Smart Meter: बिहार में स्मार्ट मीटर के नाम पर बड़ा फ्रॉड, एप इनस्टॉल करा ऐंठे हजारों रुपये

Published by : Paritosh Shahi Updated At : 22 Sep 2024 4:09 PM

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Smart Meter News: बिहार में स्मार्ट मीटर के नाम पर साइबर फ्रॉड की घटनाएं सामने आ रही है. बिहार सरकार की नई स्कीम के नाम पर लोगों को ठगा जा रहा है.

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Smart Meter News: बिहार में स्मार्ट मीटर लगाने का काम तेजी से चल रहा है. बिहार सरकार की ओर से कुछ दिन पहले आदेश जारी किया गया था कि जल्द से जल्द सभी सरकारी भवनों में स्मार्ट मीटर लगा दी जाए नहीं तो बिजली काट दी जाएगी. कई जिलों में स्मार्ट मीटर लगाने को लेकर बवाल भी हुआ है. शुक्रवार को गोपालगंज जिले में स्मार्ट मीटर लगाने का विरोध करने पर पुरे गाँव की बिजली काट दी गई थी. पुलिस के हस्तक्षेप के बाद गाँव में बिजली आई. एक तरफ लोग स्मार्ट मीटर लगने से परेशान हैं तो दूसरी तरफ साइबर फ्रॉड रोज़ नई-नई तरकीबें अपनाते जा रहे हैं, जिससे पुलिस भी परेशान है. सरकार द्वारा लाई जा रही हर नई योजना का उपयोग कर वे ठगी की वारदातों को अंजाम दे रहे हैं. साइबर ठग अब बिजली के प्री-पेड स्मार्ट मीटर के वेरिफिकेशन के लिए मोबाइल पर एप डाउनलोड कराने के नाम पर लोगों से धोखाधड़ी कर रह हैं, जिससे उनके खातों से रकम गायब हो रही है.

बिजली विभाग की अपील काम नहीं आ रही

बिहार में कई लोगों पर साइबर फ्रॉड एप डाउनलोड करा कर पैसा गायब करने का हत्थकंडा को आजमा चुके है. बिजली विभाग ने ठगी पर लगाम लगाने के लिए अपने बिजली उपभोक्ताओं को इससे प्रकार के स्कीम से बचने की अपील किया है. इसके अलावा किसी भी अननोन नंबर से कॉल आने पर अलर्ट रहने को कहा है. संबंधित विभाग की ओर से कहा गया है कि बिजली विभाग द्वारा फिजिकल वेरिफिकेशन होता है. इसके लिए ऑनलाइन या किसी प्रकार को एप की मदद नहीं ली जाती है. यह सीधे-सीधे साइबर फ्रॉड का मामला है. साइबर ठग मोबाइल में एप लोड करा आपके बैंक खातों में सेंध लगा देंगे.

जानिए ठग कैसे गायब कर रहा पैसे

कुछ दिन पहले एक शख्स को अननोन नंबर से कॉल आया और उनसे बताया कि वह बिजली विभाग से बोल रहा है. ठग ने कहा कि आपके मीटर का रिचार्ज खत्म होने वाला है और स्मार्ट मीटर का वेरिफिकेशन भी नहीं हुआ है. इस काम को करने के लिए आपको मोबाइल में एक एप इंस्टाल करना होगा. इसके बाद ठग ने कहा कि एप के माध्यम से 16 रुपये ट्रांसफर करें. इसके बाद ही वेरिफिकेशन की प्रक्रिया शुरू होगी. इस बात की शिकायत उसने बिजली विभाग से कर दी और वो ठगी का शिकार होने से बच गए.

दूसरे केस में यह हुआ कि मुजफ्फरपुर के मलिघाट के रहने वाले रमेश कुमार को भी वेरिफिकेशन के लिए ठग का कॉल आया. उसने भी एप इंस्टाल करने को कहा और रमेश कुमार ने ठग की बात मान ली. उन्होंने 16 रुपया ट्रान्सफर भी कर दिया. इसके बाद कुछ देर तक उनका मोबाइल काम करना बंद हो गया. जब मोबाइल सही से काम करना शुरू हुआ उनके अकाउंट से 3500 रुपया गायब हो चुका था. उन्होंने इसकी ऑनलाइन शिकायत दर्ज भी की. लेकिन, अब तक कुछ खास पता नहीं चल पाया है.

