डेयरी फार्मिंग से आय बढ़ाने के गुर सीख रहे किसान, केवीके में पांच दिवसीय प्रशिक्षण शुरू

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Gaya Ji News :

प्रशिक्षण कार्यशाला में मौजूद वैज्ञानिक एवं प्रतिभागी.

Gaya Ji News : यह प्रशिक्षण पांच जून तक चलेगा. इस दौरान केंद्र के विभिन्न विषय विशेषज्ञों द्वारा प्रतिभागियों को डेयरी व्यवसाय से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां दीं जा रही है.

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Gaya Ji News : (उदय शंकर प्रसाद की रिपोर्ट)

कृषि विज्ञान केंद्र (केवीके) मानपुर द्वारा किसानों, ग्रामीण युवाओं एवं महिलाओं की आय में वृद्धि तथा स्वरोजगार को बढ़ावा देने के उद्देश्य से डेयरी फार्मिंग से आय सृजन विषय पर पांच दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम की शुरुआत की गई. यह प्रशिक्षण पांच जून तक चलेगा.

कार्यक्रम का उद्घाटन कृषि विज्ञान केंद्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं प्रधान वैज्ञानिक इंजीनियर मनोज कुमार ने किया. उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि डेयरी व्यवसाय ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ है तथा सीमांत एवं छोटे किसानों के लिए नियमित आय का सशक्त माध्यम है. उन्होंने वैज्ञानिक डेयरी प्रबंधन, उन्नत नस्लों के चयन, संतुलित आहार एवं बेहतर स्वास्थ्य प्रबंधन को डेयरी व्यवसाय की सफलता का आधार बताया.

उन्होंने कहा कि आधुनिक तकनीकों के उपयोग से दूध उत्पादन बढ़ाकर किसानों की आर्थिक स्थिति में उल्लेखनीय सुधार किया जा सकता है. इस अवसर पर केंद्र के विभिन्न विषय विशेषज्ञों ने भी प्रतिभागियों को डेयरी व्यवसाय से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां दीं.

संतुलित आहार, प्रजनन प्रबंधन, रोग नियंत्रण व टीकाकरण की जानकारी दी गयी

डॉ. अशोक कुमार, वैज्ञानिक (कृषि प्रसार) ने सरकारी योजनाओं, किसान उत्पादक संगठनों (एफपीओ) तथा समूह आधारित डेयरी उद्यमिता की संभावनाओं पर प्रकाश डाला. वहीं, डॉ. अनिल कुमार, वैज्ञानिक (पशुपालन) ने दुग्ध पशुओं के वैज्ञानिक प्रबंधन, संतुलित आहार, प्रजनन प्रबंधन, रोग नियंत्रण, टीकाकरण एवं दुग्ध उत्पादन बढ़ाने की आधुनिक तकनीकों की जानकारी दी.

डॉ. फरहाना खातून, वैज्ञानिक (उद्यानिकी) ने पशुपालन एवं उद्यानिकी आधारित एकीकृत कृषि प्रणाली के माध्यम से अतिरिक्त आय सृजन की संभावनाओं पर चर्चा की. वहीं, डॉ. मोनिका पाटेक, वैज्ञानिक (गृह विज्ञान) ने महिलाओं की डेयरी उद्यमिता में भूमिका, दुग्ध उत्पादों के मूल्य संवर्धन एवं लघु उद्यम स्थापित करने के अवसरों की जानकारी दी. डॉ. रश्मि प्रियदर्शी, वैज्ञानिक (मृदा विज्ञान) ने गोबर एवं जैविक अपशिष्टों के उपयोग से मृदा स्वास्थ्य सुधार एवं जैविक खेती को बढ़ावा देने के उपाय बताए.

सात प्रखंडों के 30 प्रतिभागी ले रहे प्रशिक्षण

प्रशिक्षण कार्यक्रम में गया जिले के सात प्रखंडों से आए 30 महिला एवं पुरुष प्रतिभागी हिस्सा ले रहे हैं. प्रशिक्षण के दौरान उन्हें दुग्ध पशुओं के आवास प्रबंधन, संतुलित आहार निर्माण, हरे चारे का उत्पादन, स्वच्छ दुग्ध उत्पादन, रोग पहचान एवं रोकथाम, टीकाकरण, दुग्ध प्रसंस्करण, मूल्य संवर्धन, विपणन तथा डेयरी उद्यमिता के विभिन्न पहलुओं की सैद्धांतिक एवं व्यावहारिक जानकारी दी जाएगी.

कार्यक्रम का उद्देश्य किसानों, महिलाओं एवं ग्रामीण युवाओं को डेयरी व्यवसाय के माध्यम से आत्मनिर्भर बनाना तथा उनकी आय में सतत वृद्धि सुनिश्चित करना है. प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को सफल डेयरी मॉडल एवं आधुनिक पशुपालन तकनीकों से भी अवगत कराया जाएगा, ताकि वे अपने क्षेत्रों में वैज्ञानिक डेयरी पालन को बढ़ावा दे सकें.

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Rajeev Kumar

लेखक के बारे में

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राजीव कुमार तीन वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय है. हिंदुस्तान और दैनक भास्कर में काम कर चुके हैं. फिलहाल हिंदी डिजिटल मीडिया में कंटेंट राइटर के रूप में अपना योगदान दिए हैं. बिहार के स्थानीय-क्षेत्रिय मुद्दों पर विशेष नजर बनाए रखते है. राजीतिक-सामाजिक गतिविधियों से जुड़ी खबरो पर पकड़ है. खबरों की विश्वसनीयता बनाए रखने के लिए स्रोतों की जांच के साथ तथ्यों की पुष्टि अनिवार्य रूप से करते हैं.

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राजीव कुमार ने पत्रकारिता में मास्टर डिग्री हासिल करने के बाद हिंदुस्तान जैसे प्रतिष्ठित संस्थान में पत्रकारिता का शुरुआती ज्ञान लिया, यहां हेडलाइन, ब्रेकिंग न्यूज, लाइव कवरेज,खबर की थीम,खबरों में तथ्य आदि के बारे में बारीकी से समझा. करीब एक साल तक हिंदुस्तान अखबार में काम करने बाद दैनिक भास्कर में काम करने का मौका मिला. दैनिक भास्कर में जिले से जुड़ी खबर, लोकल खबर समेत कई खबरों की जानकारी मिली.करीब दो साल तक दैनिक भास्कर में काम करने के बाद डिजिटल में पारी की शुरुआत की.

शिक्षा/पुरस्कार

मूल रूप से बिहार के पूर्वी चंपारण के बाबा सोमेश्वरनाथ नगरी रहने वाले राजीव कुमार ने महात्मा गांधी केंद्रीय विश्वविद्यालय मोतिहारी से मास कम्युनिकेशन में पारास्नातक की डिग्री हासिल किया. दैनिक भास्कर में काम करने के दौरान बेतहर हेडिंग और एनओडी पैकेज पर दो-दो पुरस्कार प्राप्त है.

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