Gaya News: 'मुकेश सहनी मेरा क्या…', थाना प्रभारी का गालियों से भरा ऑडियो वायरल, जांच का आदेश जारी
Published by : Paritosh Shahi Updated At : 22 Sep 2024 5:47 PM
मुकेश सहनी (File)
Gaya News: एक ऑडियो वायरल हो रहा है जिसमें गया जिले के आमस थाना क्षेत्र के थाना प्रभारी वीआईपी के प्रखंड अध्यक्ष को गाली दे रहे हैं. यह ऑडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिससे गया पुलिस में हड़कंप मचा हुआ है.
Gaya News: सोशल मीडिया पर एक ऑडियो वायरल हो रहा है जिसमें गया जिले के आमस थाना क्षेत्र के थानाध्यक्ष इंद्रजीत वीआईपी के प्रखंड अध्यक्ष अनिल कुमार को गाली दे रहे हैं. अनिल चोरी होने के मामले में जानकारी लेने थाना पहुंचे थे. उन्होंने थानाध्यक्ष से इस मामले को लेकर कुछ पूछा उसके बाद वो आग बबूला हो गए. गुस्से में तमतमाए थानाध्यक्ष ने वीआईपी चीफ और पूर्व मंत्री मुकेश सहनी के खिलाफ भी अभद्र शब्दों का इस्तेमाल किया.
मामला जानिए
दरअसल, अनिल कुमार अपनी मोटरसाइकिल की चोरी होने के केस के बारे में जानकारी लेने गया जिले के आमस थाना पहुंचे थे. इसपर थानाध्यक्ष आग गुस्सा गए. उनको इतना ज्यादा गुस्सा आया कि उन्होंने पूर्व मंत्री मुकेश सहनी पर भी जमकर अभद्र भाषा का प्रयोग किया. थानाध्यक्ष ने कहा ‘मुकेश सहनी तो अब मंत्री भी नहीं हैं पूर्व मंत्री हैं. मेरा क्या उखाड़ लेगा. यहां भी सीएम के रिश्तेदार है मालूम है न..? मुकेश सहनी पर तुम उछल रहा है?’ बता दें कि प्रभात खबर इस वायरल ऑडियो की पुष्टि नहीं करता है.
इसके बाद थानाध्यक्ष ने कहा, ‘तुम हमको अनुसंधान सिखाएगा. तुम कौन होता है सीसीटीवी फुटेज मांगने वाला? तुम मेरा डीएसपी है या एसपी…पैरवी करवाता है कि मंत्री के पीए बोल रहे हैं तो यहां क्या लगता है कि चौकीदार बैठा है.’
SSP ने दिया जांच का आदेश
ऑडियो वायरल होने के बाद हंगामा मचा हुआ है. अब इस मामले पर एसएसपी आशीष भारती का बयान आया है, जिसमें उन्होंने कहा कि वायरल ऑडियो की जांच के लिए शेरघाटी अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी 1 को निर्देश दिया गया है.
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By Paritosh Shahi
परितोष शाही पिछले 4 वर्षों से डिजिटल मीडिया और पत्रकारिता में सक्रिय हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका से की और वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल की बिहार टीम का हिस्सा हैं. राजनीति, सिनेमा और खेल, विशेषकर क्रिकेट में उनकी गहरी रुचि है. जटिल खबरों को सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाना और बदलते न्यूज माहौल में तेजी से काम करना उनकी विशेषता है. परितोष शाही ने पत्रकारिता की पढ़ाई बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी (BHU) से की. पढ़ाई के दौरान ही पत्रकारिता की बारीकियों को समझना शुरू कर दिया था. खबरों को देखने, समझने और लोगों तक सही तरीके से पहुंचाने की सोच ने शुरुआत से ही इस क्षेत्र की ओर आकर्षित किया. पत्रकारिता में करियर की पहली बड़ी शुरुआत बिहार विधानसभा चुनाव 2020 के दौरान हुई, जब उन्होंने जन की बात के साथ इंटर्नशिप की. इस दौरान बिहार के 26 जिलों में जाकर सर्वे किया. यह अनुभव काफी खास रहा, क्योंकि यहां जमीनी स्तर पर राजनीति, जनता के मुद्दों और चुनावी माहौल को बहुत करीब से समझा. इसी अनुभव ने राजनीतिक समझ को और मजबूत बनाया. इसके बाद राजस्थान पत्रिका में 3 महीने की इंटर्नशिप की. यहां खबर लिखने की असली दुनिया को करीब से जाना. महज एक महीने के अंदर ही रियल टाइम न्यूज लिखने लगे. इस दौरान सीखा कि तेजी के साथ-साथ खबर की सटीकता कितनी जरूरी होती है. राजस्थान पत्रिका ने उनके अंदर एक मजबूत डिजिटल पत्रकार की नींव रखी. पत्रकारिता के सफर में आगे बढ़ते हुए पटना के जनता जंक्शन न्यूज पोर्टल में वीडियो प्रोड्यूसर के रूप में भी काम किया. यहां कैमरे के सामने बोलना, प्रेजेंटेशन देना और वीडियो कंटेंट की बारीकियां सीखीं. करीब 6 महीने के इस अनुभव ने कैमरा फ्रेंडली बनाया और ऑन-स्क्रीन प्रेजेंस को मजबूत किया. 1 अप्रैल 2023 को राजस्थान पत्रिका को प्रोफेशनल तौर पर ज्वाइन किया. यहां 17 महीने में कई बड़े चुनावी कवरेज में अहम भूमिका निभाई. लोकसभा चुनाव 2024 में नेशनल टीम के साथ जिम्मेदारी संभालने का मौका मिला. इसके अलावा मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव के दौरान भी स्टेट टीम के साथ मिलकर काम किया. इस दौरान चुनावी रणनीति, राजनीतिक घटनाक्रम और बड़े मुद्दों पर काम करने का व्यापक अनुभव मिला. फिलहाल परितोष शाही प्रभात खबर डिजिटल बिहार टीम के साथ जुड़े हुए हैं. यहां बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान कई बड़ी खबरों को रियल टाइम में ब्रेक किया, ग्राउंड से जुड़े मुद्दों पर खबरें लिखीं और वीडियो भी बनाए. बिहार चुनाव के दौरान कई जिलों में गांव- गांव घूम कर लोगों की समस्या को जाना-समझा और उनके मुद्दे को जन प्रतिनिधियों तक पहुंचाया. उनकी कोशिश हमेशा यही रहती है कि पाठकों और दर्शकों तक सबसे पहले, सही और असरदार खबर पहुंचे. पत्रकारिता में लक्ष्य लगातार सीखते रहना, खुद को बेहतर बनाना और भरोसेमंद पत्रकार के रूप में अपनी पहचान मजबूत करना है.
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