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Paritosh Shahi

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परितोष शाही पिछले 4 वर्षों से डिजिटल मीडिया और पत्रकारिता में सक्रिय हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका से की और वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल की बिहार टीम का हिस्सा हैं. राजनीति, सिनेमा और खेल, विशेषकर क्रिकेट में उनकी गहरी रुचि है. जटिल खबरों को सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाना और बदलते न्यूज माहौल में तेजी से काम करना उनकी विशेषता है. परितोष शाही ने पत्रकारिता की पढ़ाई बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी (BHU) से की. पढ़ाई के दौरान ही पत्रकारिता की बारीकियों को समझना शुरू कर दिया था. खबरों को देखने, समझने और लोगों तक सही तरीके से पहुंचाने की सोच ने शुरुआत से ही इस क्षेत्र की ओर आकर्षित किया. पत्रकारिता में करियर की पहली बड़ी शुरुआत बिहार विधानसभा चुनाव 2020 के दौरान हुई, जब उन्होंने जन की बात के साथ इंटर्नशिप की. इस दौरान बिहार के 26 जिलों में जाकर सर्वे किया. यह अनुभव काफी खास रहा, क्योंकि यहां जमीनी स्तर पर राजनीति, जनता के मुद्दों और चुनावी माहौल को बहुत करीब से समझा. इसी अनुभव ने राजनीतिक समझ को और मजबूत बनाया. इसके बाद राजस्थान पत्रिका में 3 महीने की इंटर्नशिप की. यहां खबर लिखने की असली दुनिया को करीब से जाना. महज एक महीने के अंदर ही रियल टाइम न्यूज लिखने लगे. इस दौरान सीखा कि तेजी के साथ-साथ खबर की सटीकता कितनी जरूरी होती है. राजस्थान पत्रिका ने उनके अंदर एक मजबूत डिजिटल पत्रकार की नींव रखी. पत्रकारिता के सफर में आगे बढ़ते हुए पटना के जनता जंक्शन न्यूज पोर्टल में वीडियो प्रोड्यूसर के रूप में भी काम किया. यहां कैमरे के सामने बोलना, प्रेजेंटेशन देना और वीडियो कंटेंट की बारीकियां सीखीं. करीब 6 महीने के इस अनुभव ने कैमरा फ्रेंडली बनाया और ऑन-स्क्रीन प्रेजेंस को मजबूत किया. 1 अप्रैल 2023 को राजस्थान पत्रिका को प्रोफेशनल तौर पर ज्वाइन किया. यहां 17 महीने में कई बड़े चुनावी कवरेज में अहम भूमिका निभाई. लोकसभा चुनाव 2024 में नेशनल टीम के साथ जिम्मेदारी संभालने का मौका मिला. इसके अलावा मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव के दौरान भी स्टेट टीम के साथ मिलकर काम किया. इस दौरान चुनावी रणनीति, राजनीतिक घटनाक्रम और बड़े मुद्दों पर काम करने का व्यापक अनुभव मिला. फिलहाल परितोष शाही प्रभात खबर डिजिटल बिहार टीम के साथ जुड़े हुए हैं. यहां बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान कई बड़ी खबरों को रियल टाइम में ब्रेक किया, ग्राउंड से जुड़े मुद्दों पर खबरें लिखीं और वीडियो भी बनाए. बिहार चुनाव के दौरान कई जिलों में गांव- गांव घूम कर लोगों की समस्या को जाना-समझा और उनके मुद्दे को जन प्रतिनिधियों तक पहुंचाया. उनकी कोशिश हमेशा यही रहती है कि पाठकों और दर्शकों तक सबसे पहले, सही और असरदार खबर पहुंचे. पत्रकारिता में लक्ष्य लगातार सीखते रहना, खुद को बेहतर बनाना और भरोसेमंद पत्रकार के रूप में अपनी पहचान मजबूत करना है.

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