सतर्कता: सीसीटीवी कैमरे का बढ़ा ट्रेंड
Published by : Prabhat Khabar Digital Desk Updated At : 23 May 2016 9:44 AM
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गया: देश-दुनिया में हर रोज घटनाएं हो रही हैं. लोग-बाग अविश्वास के माहौल में रह रहे हैं. लोगों का कहना है कि भाई अब किसी पर विश्वास करने का जमाना नहीं रहा. अपनी सुरक्षा खुद ही करो, दूसरे पर भरोसा मत करो. नौकर-चाकर और चोर-उचक्के क्या, अब तो अपनों पर भी भरोसा नहीं रहा. इस […]
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गया: देश-दुनिया में हर रोज घटनाएं हो रही हैं. लोग-बाग अविश्वास के माहौल में रह रहे हैं. लोगों का कहना है कि भाई अब किसी पर विश्वास करने का जमाना नहीं रहा. अपनी सुरक्षा खुद ही करो, दूसरे पर भरोसा मत करो. नौकर-चाकर और चोर-उचक्के क्या, अब तो अपनों पर भी भरोसा नहीं रहा. इस माहौल में लोगों की सतर्कता इस कदर बढ़ गयी है कि वे सुरक्षा को लेकर किसी प्रकार की कोताही नहीं बरतना चाहते. शायद यही वजह है कि लोग अपने घरों, दुकानों व संस्थानों में सीसीटीवी कैमरे लगवा रहे हैं. उनकी नजर में सीसीटीवी सबसे मुफीद व चौकस सुरक्षा तंत्र है. गया शहर भी इससे अलग नहीं है.
अपराध व आपराधिक गतिविधियों के लिए गया शहर व आसपास के इलाकों का पुराना ट्रैक रहा है. लेकिन, जैसे-जैसे माहौल डेवलप हुआ है, लोगों ने अपनी सुरक्षा पर ध्यान देना शुरू किया. अब तो यहां भी सीसीटीवी कैमरे की डिमांड बढ़ गयी है. सीसीटीवी कैमरों का कारोबार करनेवालों की मानें, तो हर रोज तीन-चार लोग सीसीटीवी की खरीदारी कर रहे हैं और कम से कम दो-तीन लोग जानकारी लेने आ रहे हैं.
डिमांड बढ़ने का क्या है कारण : सीसीटीवी की डिमांड बढ़ने का मुख्य कारण सुरक्षा की भावना है. लोगों को कहना है कि अगर घर में चोरी हो गयी, तो सीसीटीवी कैमरे से कम से कम इतना पता चल ही जायेगा कि घर में कौन घुसा है, कितने लोग घुसे हैं, अगर उनके चेहरे कवर नहीं हैं, तो उनकी पहचान भी हो जायेगी. शुक्रवार को अपने घर में सीसीटीवी कैमरा लगवा रहे राजेश कुमार का कहना है कि सीसीटीवी कैमरों की मदद से कई बड़े मामले को सुलझाया भी गया है. कई बार वीडियो फुटेज साक्ष्य के तौर पर इस्तेमाल किये गये हैं. सीसीटीवी कैमरे से संस्थानों, दुकानों व अन्य जगहों की एक्टिविटी पर नजर रखी जा सकती है. एयरपोर्ट, रेलवे स्टेशन, बैंक, स्कूल, अस्पताल व शहर के मुख्य ठिकानों पर तो सीसीटीवी कैमरे बहुत ही जरूरी हैं.
सीसीटीवी लगाने का क्या है खर्च : सीसीटीवी कैमरा इंस्टॉल करवाने की लागत जरूरत व ब्रांड के हिसाब से अलग-अलग पड़ती है. यह कैमरों में इस्तेमाल होनेवाले हार्ड डिस्क व वायर के हिसाब पर निर्भर करती है. छोटे से छोटे घर में सीसीटीवी कैमरा लगाने में चैनल के हिसाब से इसकी लागत 15 हजार रुपये तक पहुंचती है. चार चैनल के लिए 3400 रुपये, आठ चैनल के लिए 5200 रुपये, 16 चैनल के लिए 8500 व 32 चैनल के लिए 10000 रुपये तक खर्च करने पड़ते हैं. इसके बाद भी ब्रांड के अनुसार रेट घटता-बढ़ता है.
कैसे-कैसे होते हैं सीसीटीवी कैमरे
इनडोर-ऑउटडोर सीसीटीवी कैमरा: आमतौर पर सभी ऑउटडोर कैमरों को घर के अंदर इस्तेमाल किया जा सकता है, पर सभी इनडोर कैमरे को ऑउटडोर के लिए इस्तेमाल नहीं किया जा सकता है. ऑउटडोर डोम कैमरा विशेष मेटेरियल से मिल कर बनाता है, ताकि वे मौसम व तापमान के हिसाब से अपना काम सकें.
नाइटडोम कैमरा : अधिकतर सीसीटीवी कैमरे डे-नाइट फंक्शनल होते हैं, जिनमें एक अतिरिक्त संवेदनशील इमेजिंग चिप होती है. यह कम रोशनी में भी अच्छी तसवीर कैप्चर करती है. इसके अंदर इन्फ्रारेड लाइट होती है, जिसके कारण यह संभव हो पाता है.
पैन टिस्ट जूम: इस प्रकार के कैमरे को रिमाेट के माध्यम से ऊपर व नीचे, दायें व बायें मूव करा सकते हैं. इनमें जूम-इन व जूम-आउट करने की शक्ति होती है. इसके मुताबिक कैमरा मोशन का पता लगाने पर जूम इन व आउट होता है.
बुलेट कैमरा: यह कैमरा बुलेट की तरह एक लंबे सिलिंडर के आकार का होता है. कैमरे का ढांचा ऐसा होता कि मौसम किसी प्रकार का हो, इस पर उसका कोई प्रभाव नहीं पड़ता.
सीसी माउंट कैमरा : सीसी माउंट असल में एक लेंस के प्रकार का होता है. यह सामान्यत: 16 एमएम क्लोज सर्किट टीवी कैमरों में पाया जाता है. यह 40 फुट से अधिक तक एरिया कवर कर सकता है. इसके लेंस बदले जा सकते हैं. इनके अलावा भी बाजार में कई प्रकार के कैमरे उपलब्ध हैं.
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