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आइआइएम बोधगया ने शुरू किया इ-एमबीए कार्यक्रम

Updated at : 18 Aug 2025 6:57 PM (IST)
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आइआइएम बोधगया ने शुरू किया इ-एमबीए कार्यक्रम

प्रथम बैच में शीर्ष एमएनसी, पीएसयू व सरकारी क्षेत्र के पेशेवर, उद्योग व शैक्षणिक जगत के दिग्गजों की रही उपस्थिति

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प्रथम बैच में शीर्ष एमएनसी, पीएसयू व सरकारी क्षेत्र के पेशेवर, उद्योग व शैक्षणिक जगत के दिग्गजों की रही उपस्थिति

फोटो- गया बोधगया 215- स्वागत समारोह में शामिल आइआइएम बोधगया की डायरेक्टर व अतिथि

वरीय संवाददाता, बोधगया.

आइआइएम बोधगया ने 2025-27 बैच के लिए भव्य स्वागत समारोह के साथ अपने प्रथम एग्जिक्यूटिव एमबीए (इएमबीए) कार्यक्रम का शुभारंभ किया. आइआइएम बोधगया का इ-एमबीए कार्यक्रम कामकाजी पेशेवरों को जागरूक व सामाजिक रूप से जिम्मेदार नेतृत्व के लिए तैयार करता है. विशेष रूप से तैयार किये गये पाठ्यक्रम व शिक्षण पद्धति के माध्यम से यह अकादमिक कठोरता और उद्योग की लचीली जरूरतों का संगम प्रस्तुत करता है. वेंट इंडिया के सीइओ निनाद गाडगिल व बीओडी कंसल्टिंग में सीनियर पार्टनर सिद्धार्थ बलकृष्ण के साथ आइआइएम बोधगया की निदेशक प्रो विनिता सहाय उद्घाटन समारोह में प्रमुख वक्ता थीं, जिन्होंने नेतृत्व, नवीनता और तेजी से बदलते वैश्विक व्यापार परिदृश्य को नेविगेट करने पर मूल्यवान दृष्टिकोण साझा किये.

इस अवसर पर प्रो सहाय ने कहा कि संस्थान भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए ऐसा कार्यक्रम बना रहा है, जो शैक्षणिक उत्कृष्टता और उद्योग की प्रासंगिकता का संतुलन रखता है. उन्होंने बताया कि इ-एमबीए की शुरुआत आइआइएम बोधगया के उस मिशन को दर्शाती है, जिसका उद्देश्य संगठनों और समाज दोनों में सकारात्मक बदलाव ला सके. निनाद गाडगिल ने सभी से आग्रह किया कि वे अपने शीर्षकों द्वारा नहीं, बल्कि अपने काम, आदत व दूसरों की वृद्धि पर उनके प्रभाव के द्वारा स्वयं को परिभाषित करें, जबकि सिद्धार्थ बालकृष्ण ने अधिक प्रभाव लाने में स्पष्टता और सटीकता के महत्व की प्रशंसा की. एग्जिक्यूटिव एमबीए कार्यक्रम के अध्यक्ष प्रो मनोज कुमार ने बताया कि इ-एमबीए कार्यक्रम को कामकाजी पेशेवरों को उनके नेतृत्व यात्रा को तेज करने के लिए तैयार किया गया है. यह उन्हें व्यापक व्यावसायिक समझ, रणनीतिक सोच और सह अध्ययन का अनूठा अनुभव प्रदान करेगा. उन्होंने जोर देकर कहा कि भारत जो दुनिया की चौथी सबसे बड़ी और सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था बन चुका है, को अब नये और दूरदर्शी व्यावसायिक नेताओं की आवश्यकता है. पहली इ-एमबीए कक्षा में तीन से 21 वर्ष के कार्य अनुभव वाले 50 पेशेवरों का एक विविध मिश्रण शामिल है, जो विभिन्न क्षेत्रों में उद्योगों का प्रतिनिधित्व करते हैं, जिसमें डेलॉइट, पी डब्ल्यू सी, एक्सेंचर, टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज, एनटीपीसी, अल्ट्राटेक सीमेंट, गोदरेज प्रॉपर्टीज, वार्नर ब्रदर्स डिस्कवरी, अपोलो टायर्स, सिमेन्स टेक्नोलॉजीज, इंडियन बैंक, महाराष्ट्र बैंक और हिल्टन शामिल हैं.

छात्रों की उत्साहजनक भागीदारी रही

इस कार्यक्रम में आइआइएम बोधगया के प्रतिष्ठित एमबीए कार्यक्रम के संकाय और छात्रों की भी उत्साहजनक भागीदारी देखी गयी, जिन्होंने वरिष्ठ उद्योग नेतृत्वकर्ता और पहले इ-एमबीए बैच के सफल पेशेवरों द्वारा साझा किये गये विचार के प्रति अपने अनुभवों को साझा किये, जिससे आपसी शिक्षा और सहयोग को बढ़ावा मिला. इस उपलब्धि के साथ आइआइएम बोधगया ने खुद को एक ऐसे संस्थान के रूप में स्थापित किया है, जो शैक्षणिक गुणवत्ता और उद्योग की जरूरतों को संतुलित करते हुए आने वाले कल के नेतृत्व को गढ़ता है.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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KALENDRA PRATAP SINGH

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