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बोधगया में श्रद्धालुओं को मिल रहीं सुविधाएं बन रहा चुनावी मुद्दा

Updated at : 26 Oct 2025 5:42 PM (IST)
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बोधगया में श्रद्धालुओं को मिल रहीं सुविधाएं बन रहा चुनावी मुद्दा

अंतरराष्ट्रीय स्तर की सुविधा मौजूद नहीं होने के कारण पर्यटकों का कम होता है आवक

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पर्यटन पर आधारित है बोधगया की अर्थव्यवस्था

अंतरराष्ट्रीय स्तर की सुविधा मौजूद नहीं होने के कारण पर्यटकों का कम होता है आवक

वरीय संवाददाता, बोधगया

मुख्य रूप से देशी-विदेशी श्रद्धालुओं व सैलानियों की आवाजाही पर बोधगया की अर्थव्यवस्था निर्भर करता है. बौद्ध श्रद्धालुओं का आना जाना जितना ज्यादा होता, बोधगया स्थित व्यवसाय को उतना ही लाभ पहुंचेगा. यहां स्थित होटल, गेस्ट हाउस के साथ-साथ अन्य कारोबार पर भी विदेशी श्रद्धालुओं के आवाजाही से असर पड़ता है. विश्व शांति की कामना के साथ विभिन्न बौद्ध संगठनों द्वारा महाबोधि मंदिर में आयोजित होने वाले पूजा समारोहों में शामिल होने के लिए यहां आने वाले बौद्ध श्रद्धालुओं से यहां की अर्थव्यवस्था जुड़ी हुई है. इसके लिए यह जरूरी है कि ज्यादा से ज्यादा और ज्यादा दिनों तक बोधगया में बौद्ध श्रद्धालु व पर्यटक प्रवास करें ताकि उनके द्वारा खर्च की जाने वाली राशि से बोधगया के विभिन्न व्यवसाय को लाभ मिल सके. लेकिन, इस दिशा में फिलहाल वैसा कोई बड़ा व अंतरराष्ट्रीय स्तर की सुविधाएं उपलब्ध नहीं होने के कारण ज्यादातर पर्यटक एक-दो दिनों में ही बोधगया से वापस लौट जाते हैं और इसका पूरा लाभ यहां के व्यवसाय को नहीं मिल पाता है. हालांकि, सरकार ने बोधगया में गोल्फ कोर्स का निर्माण कराने की योजना भी बनायी थी, पर काम नहीं हुआ. लोगों का कहना है कि बोधगया में अंतरराष्ट्रीय स्तर की सड़कें, स्टेडियम, बुद्ध की जीवनी से जुड़ा म्युजियम, निरंजना नदी के कछार पर पार्क व नदी में सालों भर पानी रख कर वोटिंग की व्यवस्था, अंतरराष्ट्रीय स्तर के मॉल व रेस्टोरेंट, जिनमें विभिन्न देशों के व्यंजन उपलब्ध हों. बड़ा मेडिटेशन पार्क व हॉल की सुविधाएं, महाबोधि मंदिर व अन्य मंदिरों के आसपास सड़कों के किनारे बैठने की व्यवस्था व पैदल चलने वालों के लिए अलग से फुटपाथ की सुविधा सहित अन्य कई व्यवस्थाओं के बूते बोधगया में ज्यादा दिनों तक पर्यटकों को रोका जा सकता है. इनमें बोधगया के आसपास स्थित पर्यटन व धार्मिक स्थलों को मुकम्मल विकास के साथ ही इको टूरिज्म को बढ़ावा देने के साथ ही अंतरराष्ट्रीय स्तर की स्वास्थ्य सेवाओं को बहाल करना प्राथमिकता में शामिल करना होगा. अब जबकि विधानसभा चुनाव में बोधगया से खड़े विभिन्न उम्मीदवार वोट मांगते फिर रहे हैं, ऐसे में अब जनता ने बोधगया में विकास को लेकर किये गये कार्यों का लेखाजोखा भी तैयार करनी शुरू कर दिया है. चुनावी मैदान में एनडीए के उम्मीदवार डॉ श्यामदेव पासवान व राजद से कुमार सर्वजीत जनता के बीच पहुंच रहे हैं. दोनों ने बोधगया का प्रतिनिधित्व किया है. कुमार सर्वजीत लगातार तीसरी मर्तबा बोधगया का प्रतिनिधित्व करने के लिए जनता के बीच पहुंचे हैं. अब ऐसे में चुनावी चर्चा के बीच बोधगया के चहुंमुखी विकास की बात होने लगी है ताकि यहां के वासियों का उसका लाभ मिल सके. अब यह चुनावी मुद्दा बनते जा रहा है.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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KALENDRA PRATAP SINGH

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