गया में लैपटॉप से खोला स्कॉर्पियो का हैंडल लॉक, बैंक के सामने से की चोरी, जहानाबाद-पटना की ओर भागे

Published by : Paritosh Shahi Updated At : 08 Dec 2025 9:33 PM

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CCTV फुटेज से ली गई तस्वीर

Gaya News: गया में पिछले दो वर्षों से लगातार स्कॉर्पियो चोरी की घटनाओं ने शहर की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. ताजा मामला मीर अबू सालेह रोड का है, जहां चोरों ने एक और स्कॉर्पियो आसानी से उड़ा ली.

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Gaya News: गया जी में पिछले दो वर्षों से लगातार हो रही स्कॉर्पियो की चोरी का मामला सामने आ रहा है. स्कॉर्पियो चोर गिरोह से जुड़े अपराधियों ने कोतवाली थाना क्षेत्र के मीर अबू सालेह रोड में स्थित बैंक ऑफ इंडिया के सामने वाली बिल्डिंग में रहने वाले चायपत्ति दुकानदार शैलेंद्र कुमार की स्कॉर्पियो की चोरी छह दिसंबर की सुबह करीब तीन बजे कर ली. इस मामले को लेकर पीड़ित दुकानदार ने कोतवाली थाने में शिकायत दर्ज करायी है.

सोमवार को पीड़ित दुकानदार शैलेंद्र कुमार के भाई जितेंद्र कुमार ने बताया कि नयी गोदाम इलाके में उनका बिजनेस है. स्कॉर्पियो को 2017 में शैलेंद्र कुमार के नाम से खरीदा था. पांच दिसंबर की रात बेटे रिषभ के साथ मानपुर में आयोजित उसके बेटे के दोस्त की शादी में गये थे. देर रात घर लौटे, तो छह दिसंबर को रिसेप्शन में मसौढ़ी जाना था. इसी पर बेटे रिषभ ने कहा कि गैरेज दूर है. घर के पास ही गाड़ी लगा देते हैं, फिर सुबह मसौढ़ी जाना है.

रिषभ ने स्कॉर्पियो को अपने घर के पास बैंक ऑफ इंडिया के सामने लगा दी. लेकिन, छह दिसंबर की सुबह करीब छह बजे नींद टूटी, तो देखा कि घर के बाहर स्कॉर्पियो नहीं है. उन्हें लगा कि रिषभ या उसका कोई दोस्त गाड़ी ले गया हो. उसके बाद साढ़े छह बजे रिषभ को घर में ही देखा, तो उससे पूछा कि स्कॉर्पियो घर के बाहर नहीं है. किसको दिये हो, इस बात पर वह भी अचंभित रह गया. तुरंत, घर से बाहर निकल कर देखा कि स्कॉर्पियो नहीं है. तब उन्हें चोरी का एहसास हुआ, तो घर में लगे सीसीटीवी कैमरे को खंगाला.

आइ 10 कार से आये थे अपराधी

पीड़ित दुकानदार ने बताया कि अहले सुबह करीब तीन बजे आइ 10 गाड़ी से लाल रंग का जैकेट पहने एक युवक स्कॉर्पियो के पास आया और इधर-उधर कुछ किया. जब गाड़ी का लॉक नहीं खुला, तो एक दूसरा युवक ब्लू रंग का जींस पहने लैपटॉप सिस्टम के साथ आया और कुछ ही देर में लैपटॉप के जरिये हैंडल लॉक को खोल दिया और स्कॉर्पियो लेकर भाग निकले.

उन्होंने बताया कि करीब चार बजे जहानाबाद इलाके में स्थित टॉल प्लाजा से स्कॉर्पियो गुजरा है, क्योंकि टॉल प्लाजा का शुल्क के कटने की सूचना उनके मोबाइल फोन पर आया है. इसके बाद गाड़ी का पता नहीं चल रहा है. क्योंकि, चोरों ने जीएसपी सिस्टम को बंद कर दिया. पीड़ित दुकानदार के बयान पर कोतवाली थाने की पुलिस केस दर्ज कर मामले की छानबीन में जुट गयी है.

शहरी इलाके से कई स्कॉर्पियो की हो चुकी है चोरी

गया जी से स्कॉर्पियो की चोरी होने का यह नया मामला नहीं है. इससे पहले शहरी इलाके से करीब डेढ़ दर्जन स्कॉर्पियो की चोरी हो चुकी है. अबतक चोरी गयी एक भी स्कॉर्पियो को खोज निकालने में गया पुलिस अक्षम साबित हुई. स्कॉर्पियो की चोरी के मामले में पुलिस का एक ही रटा-रटाया जवाब है कि केस दर्ज कर लिया गया है. मामले की छानबीन की जा रही है.

