Gaya Industrial Corridor: गया को होगा एक लाख करोड़ का निवेश, जीतन राम मांझी बोले- एक लाख से अधिक लोगों को मिलेगा रोजगार
सांकेतिक तस्वीर
Gaya Industrial Corridor: गयाजी को विकास की नई रफ्तार मिलने जा रही है. केंद्रीय एमएसएमई मंत्री जीतन राम मांझी ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन के तहत इस वर्ष के अंत तक गया को एक लाख करोड़ रुपये की योजनाओं की सौगात मिलेगी.
Gaya Industrial Corridor: केंद्रीय एमएसएमई मंत्री जीतन राम मांझी ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का निर्देश है कि इस साल के अंत तक गयाजी के लोगों को करीब 1लाख करोड़ की योजनाओं का लाभ मिले. उन्होंने बताया कि कई परियोजनाओं पर तेजी से काम शुरू हो चुका है जिसका जमीनी लाभ भी जल्द ही देखने को मिलेगा. मांझी ने कहा कि गया जिले के डोभी प्रखंड में बिहार का सबसे बड़ा इंडस्ट्रियल एरिया विकसित किया जा रहा है.
IMC की जानकारी
यह क्षेत्र अमृतसर-कोलकाता इंडस्ट्रियल कॉरिडोर (AKIC) के तहत बन रहा है इंटीग्रेटेड मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर (IMC), जिसमे लगभग 16,524 करोड़ रूपये का निवेश संभावित है और करीब 1 लाख लोगों को रोजगार मिलने की उम्मीद है. उन्होंने बताया कि इस परियोजना के लिए 1,670 एकड़ जमीन का आदिग्रहण पहले ही किया जा चूका है.
इसके अलावा एमएसएमई मंत्रालय ने गया में 125 करोड़ की लागत से आधुनिक टेक्नोलॉजी सेंटर खोलने की स्वीकृति भी दे दी गई है. जमीन के अधिग्रहण की प्रक्रिया अभी जारी है और निर्माण कार्य जल्द ही शुरू किया जाएगा.
बिहार चुनाव की ताजा खबरों के लिए क्लिक करें
विष्णुपद मंदिर से 4 लेन रोड का निर्माण
मांझी ने जानकारी दी की इंडस्ट्रियल कॉरिडोर के तहत विष्णुपद मंदिर से बोधगया के मोचारिम गांव तक 4 लेन की सड़क बनाई जाएगी. इस सड़क के बन जाने से विष्णुपद से बोधगया की दूरी मात्र 10 मिनट में तय की जाएगी.
विष्णुपद मंदिर कॉरिडोर के तहत पाथ-वे, शेड हाउस, अल्टरनेटिव एक्सेस रोड और बस स्टॉप का निर्माण किया जाएगा. इस कार्य में लगभग 62 करोड़ रूपये का खर्च. इसके अलावा गयाजी में एक आदर्श कला ग्राम के निर्माण का भी प्रस्ताव रखा गया है. (मृणाल कुमार)
इसे भी पढ़ें: Bihar Mausam Samachar: बिहार के 11 जिलों में 9 और 10 जुलाई को आंधी-तूफान के साथ होगी बारिश, IMD ने जारी किया येलो अलर्ट
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
लेखक के बारे में
By Paritosh Shahi
परितोष शाही पिछले 4 वर्षों से डिजिटल मीडिया और पत्रकारिता में सक्रिय हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका से की और वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल की बिहार टीम का हिस्सा हैं. राजनीति, सिनेमा और खेल, विशेषकर क्रिकेट में उनकी गहरी रुचि है. जटिल खबरों को सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाना और बदलते न्यूज माहौल में तेजी से काम करना उनकी विशेषता है. परितोष शाही ने पत्रकारिता की पढ़ाई बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी (BHU) से की. पढ़ाई के दौरान ही पत्रकारिता की बारीकियों को समझना शुरू कर दिया था. खबरों को देखने, समझने और लोगों तक सही तरीके से पहुंचाने की सोच ने शुरुआत से ही इस क्षेत्र की ओर आकर्षित किया. पत्रकारिता में करियर की पहली बड़ी शुरुआत बिहार विधानसभा चुनाव 2020 के दौरान हुई, जब उन्होंने जन की बात के साथ इंटर्नशिप की. इस दौरान बिहार के 26 जिलों में जाकर सर्वे किया. यह अनुभव काफी खास रहा, क्योंकि यहां जमीनी स्तर पर राजनीति, जनता के मुद्दों और चुनावी माहौल को बहुत करीब से समझा. इसी अनुभव ने राजनीतिक समझ को और मजबूत बनाया. इसके बाद राजस्थान पत्रिका में 3 महीने की इंटर्नशिप की. यहां खबर लिखने की असली दुनिया को करीब से जाना. महज एक महीने के अंदर ही रियल टाइम न्यूज लिखने लगे. इस दौरान सीखा कि तेजी के साथ-साथ खबर की सटीकता कितनी जरूरी होती है. राजस्थान पत्रिका ने उनके अंदर एक मजबूत डिजिटल पत्रकार की नींव रखी. पत्रकारिता के सफर में आगे बढ़ते हुए पटना के जनता जंक्शन न्यूज पोर्टल में वीडियो प्रोड्यूसर के रूप में भी काम किया. यहां कैमरे के सामने बोलना, प्रेजेंटेशन देना और वीडियो कंटेंट की बारीकियां सीखीं. करीब 6 महीने के इस अनुभव ने कैमरा फ्रेंडली बनाया और ऑन-स्क्रीन प्रेजेंस को मजबूत किया. 1 अप्रैल 2023 को राजस्थान पत्रिका को प्रोफेशनल तौर पर ज्वाइन किया. यहां 17 महीने में कई बड़े चुनावी कवरेज में अहम भूमिका निभाई. लोकसभा चुनाव 2024 में नेशनल टीम के साथ जिम्मेदारी संभालने का मौका मिला. इसके अलावा मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव के दौरान भी स्टेट टीम के साथ मिलकर काम किया. इस दौरान चुनावी रणनीति, राजनीतिक घटनाक्रम और बड़े मुद्दों पर काम करने का व्यापक अनुभव मिला. फिलहाल परितोष शाही प्रभात खबर डिजिटल बिहार टीम के साथ जुड़े हुए हैं. यहां बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान कई बड़ी खबरों को रियल टाइम में ब्रेक किया, ग्राउंड से जुड़े मुद्दों पर खबरें लिखीं और वीडियो भी बनाए. बिहार चुनाव के दौरान कई जिलों में गांव- गांव घूम कर लोगों की समस्या को जाना-समझा और उनके मुद्दे को जन प्रतिनिधियों तक पहुंचाया. उनकी कोशिश हमेशा यही रहती है कि पाठकों और दर्शकों तक सबसे पहले, सही और असरदार खबर पहुंचे. पत्रकारिता में लक्ष्य लगातार सीखते रहना, खुद को बेहतर बनाना और भरोसेमंद पत्रकार के रूप में अपनी पहचान मजबूत करना है.
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए










