विरोध में बंद रहीं परैया बाजार की सभी दुकानें

Updated at :25 Jan 2017 8:49 AM
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विरोध में बंद रहीं परैया बाजार की सभी दुकानें

परैया: थाना क्षेत्र के बुढ़ परैया गांव में सोमवार की देर रात थाने के एसपीओ अरविंद कुमार की हत्या के विरोध में मंगलवार की सुबह ग्रामीणों ने परैया चौक पर शव को रख कर गया-रफीगंज मुख्य मार्ग को जाम कर दिया. साथ ही बाजार की सभी दुकानों को बंद कराया. ग्रामीणों ने पुलिस के खिलाफ […]

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परैया: थाना क्षेत्र के बुढ़ परैया गांव में सोमवार की देर रात थाने के एसपीओ अरविंद कुमार की हत्या के विरोध में मंगलवार की सुबह ग्रामीणों ने परैया चौक पर शव को रख कर गया-रफीगंज मुख्य मार्ग को जाम कर दिया. साथ ही बाजार की सभी दुकानों को बंद कराया. ग्रामीणों ने पुलिस के खिलाफ नारेबाजी भी की. प्रदर्शन करनेवाले ग्रामीण मृतक के परिजनों को सहायता राशि तथा परिवार के भरण-पोषण के लिए नौकरी की मांग कर रहे थे. मौके पर पहुंचे डीएसपी अभिजीत कुमार सिंह के आश्वासन पर शव को पुलिस के हवाले किया जा सका. मृतक के पिता रामकृत यादव ने बताया कि वह रात में खेत में पटवन कर रहे थे.

रात करीब आठ बजे अरविंद अपनी मोटरसाइकिल से खेत पर आया व मोटर साइकिल मेढ़ पर छोड़ कर पटवन में हाथ बंटाने लगा. थोड़ी देर बाद अरविंद कुछ सामान लेकर घर जाने के लिए मोटरसाइकिल के पास गया, तो देखा कि मोटरसाइकिल के प्लग का तार निकला हुआ है. वह कुछ समझ पाता, इतने में ऊंची मेढ के पीछे छिपे पांच अपराधी निकले व अरविंद को पकड़ने के लिए दौड़ते हुए गोली चलायी, जो अरविंद के हाथ में जा लगी. गोली लगते ही अरविंद खेत में गिर गया. उसी वक्त पीछे से अपराधियों ने उनके सिर में दो गोली मार दी. इससे उनकी मौके पर ही मौत हो गयी. गोली की आवाज सुन कर आसपास के खेतों में काम कर रहे लोग दौड़ कर आये, लेकिन तब तक अपराधी भाग गये थे. गोली लगने से घटनास्थल पर ही एसपीओ की मौत हो गयी. घटना की सूचना वहां पहुंचे पुलिस पदाधिकारियों ने शव को उठाने का प्रयास किया, लेकिन ग्रामीणों के विरोध के कारण रात में शव को उठाया नहीं जा सका.

माता-पिता का इकलौता पुत्र था अरविंद : 62 वर्षीय वृद्ध पिता व 56 वर्षीय वृद्धा माता का एकमात्र पुत्र था अरविंद. अप्रैल 2011 से परैया थाने में एसपीओ था. परिवार में उसकी पत्नी के अलावा दो बेटे व दो बेटी भी हैं. सबसे बड़ा पुत्र 16 साल का है और वह इस वर्ष मैट्रिक की परीक्षा देगा. घटना के दिन एसपीओ की पत्नी और चारों बच्चे रांची में अपने चाचा के घर गृह प्रवेश में शामिल होने गये हुए थे.

डीएसपी के आश्वासन पर शांत हुए ग्रामीण

ग्रामीणों और मृतक के परिजनों के प्रदर्शन की खबर पाकर बीडीओ अजय प्रकाश राय वहां पहुंचे व पारिवारिक लाभ योजना के तहत बीस हजार रुपये उसके परिजनों को उपलब्ध कराये व स्थानीय परैया खुर्द मुखिया सुनील कुमार मुखिया ने कबीर अंत्येष्टि के तहत मृतक के दाह-संस्कार के लिए तीन हजार रुपये दिये. इसके बाद भी ग्रामीणों का आक्रोश शांत नहीं हुआ. ग्रामीणों के गुस्से को देखते हुए बीडीओ ने मृतक के परिजनों को जिला आपदा राहत कोष से सहयोग करने का आश्वासन दिया. वहीं, पुलिस पदाधिकारी अभिजीत कुमार सिंह ने मृतक की पत्नी को उसके पति के बराबर मानदेय राशि देने की बात कही. पुलिस पदाधिकारी के आश्वासन पर लोग शांत हुए. थानाध्यक्ष अखिलेश सिंह ने बताया कि मृतक के पिता के बयान पर प्राथमिकी दर्ज की गयी है. इसमें चार लोगों को नामजद आरोपित बनाया गया है. अारोपितों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी की जा रही है.

हत्या की राजनीतिक दलों ने की निंदा

परैया. एसपीओ की हत्या की पूरे प्रखंड क्षेत्र में निंदा हो रही है. घटना को लेकर स्थानीय ग्रामीणों व व्यवसायियों में रोष व्याप्त है. एसपीओ की हत्या को लेकर विभिन्न राजनीतिक दलों ने भी घोर निंदा की है. इसमें रालोसपा के प्रदेश महासचिव राघवेंद्र नारायण यादव ने कानून व व्यवस्था के मोरचे पर वर्तमान महागंठबंधन सरकार को विफल बताया है. श्री यादव ने बताया कि जब प्रशासन से जुड़े कर्मचारी ही सुरक्षित नहीं हैं, तो आम जनता की सुरक्षा का क्या हाल होगा, यह अनुमान लगाया जा सकता है. उन्होंने कहा कि इस घटना से क्षेत्र में दहशत का माहौल है. पिता के सामने अपराधियों ने पुत्र की हत्या जैसी घटना को अंजाम दिया है, इससे पता चलता है कि हत्यारों को किसी का भय नहीं है. हिंदुस्तानी आवाम मोरचा (हम) सेकुलर की राष्ट्रीय कार्यसमिति सदस्य सह मीडिया प्रभारी राजेश पांडेय ने बताया कि जब से प्रदेश में महागंठबंधन की सरकार बनी है, आपराधिक घटनाओं में वृद्धि हुई है. सूबे में पुलिस कर्मचारियों एवं पत्रकारों पर लगातार हमले हो रहे हैं. बिहार की जनता भगवान भरोसे है व मुख्यमंत्री का ध्यान सिर्फ गिनीज बुक में नाम दर्ज कराने में है. श्री पांडेय ने मृतक के परिजनों के लिए सरकार से बीस लाख रुपये मुआवजा देने की मांग की है.

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