जाति, धर्म व मजहब से परे जीवन जीने की सीख

Updated at :21 Jun 2016 7:46 AM
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जाति, धर्म व मजहब से परे जीवन जीने की सीख

मानपुर. संत कबीरदास ने हमेशा जाति, धर्म व मजहब से परे जीवन जीने की बात की. आज वैश्विक समाज में लोगों को उनकी बातों पर अमल करना चाहिए. उक्त बातें सोमवार को पटवा टाेली दुर्गास्थान में संत कबीर जयंती समारोह को संबोधित करते हुए समाजसेवी कृष्णा प्रसाद पटवा ने कहीं. इस दौरान उन्होंने राष्ट्रीय हैंडलूम […]

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मानपुर. संत कबीरदास ने हमेशा जाति, धर्म व मजहब से परे जीवन जीने की बात की. आज वैश्विक समाज में लोगों को उनकी बातों पर अमल करना चाहिए. उक्त बातें सोमवार को पटवा टाेली दुर्गास्थान में संत कबीर जयंती समारोह को संबोधित करते हुए समाजसेवी कृष्णा प्रसाद पटवा ने कहीं.

इस दौरान उन्होंने राष्ट्रीय हैंडलूम डेवलपमेंट कॉरपोरेशन के शाखा प्रबंधक गजेंद्र प्रसाद सिंह ने राज्य व केंद्र सरकार द्वारा हैंडलूम बनकरों के उत्थान के लिए दिये जा रहे अनुदान के बारे में विस्तार से बताया. इसमें सूत अनुदान लेने के लिए एक हजार बुनकरों के फाॅर्म भरने का लक्ष्य रखा गया. इस फाॅर्म द्वारा सूत पर 10 प्रतिशत का अनुदान लिया जा सकेगा.

इस दौरान गोपाल पटवा ने प्रधानमंत्री रोजगार सृजन, पावरलूम योजनाओं का संकलन, हस्तशिल्प योजना का संकलन व प्रधानमंत्री मुद्रा योजना पर चर्चा किया.

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