17 हजार रुपये लेकर प्रसूता को बेचा ब्लड

Updated at : 11 Jul 2024 7:37 PM (IST)
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17 हजार रुपये लेकर प्रसूता को बेचा ब्लड

एएनएमएमसीएच में 17 हजार रुपये में ब्लड बेचने का मामला सामने आया है. जानकारी के अनुसार, आठ जुलाई को बाराचट्टी के शर्मा बाजार की रहनेवाली गर्भवती महिला को प्रसव के दौरान हालत खराब होने पर मगध मेडिकल के एमसीएच में भर्ती कराया गया था.

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गया. एएनएमएमसीएच में 17 हजार रुपये में ब्लड बेचने का मामला सामने आया है. जानकारी के अनुसार, आठ जुलाई को बाराचट्टी के शर्मा बाजार की रहनेवाली गर्भवती महिला को प्रसव के दौरान हालत खराब होने पर मगध मेडिकल के एमसीएच में भर्ती कराया गया था. यहां पर डॉक्टरों ने ब्लड चढ़ाने के लिए एडवाइस किया. परिजन बार-बार ब्लड बैंक जा रहे थे, लेकिन डोनर नहीं होने के कारण उन्हें ब्लड नहीं मिल पा रहा था. इसके बाद परिजनों की एक डोनर कार्ड वाले से मुलाकात हुई, जबकि अस्पताल के ब्लड बैंक में खून की कमी होने के कारण डोनर कार्ड पर ब्लड देना बंद कर दिया गया है. एक डॉक्टर की पैरवी पर ब्लड बैंक इंचार्ज ने खून देने को कह दिया. बहुत मशक्कत के बाद आठ जुलाई को देर रात ब्लड दिया जा सका. डोनर कार्ड वाले ने अपने परिचित के खाते में मरीज के परिजन से 20 हजार रुपये ट्रांसफर कराये. उसके बाद उसने तीन हजार रुपये वापस कर दिये. मरीज के परिजन का कहना है कि बीमार की जिंदगी बचाने के लिए किसी तरह ब्लड का इंतजाम करना था. शहर की कई संस्थाएं यहां ब्लड बैंक को चलाने के लिए शिविर लगाकर ब्लड डोनेशन करवाती हैं. अब इस बार भी उनके ही डोनेशन कैंप के कार्ड से खून बेचने का मामला सामने आया है. इससे पहले भी यहां पर ब्लड बेचने का मामला सामने आ चुका है. लोगों के बीच यह चर्चा होने लगी है कि आखिर ब्लड बेचने के मामले को रोकना ही होगा. इसके लिए लोगों के साथ अस्पताल प्रशासन व डोनेशन करवाने वाली संस्थाओं को भी टाइट रहना होगा. ब्लड बैंक के इंचार्ज डॉ दिलीप पांडेय ने कहा कि मजबूरी जानते हुए मरीज के परिजन से पैसा वसूला गया है. इस तरह की घटना रोकने के लिए कड़े कदम उठाने होंगे. इसमें अस्पताल से लेकर हर किसी की बदनामी है. इसमें जांच कर कार्रवाई होनी चाहिए. अस्पताल उपाधीक्षक डॉ एनके पासवान ने कहा कि ब्लड की कमी से यहां का बैंक जूझ रहा है. इसके बाद अब बिना कुछ जाने यहां के डॉक्टर ही ब्लड देने के लिए पैरवी करते हैं. उन्होंने कहा कि पैरवी करने वाले डॉक्टर को बुलाकर स्थिति की जानकारी लेते हुए आगे से इस तरह की पैरवी नहीं करने की चेतावनी दी गयी है. ऐसे उस वक्त ड्यूटी पर रहे टेक्निशियन के भी सतर्क नहीं रहने पर कार्रवाई की जायेगी. इसके लिए एजेंसी को निर्देश दिया गया है. आगे से हर किसी पर यहां नजर रखी जायेगी.

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