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Gaya News : टेक्नोलॉजी और नवाचार से स्वास्थ्य सेवाओं में बड़ा बदलाव संभव

Updated at : 14 Sep 2025 10:45 PM (IST)
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Gaya News : टेक्नोलॉजी और नवाचार से स्वास्थ्य सेवाओं में बड़ा बदलाव संभव

Gaya News : भारतीय प्रबंध संस्थान (आइआइएम) बोधगया ने रविवार को अपने प्रमुख स्वास्थ्य सेवा नेतृत्व शिखर सम्मेलन कन्वर्जेंस 2.0 का सफल आयोजन किया.

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बोधगया. भारतीय प्रबंध संस्थान (आइआइएम) बोधगया ने रविवार को अपने प्रमुख स्वास्थ्य सेवा नेतृत्व शिखर सम्मेलन कन्वर्जेंस 2.0 का सफल आयोजन किया. इस सम्मेलन में उद्योग जगत के दिग्गज, नीति निर्माता, चिकित्सक और नवप्रवर्तक शामिल हुए. विषय था टेक्नोलॉजी से स्वास्थ्य सेवा प्रणाली में बदलाव. विशेषज्ञों ने साझा किया कि कैसे उभरती प्रौद्योगिकियां स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक रोगी-केंद्रित और सुलभ बना रही हैं. उद्घाटन समारोह में निदेशक डॉ विनीता एस सहाय ने कहा कि भारत को पश्चिमी देशों की तर्ज पर स्वास्थ्य सेवा पर अत्यधिक खर्च करने की आवश्यकता नहीं है. हमें ऐसा राष्ट्र बनाना होगा, जहां लोग तन और मन से स्वस्थ हों. एमबीए (अस्पताल एवं स्वास्थ्य सेवा प्रबंधन) कार्यक्रम के अध्यक्ष प्रो स्वप्नराग स्वैन ने सम्मेलन के उद्देश्य को रेखांकित करते हुए कहा कि यह शिक्षा जगत और उद्योग जगत के बीच मजबूत और निरंतर संवाद का मंच है.

पैनल चर्चाओं में गूंजे कई मुद्दे

पहला सत्र मेडटेक और मेडिकल उपकरणों में नवाचार पर केंद्रित था. विशेषज्ञों ने बताया कि कैसे एआइ, आइओटी और रोबोटिक्स से उपकरणों की क्षमता और मरीजों के परिणाम बेहतर किये जा सकते हैं. दूसरा सत्र डिजिटल बदलाव और स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार पर आधारित था. इसमें डिजिटल हेल्थ रिकॉर्ड, टेलीमेडिसिन और पहनने योग्य उपकरणों की भूमिका पर चर्चा हुई. तीसरा सत्र दवा और जीवन विज्ञान क्षेत्र को समर्पित था. इसमें आपूर्ति-शृंखला की मजबूती, क्लिनिकल ट्रायल्स, इम्यूनोथेरेपी और व्यक्तिगत चिकित्सा जैसे विषयों पर विमर्श हुआ. चौथा सत्र प्रदाता और भुगतानकर्ता के तालमेल पर केंद्रित था, जिसमें बीमा, डिजिटल भुगतान और मूल्य आधारित देखभाल की आवश्यकता पर जोर दिया गया.

विशेषज्ञों के सुझाव

पैनलिस्टों ने कहा कि भारत को इंटरऑपरेबिलिटी, सप्लाइ चेन की मजबूती और जिम्मेदारी से नयी तकनीकों को अपनाने पर ध्यान देना चाहिए. सम्मेलन ने यह संदेश दिया कि एआइ-आधारित जांच, जुड़े हुए मेडिकल उपकरण और डेटा उपयोग से स्वास्थ्य सेवाएं अधिक सुलभ, पारदर्शी और प्रभावी बनायी जा सकती हैं. आइआइएम बोधगया ने कहा कि उसका एमबीए (हॉस्पिटल एंड हेल्थकेयर मैनेजमेंट) कार्यक्रम उद्योग की जरूरतों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है, जिससे छात्रों को व्यावहारिक और नौकरी-उन्मुख शिक्षा मिल सके.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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