गैस वेंडर नहीं ले रहे पुराने नोट पेट्रोल पंप भुना रहे ब्लैक मनी !

गया: 500 व 1000 के नोटों पर पाबंदी के बाद लोगों को होनेवाली परेशानियों को दूर करने में सरकार लगातार ठोस कदम उठा रही है. बैंककर्मी 21 घंटे काम कर रहे हैं. सभी अधिकारी सरकार की योजना को सफल बनाने में लगे हैं. लेकिन, अब कुछ ऐसी सार्वजनिक इकाईयों की करतूत सामने आयी है, जो […]
इन सार्वजनिक इकाईयों में पेट्रोल पंप, गैस एजेंसी, दवा दुकान व नर्सिंग होम शामिल हैं. पेट्रोल पंप के मालिक खुदरा नहीं रहने के नाम पर 500 व 1000 रुपये का नोट लेने में परहेज कर रहे हैं. सूत्रों से जानकारी मिली है कि सरकार की उक्त योजना की आड़ में पेट्रोल पंप वाले ब्लैक मनी को व्हाइट करने में लगे हैं़ पेट्रोल पंप पर प्रतिदिन आनेवाले 100 रुपये के नोट को पेट्रोल पंप वालों द्वारा दबा कर रख लिया जा रहा है और ग्राहकों को खुदरा रुपये की कमी होने का हवाला दिया जा रहा है़ 100-100 रुपये के नोट को काला धनवालों को सौंप दिया जा रहा है़ गैस एजेंसी के वेंडरों द्वारा भी 500 व 1000 रुपये के नोट नहीं लिये जा रहे हैं. ऐसे हाल दवा दुकान व नर्सिंग होम में भी हैं. मंगलवार को ऐसी ही घटनाओं पर प्रभात खबर ने छानबीन की तो कई मामले सामने आये.
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By Prabhat Khabar Digital Desk
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