भुरहा दुब्बा उत्खनन से खुलेगा बौद्ध इतिहास का नया अध्याय, पुरातत्वविदों ने बताया अनमोल खजाना

Published by : Suryakant Kumar Updated At : 28 May 2026 8:07 PM

विज्ञापन

सांकेतिक तस्वीर (ai generated )

Gaya Ji News: गया जिले के गुरूआ स्थित भुरहा दुब्बा उत्खनन स्थल का इन्टैक टीम ने परिभ्रमण किया. पुरातत्वविदों ने कहा कि यहां का उत्खनन मगध में बौद्ध धर्म के विस्तार और प्राचीन इतिहास पर नया प्रकाश डालेगा. विशेषज्ञों ने इस स्थल को पुरातत्व का अनमोल खजाना बताया है.

विज्ञापन

Gaya Ji News (डॉ प्रमोद कुमार वर्मा): भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग के निर्देशन में मगध विश्वविद्यालय के प्राचीन भारतीय एवं एशियाई अध्ययन विभाग द्वारा गया जिले के गुरूआ के भुरहा दुब्बा में हुए उत्खनन स्थल का गया जी इन्टैक टीम ने अपने सदस्यों के साथ परिभ्रमण किया. स्थल पर पहुंचते ही पुरात्वविद डॉ.शंकर शर्मा, विभागाध्यक्ष अलका मिश्रा, डॉ अनूप कुमार,अमित कुमार, कुणाल कुमार, सौरभ कुमार, रितिका कुमारी ने स्वागत किया और पूरे क्षेत्र के दृश्यावलोकन के साथ गांव की मार्ग व घर-द्वार के बाहर में बिखरे पड़े पुराने अवशेषों और देवालय को दिखाया.

उत्खनन से बौद्ध जगत के इतिहास पर विशेष प्रकाश पड़ेगा

चैप्टर के कन्वीनर प्रो.मनीष सिन्हा ने बताया कि इस उत्खनन से मगध में बौद्ध धर्म के विस्तार पर व्यापक प्रकाश पड़ेगा. उन्होंने इस विपरीत मौसम में उत्खनन जैसे जिम्मेदारी भरे कार्य में लगे सभी लोगों को उत्साहित किया. को-कन्वीनर डॉ.राकेश कुमार सिन्हा’रवि’ ने दुब्बा के मूर्त शिल्प को जिला ही नहीं मगध में विशिष्टता के साथ उपस्थित बताया और कहा की यहां के उत्खनन की नींव 9 मई 2013 को तात्कालिक मुख्यमंत्री नीतीश कुमार जी के भ्रमण के बाद ही तय हो गई थी. सचमुच यहां के उत्खनन से बौद्ध जगत के इतिहास पर विशेष प्रकाश पड़ेगा, इसमें कोई शक नहीं.

उन्होंने बताया वर्ष 1965 में इसी गढ़ क्षेत्र में सरकारी विद्यालय की स्थापना कर दी गई और उसी क्रम में यहां से प्राप्त सैकड़ो को मनौति स्तूप, पाषाण स्तंभ,गोलाकार बैठका, छोटे-बड़े चैत्य और मूर्ति शिल्प की प्राप्ति हुई की प्राप्ति हुई जिसे आज भी विद्यालय परिसर में देखा जा सकता है.

पुरातत्व का अनमोल खजाना

टीम में रिसर्च स्कॉलर अनिल कुमार, डॉ.धीरेंद्र कुमार, रामाश्रय सिंह अनमोल कुमार, रत्नदीप आदि उपस्थित रहे. प्रधान पुरातत्वविद डॉ.शंकर शर्मा ने स्पष्ट किया उत्खनन पूरा होने के बाद सचमुच इस स्थल की महनीयता पूरे देश के पुरातत्व के साथ जुड़ जाएगा. उत्खनन टीम के साथ उपस्थित डॉ.अल्का मिश्रा ने स्पष्ट किया कि सचमुच यह पूरा का पूरा गांव मूर्त्त शिल्प से समृद्ध है और यहां का यह गढ़ पुरातत्व का अनमोल खजाना है. अब यहां उत्खनन की समाप्ति के उपरांत दूसरे चरण के उत्खनन की शुरुआत नवंबर महीने से होने की बात बताई गई.

विभिन्न आकार-प्रकार के मूर्त्त विग्रह के खण्डावशेष मिले

उत्खनन भूमि के तीन प्रकोष्ठों से अभी तक विभिन्न कालखंडों के अनेकानेक मृदभांड, छोटे-बड़े अलंकृत मनौती स्तूप, विभिन्न आकार-प्रकार के मूर्त्त विग्रह के खण्डावशेषों की प्राप्ति हुई है. सचमुच पुरातत्व जगत के लिए यह स्थल अप्रतिम उपहार है और इसके लिए उत्खनन में लगे सभी लोगों को मंगल कामनाएं अर्पित कर स्थान के अध्ययन के बाद टीम वापस लौट गई.

Also Read: सशक्त स्थाई समिति चुनाव को लेकर शेरघाटी नगर परिषद में हलचल, पुराने चेहरों की वापसी तय

विज्ञापन
Suryakant Kumar

लेखक के बारे में

By Suryakant Kumar

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन