बकाया पैसा मांगने पर ठेकेदार के घर के गेट पर फेंका कचरा

नगर निगम के अधिकारियों पर ठेकेदार ने लगाया गंभीर आरोप
नगर निगम के अधिकारियों पर ठेकेदार ने लगाया गंभीर आरोप
निगम के आलाधिकारियों पल्ला झाड़ा, नगर आयुक्त ने दिये जांच के आदेश
जांच के लिए पहुंचे अधिकारियों के साथ हुई थी तीखी नोखझोंक
वरीय संवाददाता, गया जी. नगर निगम अपने अजीबोगरीब कारनामों के कारण अक्सर विवादों में घिरा रहता है. इस बार फिर एक नया विवाद सामने आया है. नल-जल से जुड़े एक ठेकेदार ने निगम के अधिकारियों पर अमानवीय व्यवहार और दबाव बनाने के लिए शर्मनाक हरकत करने का गंभीर आरोप लगाया है. इस मामले को गंभीरता से लेते हुए नगर आयुक्त ने जांच के आदेश दे दिये हैं. आरोप है कि बकाया भुगतान की मांग करने पर ठेकेदार के घर के मुख्य द्वार पर कचरा फेंकवा दिया गया. इस घटना से नगर निगम की कार्यशैली पर सवाल खड़े हो गये हैं.मकान में मध्य बिहार ग्रामीण बैंक भी संचालितमामला शहर के कुजापी स्थित नल-जल ठेकेदार अनिल भूषण के घर का है. आरोप है कि उनके घर के मुख्य प्रवेश द्वार पर नालियों से निकाले गये कचरे का बड़ा ढेर फेंक दिया गया. इसी मकान में मध्य बिहार ग्रामीण बैंक भी संचालित होता है, जिससे ग्राहकों को भी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है. ठेकेदार का कहना है कि नगर निगम के जल पर्षद कार्यपालक अभियंता समेत कुछ अधिकारी बुधवार को जांच के लिए पहुंचे थे. इस दौरान उन्होंने स्पष्ट कहा कि पहले बकाया राशि का भुगतान किया जाये, उसके बाद ही मरम्मत कार्य शुरू होगा. इसके बाद दोनों पक्षों के बीच तीखी नोकझोंक हुई और अधिकारी वापस लौट गये.
देर रात ट्रैक्टर से गिराया गया कचराठेकेदार अनिल भूषण ने बताया कि देर रात करीब 10:20 बजे नगर निगम के कूड़ा ढोने वाले ट्रैक्टर से उनके घर के मुख्य द्वार पर कचरा गिरा दिया गया. उनका आरोप है कि यह कार्रवाई निगम अधिकारियों के इशारे पर हुई. ठेकेदार व उनके मैनेजर राकेश कुमार का कहना है कि वे लंबे समय से नगर निगम के लिए जलापूर्ति से जुड़े कार्य जैसे जल-नल, प्याऊ और चापाकल मरम्मत का काम करते आ रहे हैं. पिछले सात महीनों से भुगतान लंबित है. कई बार लिखित और मौखिक अनुरोध के बावजूद केवल आश्वासन मिला है. उन्होंने यह भी दावा किया कि उनके पास पूरी घटना का सीसीटीवी फुटेज मौजूद है.
क्या कहते हैं अधिकारीनगर आयुक्त अभिषेक पलासिया ने कहा कि जांच के लिए टीम भेजी गयी थी, लेकिन कचरा फेंके जाने की जानकारी उन्हें नहीं है. इस मामले की जांच कर कार्रवाई की जायेगी. जल पर्षद कार्यपालक अभियंता राकेश कुमार सिंह ने कहा कि वे ठेकेदार के घर नहीं गये थे. उन्हें इस घटना की कोई जानकारी नहीं है. स्वच्छता पदाधिकारी शुभम कुमार ने कहा कि कचरा फेंकने की जानकारी उनके पास नहीं है. यदि ऐसा हुआ है, तो जांच कर उचित कार्रवाई की जायेगी.
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