उत्तरी छोटानागपुर के 7 जिलों में 3 साल से जमे शिक्षाकर्मियों का होगा ट्रांसफर, 27 जून को बैठक
शहर के बड़ा डाकघर के नजदीक क्षेत्रीय शिक्षा संयुक्त निदेशक का मुख्यालय कार्यालय. फोटो: प्रभात खबर
Transfer Posting: उत्तरी छोटानागपुर प्रमंडल में 27 जून को होने वाली बैठक में लंबे समय से एक स्थान पर जमे शिक्षाकर्मियों के ट्रांसफर पर निर्णय लिया जाएगा. हजारीबाग सहित सात जिलों के अधिकारियों की मौजूदगी में 100 से अधिक कर्मियों की सूची पर चर्चा होगी. प्रशासनिक पारदर्शिता और सुधार पर जोर दिया गया.
हजारीबाग से आरिफ की रिपोर्ट
Transfer Posting: उत्तरी छोटानागपुर के सात जिलों में तीन साल से एक ही जगह पर जमे शिक्षाकर्मियों का तबादला होगा. इसके लिए प्रमंडलीय शिक्षा स्थापना समिति की अहम बैठक 27 जून को हजारीबाग में आयोजित की जाएगी. बैठक की तैयारियां पूरी कर ली गई हैं और इसे शिक्षा विभाग में संभावित बड़े प्रशासनिक फेरबदल के तौर पर देखा जा रहा है. प्रभारी क्षेत्रीय शिक्षा संयुक्त निदेशक प्रवीण रंजन ने इस संबंध में आधिकारिक पत्र जारी किया है, जिसमें बैठक की रूपरेखा और एजेंडा स्पष्ट किया गया है.
सात जिलों के अधिकारी रहेंगे शामिल
बैठक में उत्तरी छोटानागपुर प्रमंडल के सात जिलों में हजारीबाग, चतरा, कोडरमा, गिरिडीह, रामगढ़, बोकारो और धनबाद के जिला शिक्षा पदाधिकारी शामिल होंगे. इनके अलावा राजकीय शिक्षक प्रशिक्षण महाविद्यालय हजारीबाग के प्राचार्य को मिलाकर कुल आठ सदस्य इस बैठक का हिस्सा बनेंगे. इससे पहले 18 जून को भी बैठक निर्धारित थी, लेकिन सभी सदस्यों के समय पर उपस्थित न होने के कारण इसे रद्द करना पड़ा था. इस बार प्रशासन कोई जोखिम लेने के मूड में नहीं दिख रहा.
लंबे समय से जमे कर्मियों पर कार्रवाई की तैयारी
माध्यमिक शिक्षा निदेशक द्वारा जारी निर्देश के बाद यह स्पष्ट हो गया है कि लंबे समय से एक ही स्थान पर पदस्थ शिक्षाकर्मियों का स्थानांतरण अब अनिवार्य रूप से किया जाएगा. निर्देश के अनुसार किसी भी शिक्षा कार्यालय में तीन वर्ष से अधिक और एक ही जिले में छह वर्ष से अधिक समय से कार्यरत कर्मियों का ट्रांसफर और पुनः पदस्थापन किया जाना है. जो लोग सालों से एक ही कुर्सी को अपना स्थायी ठिकाना समझ बैठे थे, अब उन्हें नई जगह की हवा खाने के लिए तैयार रहना होगा.
100 से अधिक कर्मियों की सूची तैयार
प्रमंडल स्तर पर पहले से ही ट्रांसफर-पोस्टिंग की प्रारंभिक सूची तैयार कर ली गई है. इस सूची में 100 से अधिक शिक्षाकर्मियों के नाम शामिल बताए जा रहे हैं. सूची में शामिल कर्मियों का एक जिले से दूसरे जिले या एक कार्यालय से दूसरे कार्यालय में स्थानांतरण किया जाएगा. यह प्रक्रिया पूरी तरह प्रशासनिक आवश्यकता और पारदर्शिता के आधार पर की जा रही है.
ट्रेजरी घोटाले के बाद सख्ती तेज
हजारीबाग सहित राज्य के विभिन्न जिलों में सामने आए ट्रेजरी घोटाले के बाद सरकार ने प्रशासनिक तंत्र में लंबे समय से जमे कर्मियों को लेकर सख्ती बढ़ा दी है. शिक्षा विभाग सहित कई विभागों में यह माना जा रहा है कि एक ही स्थान पर लंबे समय तक तैनाती से जवाबदेही कमजोर होती है और अनियमितताओं की संभावना बढ़ जाती है. इसी को देखते हुए अब नियमित अंतराल पर ट्रांसफर नीति को सख्ती से लागू करने पर जोर दिया जा रहा है.
निर्देशों का कड़ाई से पालन करने का आदेश
माध्यमिक शिक्षा निदेशक ने स्पष्ट किया है कि सभी जिला शिक्षा पदाधिकारी निर्देशों का गंभीरता से पालन करें. किसी भी तरह की लापरवाही को गंभीर प्रशासनिक चूक माना जाएगा. प्रभारी क्षेत्रीय शिक्षा संयुक्त निदेशक भी इस प्रक्रिया को तेजी से आगे बढ़ाने में जुटे हैं ताकि 27 जून की बैठक में अंतिम निर्णय लिया जा सके.
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बैठक से बड़े बदलाव की उम्मीद
27 जून की बैठक को शिक्षा विभाग में एक बड़े प्रशासनिक बदलाव की शुरुआत माना जा रहा है. यदि प्रस्तावित सूची पर मुहर लगती है, तो उत्तरी छोटानागपुर के कई शिक्षाकर्मियों को नए जिले और नए दफ्तर में स्थानांतरण का सामना करना पड़ेगा. यह कदम प्रशासनिक व्यवस्था में पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है, हालांकि प्रभावित कर्मियों के लिए यह बदलाव निश्चित रूप से एक बड़ा झटका साबित हो सकता है.
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By KumarVishwat Sen
कुमार विश्वत सेन प्रभात खबर डिजिटल में डेप्यूटी चीफ कंटेंट राइटर हैं. इनके पास हिंदी पत्रकारिता का 25 साल से अधिक का अनुभव है. इन्होंने 21वीं सदी की शुरुआत से ही हिंदी पत्रकारिता में कदम रखा. दिल्ली विश्वविद्यालय से हिंदी पत्रकारिता का कोर्स करने के बाद दिल्ली के दैनिक हिंदुस्तान से रिपोर्टिंग की शुरुआत की. इसके बाद वे दिल्ली में लगातार 12 सालों तक रिपोर्टिंग की. इस दौरान उन्होंने दिल्ली से प्रकाशित दैनिक हिंदुस्तान दैनिक जागरण, देशबंधु जैसे प्रतिष्ठित अखबारों के साथ कई साप्ताहिक अखबारों के लिए भी रिपोर्टिंग की. 2013 में वे प्रभात खबर आए. तब से वे प्रिंट मीडिया के साथ फिलहाल पिछले 10 सालों से प्रभात खबर डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. इन्होंने अपने करियर के शुरुआती दिनों में ही राजस्थान में होने वाली हिंदी पत्रकारिता के 300 साल के इतिहास पर एक पुस्तक 'नित नए आयाम की खोज: राजस्थानी पत्रकारिता' की रचना की. इनकी कई कहानियां देश के विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हुई हैं.
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