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मिनी देवघर के नाम से जाना जाता है बिहार का यह प्रसिद्ध मंदिर, 40 किमी पैदल जाकर चल चढ़ाते हैं श्रद्धालु, जानें महिमा

Updated at : 25 Feb 2025 6:29 PM (IST)
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बाबा ब्रजलेश्वर महादेव मंदिर

Baba Brajaleshwar Mahadev Temple: बाबा ब्रजलेश्वर महादेव मंदिर के चौखट पर आने वाले भक्तों की सारी मनोकामनाएं पूर्ण होती है. सावन के माह में खासकर विशेष कर जनसैलाब यहां उमर जाता है. महाशिवरात्रि के दिन होगा रुद्राभिषेक महाशिवरात्रि के दिन विशेष रुद्राभिषेक मंदिर का किया जाएगा.

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Baba Brajaleshwar Mahadev Temple, अंजनी कुमार कश्यप: भागलपुर जिले में बाबा ब्रजलेश्वर महादेव मंदिर में शिवरात्रि को लेकर भव्य तैयारी हो रही है. जिला प्रशासन और मंदिर ट्रस्ट की ओर से मंदिर के आने वाले श्रद्धालुओं को कोई परेशानी ना हो इसको लेकर विशेष ध्यान दिया जा रहा है. मंदिर के मुख्य पुजारी के मुताबिक वैदिक विधि विधान के साथ मंदिर में शिव विवाह संपन्न होगी. इस दौरान श्रद्धालु भगवान भोले की बराती बन पाएंगे. मंदिर का 400 साल पुराना इतिहास रहा है. बाबा भोले का यह दरबार लोगों के बीच मिनी देवघर के नाम से प्रख्यात है.

जानिए इस मंदिर की कैसे हुई स्थापना

बाबा ब्रजलेश्वर महादेव मंदिर के पुजारी बताते हैं कि बाबा ब्रह्मेश्वर नाथ अकाल मौत को भी टाल देते हैं. यह मंदिर की स्थापना क्षेत्र के ही राजा झब्बन सिंह ने जन सहयोग से करवाया था. इस मंदिर के जगह पर पूर्व में जंगल हुआ करता था. जंगल में चरवाहा की गाय हर रोज एक निश्चित स्थान पर अपना सारा दूध बहा देती थी, इसको लेकर आसपास के इलाके में चर्चा हुई तो लोगों ने साहस कर उस जगह को कुदाल से खुदाई की तो वहां शिवलिंग पाया. उसी दिन रात को राजा को महादेव ने सपना दिया कि यहां पर मंदिर का निर्माण होना चाहिए. मंदिर का निर्माण तब से यहां पर हो रखा है.समय-समय पर मंदिर का मेंटेनेंस वही के लोगों के द्वारा किया जाता रहा है.

40 किलोमीटर पैदल यात्रा कर चढ़ाते हैं जल, मनोमकना होती है पूरी

मंदिर के बारे में पुजारी बताते हैं कि सोमवार को बैरागन का दिन होता है. जहां पर की हजारों लोग जल अर्पण करने मंदिर पहुंचते हैं. सुल्तानगंज के अगवानी घाट से जल भरकर 40 किलोमीटर पैदल यात्रा करते वक्त मरवा पहुंचते हैं, सुरक्षा एवं विधि व्यवस्था के मद्देनजर पुलिस बल व ग्रामीण स्वयंसेवक भी तैनात रहते हैं. उनका कहना है कि यह मनोकामना मंदिर है यहां पर कोई भक्त खाली नहीं जाता है. 26 फरवरी की सुबह 8:00 बजे से ही प्रशासनिक अधिकारी ट्रस्ट एवं परिजनों एवं स्थानीय प्रतिनिधियों की उपस्थिति में विशेष रुद्राभिषेक भी होना है. इसके बाद मेले का उद्घाटन किया जाएगा. श्रद्धालुओं के लिए सुबह से ही मंदिर के कपाट खोल दिए जाएंगे. इसके बाद भक्त महादेव को जलाभिषेक कर सकेंगे.

एसपी ने क्या बताया

एसपी प्रेरणा कुमार ने कहा कि शिवरात्रि को लेकर हम पूर्ण रूप से तैयार है. हमलोगों ने सभी थानेदारों के साथ मीटिंग कर ली है. जहां श्रृद्धालुओं की संख्या ज्यादा होती है. हर जगह पुलिस पदाधिकारी मौजूद रहेगी.

क्या बोले मुख्य पुजारी

मंदिर के मुख्य पुजारी संजय पांडे ने कहा कि महाशिवरात्रि को लेकर बहुत जोर शोर से तैयारी चल रही है. यहां बाबा शिव का झांकी निकाली जाएगी और भगवान शिव की बारात भी निकाली जाएगी जो शिव मंदिर बाबा ब्रजलेश्वर स्थान से निकल कर नेशनल हाईवे होते हुए बिहपुर गांव और झंडापुर गांव होते हुए पुनः मंदिर पहुंचती है.

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Paritosh Shahi

लेखक के बारे में

By Paritosh Shahi

परितोष शाही डिजिटल माध्यम में पिछले 3 सालों से पत्रकारिता में एक्टिव हैं. करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका से की. अभी प्रभात खबर डिजिटल बिहार टीम में काम कर रहे हैं. देश और राज्य की राजनीति, सिनेमा और खेल (क्रिकेट) में रुचि रखते हैं.

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