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Gaya News: गयाजी डैम के पानी को मेंटेन रखने के लिए DM ने जारी किया आदेश, चारों बोरिंग होंगे चालू

Updated at : 25 Feb 2025 7:39 PM (IST)
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Gaya News: गयाजी डैम के पानी को मेंटेन रखने के लिए DM ने जारी किया आदेश, चारों बोरिंग होंगे चालू

बैठक में मौजूद डीएम व अन्य

Gaya News: गयाजी डैम के निर्माण के बाद जुलाई से मार्च तक पानी की कोई दिक्कत नही रहती है. इससे तीर्थयात्रियों को तर्पण में काफी सहूलियत होती है. अप्रैल से पानी सूखने लगता है, इसी को मेंटेन रखने के की नदी में चार बोरिंग कराया गया था.

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Gaya News: डीएम डॉ त्यागराजन एसएम ने बैठक को संबोधित करते हुए मंगलवार को कहा कि गयाजी डैम के पानी को मेंटेन रखने के लिए चार बड़ी-बड़ी डीप बोरिंग को दो दिनों के अंदर फंक्शनल कराकर चालू करा दें. इसके अलावा जरूरत के अनुसार आकलन करके बोरिंग कराएं, ताकि डैम के पानी को स्वच्छ के साथ मेंटेन रखा जाये. बैठक में विष्णुपद मंदिर प्रबंधकारिणी समिति के पुरोहित, समाजसेवी बृजनंदन पाठक सहित अन्य के साथ नगर आयुक्त कुमार अनुराग और गयाजी डैम के कार्यपालक अभियंता विकास कुमार आदि मौजूद थे. गयाजी डैम में मॉनसून का पानी ही जमा होता है. जब तक पीछे से पानी का फ्लो आता है, उसी पानी को संरक्षित रखा जाता है. डीएम ने कहा कि गयाजी डैम को स्वच्छ रखने में सभी का सहयोग अपेक्षित है. लोगों से अपील की कि नदी में गंदगी, मालबा, कचरा नहीं फेंके. ये सभी की नदी है, इसे स्वच्छ रखने में सहयोग सभी को करना चाहिए.

डैम की होती है समय पर सफाई

गयाजी डैम के कार्यपालक अभियंता ने बताया कि डैम को स्वच्छ रखने की एसओपी बनायी गयी हैं. हर वर्ष मई माह में डैम में जमी गाद की सफाई करवायी जाती है. डीएम ने कहा कि गाद की सफाई तय समय पर शुरू हो और माॅनसून के पहले पूरी तरह गाद की सफाई पूर्ण हो जाये. कार्यपालक अभियंता सिंचाई प्रमंडल से कहा कि डैम से निकले गाद को उपयुक्त दूरी पर ले जाकर डिस्पोज किया जाये. सुरक्षा के लिए कंट्रोल रूम भी बनाये गये हैं, जो सभी चीजों पर नजर बनाये रखते हैं. वाटर मेकर मशीन अर्थात डैम में जल कम रहने पर नदी जल को मेंटेन के लिए बोरिंग की गयी. उसी पानी से मेंटेन रखना है. बैठक में बताया गया कि प्रतिदिन पिंड व पूजन सामग्री डैम में ही प्रवाहित होते हैं, जिसके कारण डैम का पानी दूषित हो रहा है. डीएम ने नगर आयुक्त को कहा कि जाल के माध्यम से पानी में फेंकी गयी पूजन सामग्रियों को हटवाएं. साथ ही घाट की नियमित साफ-सफाई की व्यवस्था रखें. जरूरत पड़े तो ब्लीचिंग पाउडर का भी छिड़काव करवायें.

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टेक्नोलॉजी टीम से संपर्क करें

डीएम ने कहा कि ट्यूब टेक्नोलॉजी या अन्य कोई विशेष टेक्नोलॉजी पर विचार करें कि कैसे डैम के पानी को स्वच्छ और निर्मल रखा जा सके. इसके लिए टेक्नोलॉजी टीम से संपर्क करने का सुझाव कार्यपालक अभियंता को दिया गया. डैम के घाट के समीप खाली जगहों पर जिला वन पदाधिकारी के माध्यम से प्लांटेशन करवाया जायेगा. डीएम ने कहा कि डैम के डाउनस्टीम में फल्गु नदी के बायां तरफ अतिरिक्त 250 मीटर भूमिगत नाले का विस्तार करने का काम प्रगति पर है.

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Paritosh Shahi

लेखक के बारे में

By Paritosh Shahi

परितोष शाही डिजिटल माध्यम में पिछले 3 सालों से पत्रकारिता में एक्टिव हैं. करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका से की. अभी प्रभात खबर डिजिटल बिहार टीम में काम कर रहे हैं. देश और राज्य की राजनीति, सिनेमा और खेल (क्रिकेट) में रुचि रखते हैं.

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