पुलिस के इसी रवैये का फायदा चोर गिरोह उठा रहे हैं और उनका दुस्साहस इतना बढ़ गया है कि अपराधियों ने गया जी शहर में स्थित एसएसपी आवास के सामने मुहल्ले में रहनेवाले विधान पार्षद अफाक अहमद खान के प्रतिनिधि मोहम्मद मुख्तार खान की स्कॉर्पियो की चोरी कर चुके हैं. मगध मेडिकल थाने के तत्कालीन दारोगा अबुजर हुसैन अंसारी की स्कॉर्पियो की चोरी चोर गया जी शहर के करीमगंज मुहल्ले से कर चुके हैं.

चोरों के गिरोह ने मगध मेडिकल थाना क्षेत्र के शिवनगर-घूटिया रोड में रहनेवाली महिला सिपाही के पति विशाल दांगी की स्कॉर्पियो की चोरी कर चुके हैं. शहर की एपी कॉलोनी से बाराचट्टी के रहने वाले भाजपा नेता की स्कॉर्पियो की चोरी कर चुके हैं. इसके अलावा विष्णुपद थाना क्षेत्र के बाइपास-अक्षयवट मोड़ के पास रहने वाले मंटू प्रसाद के घर के पास से उनकी स्कॉर्पियो की चोरी हो चुकी है. इसके अलावे गया जी शहर में कई अन्य स्कॉर्पियो की चोरी हो चुकी है. लेकिन एक भी मामले का खुलासा गया पुलिस नहीं कर सकी है.

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परितोष शाही पिछले 4 वर्षों से डिजिटल मीडिया और पत्रकारिता में सक्रिय हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका से की और वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल की बिहार टीम का हिस्सा हैं. राजनीति, सिनेमा और खेल, विशेषकर क्रिकेट में उनकी गहरी रुचि है. जटिल खबरों को सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाना और बदलते न्यूज माहौल में तेजी से काम करना उनकी विशेषता है. परितोष शाही ने पत्रकारिता की पढ़ाई बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी (BHU) से की. पढ़ाई के दौरान ही पत्रकारिता की बारीकियों को समझना शुरू कर दिया था. खबरों को देखने, समझने और लोगों तक सही तरीके से पहुंचाने की सोच ने शुरुआत से ही इस क्षेत्र की ओर आकर्षित किया. पत्रकारिता में करियर की पहली बड़ी शुरुआत बिहार विधानसभा चुनाव 2020 के दौरान हुई, जब उन्होंने जन की बात के साथ इंटर्नशिप की. इस दौरान बिहार के 26 जिलों में जाकर सर्वे किया. यह अनुभव काफी खास रहा, क्योंकि यहां जमीनी स्तर पर राजनीति, जनता के मुद्दों और चुनावी माहौल को बहुत करीब से समझा. इसी अनुभव ने राजनीतिक समझ को और मजबूत बनाया. इसके बाद राजस्थान पत्रिका में 3 महीने की इंटर्नशिप की. यहां खबर लिखने की असली दुनिया को करीब से जाना. महज एक महीने के अंदर ही रियल टाइम न्यूज लिखने लगे. इस दौरान सीखा कि तेजी के साथ-साथ खबर की सटीकता कितनी जरूरी होती है. राजस्थान पत्रिका ने उनके अंदर एक मजबूत डिजिटल पत्रकार की नींव रखी. पत्रकारिता के सफर में आगे बढ़ते हुए पटना के जनता जंक्शन न्यूज पोर्टल में वीडियो प्रोड्यूसर के रूप में भी काम किया. यहां कैमरे के सामने बोलना, प्रेजेंटेशन देना और वीडियो कंटेंट की बारीकियां सीखीं. करीब 6 महीने के इस अनुभव ने कैमरा फ्रेंडली बनाया और ऑन-स्क्रीन प्रेजेंस को मजबूत किया. 1 अप्रैल 2023 को राजस्थान पत्रिका को प्रोफेशनल तौर पर ज्वाइन किया. यहां 17 महीने में कई बड़े चुनावी कवरेज में अहम भूमिका निभाई. लोकसभा चुनाव 2024 में नेशनल टीम के साथ जिम्मेदारी संभालने का मौका मिला. इसके अलावा मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव के दौरान भी स्टेट टीम के साथ मिलकर काम किया. इस दौरान चुनावी रणनीति, राजनीतिक घटनाक्रम और बड़े मुद्दों पर काम करने का व्यापक अनुभव मिला. फिलहाल परितोष शाही प्रभात खबर डिजिटल बिहार टीम के साथ जुड़े हुए हैं. यहां बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान कई बड़ी खबरों को रियल टाइम में ब्रेक किया, ग्राउंड से जुड़े मुद्दों पर खबरें लिखीं और वीडियो भी बनाए. बिहार चुनाव के दौरान कई जिलों में गांव- गांव घूम कर लोगों की समस्या को जाना-समझा और उनके मुद्दे को जन प्रतिनिधियों तक पहुंचाया. उनकी कोशिश हमेशा यही रहती है कि पाठकों और दर्शकों तक सबसे पहले, सही और असरदार खबर पहुंचे. पत्रकारिता में लक्ष्य लगातार सीखते रहना, खुद को बेहतर बनाना और भरोसेमंद पत्रकार के रूप में अपनी पहचान मजबूत करना है.

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