंद रखी अपनी दुकाने

Gayaji News: ऑनलाइन दवा बिक्री के विरोध में दवा कारोबारियों की देशव्यापी 24 घंटे की हड़ताल का गया में व्यापक असर दिखा, जहां करीब 2500 दुकानें बंद रहीं.

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Gayaji News(संजीव कुमार सिन्हा): ऑनलाइन दवा बिक्री यानी ई-फार्मेसी बड़े बड़े कॉपरेट के एकाधिकार के खिलाफ बुधवार को पूरे देश में दवा की दुकानें बंद रही. ऑल इंडिया ऑर्गनाइजेशन ऑफ केमिस्ट्स एंड ड्रगिस्ट्स के आह्वान पर पूरे देशभर में 24 घंटों के लिए दवा दुकानें बंद रहेगी. बिहार में भी इसका असर देखने को मिला. पूरे बिहार में दवा दुकानें 20 मई की सुबह से ही बंद रही.

ढाई हजार दवा दुकानें बंद रहीं

इसे लेकर गया में भी हड़ताल का व्यापक असर सुबह से ही देखने को मिला. राज्य में लगभग 40 हजार दवा दुकानें बंद रही. गया जिले में सभी थोक और खुदरा विक्रेताओं ने अपनी दुकानें बंद रखी. ऐसे में दवा लेने आए मरीजों और खुदरा बिक्रेता को परेशानियों का सामना करना पड़ा. ऑल इंडिया ऑर्गेनाइजेशन ऑफ केमिस्ट्स एंड ड्रगिस्ट्स के आह्वान पर आयोजित 24 घंटे की हड़ताल के समर्थन में जिले की करीब ढाई हजार दवा दुकानें बंद रहीं.

पारंपरिक दवा कारोबार को खत्म करने का आरोप

गया जी शहर के टेकारी रोड स्थित दवा मंडी समेत शहर के अधिकांश मेडिकल स्टोर्स के शटर डाउन रहे, जिससे इलाके में दिनभर सन्नाटा पसरा रहा. दवा व्यापारियों ने ऑनलाइन दवा कंपनियों पर पारंपरिक दवा कारोबार को खत्म करने और मरीजों की सुरक्षा से खिलवाड़ करने का आरोप लगाया. प्रदर्शन कर रहे व्यापारियों का कहना था कि ई-फार्मेसी कंपनियां भारी छूट देकर बाजार व्यवस्था को प्रभावित कर रही हैं, जिससे छोटे दुकानदार आर्थिक संकट का सामना कर रहे हैं.

ऑनलाइन दवा बिक्री पर सख्ती की मांग

व्यापारियों ने यह भी आरोप लगाया कि कई ऑनलाइन प्लेटफॉर्म बिना उचित जांच और वैध चिकित्सकीय पर्ची के दवाइयों की बिक्री कर रहे हैं. इससे गलत दवा सेवन, दुष्प्रभाव और मरीजों की सेहत पर गंभीर खतरा बढ़ रहा है. प्रदर्शन के दौरान दवा विक्रेताओं ने केंद्र और राज्य सरकार से ऑनलाइन दवा बिक्री पर सख्त नियम लागू करने की मांग की. उन्होंने कहा कि यदि सरकार ने जल्द ठोस कदम नहीं उठाया, तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा.

दवा विक्रेता संघ के अध्यक्ष संजय कुमार ने कहा कि ऑनलाइन दवा कंपनियों की मनमानी से स्थानीय व्यवसाय प्रभावित हो रहा है और मरीजों की सुरक्षा भी खतरे में पड़ रही है. इसलिए पूरे देशभर में दवा कारोबारियों ने दुकानें बंद रखीं हैं. गया जिले में करीब 2500 से ज्यादा दुकानें बंद है. वहीं संगठन के सचिव रंजीत कुमार ने कहा कि दवा बिक्री एक संवेदनशील क्षेत्र है, जहां नियमों का सख्ती से पालन जरूरी है.

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सूर्यकांत कुमार

लेखक के बारे में

By सूर्यकांत कुमार

सूर्यकांत कुमार प्रभात खबर डिजिटल में जूनियर कंटेंट राइटर हैं और डिजिटल मीडिया में तीन वर्षों का अनुभव रखते हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत डिजिटल चैनल न्यूज रील्स से की. इसके बाद नेशन दर्पण और खबरिया जंक्शन में कार्य किया, जहां कंटेंट राइटिंग, वीडियो एडिटिंग और वॉयस ओवर से जुड़े विभिन्न कार्यों का अनुभव हासिल किया. उन्होंने पटना यूनिवर्सिटी से मास कम्युनिकेशन में ग्रेजुएशन किया है. वर्तमान में वे गया, औरंगाबाद, कैमूर और बक्सर जिलों की स्थानीय (हाइपरलोकल) खबरों, प्रशासनिक गतिविधियों, शिक्षा, रोजगार, सामाजिक मुद्दों और जनसरोकार से जुड़े विषयों पर काम कर रहे हैं. इसके अलावा खेल और मनोरंजन से जुड़ी खबरों में भी विशेष रुचि रखते हैं.

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