पलामू से गया की सीमा में घुसा माओवादी लड़ाकू दस्ता

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पलामू से गया की सीमा में घुसा माओवादी लड़ाकू दस्तागया व पलामू के बार्डर पर माओवादी संगठन के शीर्ष नेताओं का हुआ जुटान2016 में रणनीति बदलने पर माओवादी नेताओं ने की चर्चारोशन कुमार, गयाहाल के दो वर्षों में गया व झारखंड के हजारीबाग, चतरा व पलामू जिलों के सीमावर्ती इलाकों में पुलिस गतिविधियों में आये […]

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पलामू से गया की सीमा में घुसा माओवादी लड़ाकू दस्तागया व पलामू के बार्डर पर माओवादी संगठन के शीर्ष नेताओं का हुआ जुटान2016 में रणनीति बदलने पर माओवादी नेताओं ने की चर्चारोशन कुमार, गयाहाल के दो वर्षों में गया व झारखंड के हजारीबाग, चतरा व पलामू जिलों के सीमावर्ती इलाकों में पुलिस गतिविधियों में आये बदलाव को देखते हुए अब भाकपा-माओवादी संगठन भी अपनी रणनीति बदलने पर मंथन कर रहा है. माओवादी संगठन के शीर्ष नेताओं की मंशा है कि अब गुरिल्ला युद्ध को चलायमान युद्ध, पीएलजीए को पीएलए और गुरिल्ला जाेन को अाधार क्षेत्र में बदला जाये. सूत्रों के अनुसार, उक्त मसले पर नये वर्ष में अपनी नयी रणनीति को लेकर भाकपा-माओवादी संगठन से शीर्ष नेताओं का जुटान गया व पलामू जिले के बार्डर पर स्थित जंगलों में हुआ. वहां भाकपा-माओवादी संगठन के पूर्वी रीजनल ब्यूरो से संबंधित शीर्ष नेताओं ने गुरिल्ला युद्ध को चलायमान युद्ध में बदलाव करने की अनुशंसा की. साथ ही गुरिल्ला युद्ध के लिए चयनित क्षेत्रों को माओवादी का आधार क्षेत्र में बदलने पर भी अपनी राय दी. पुलिस कैंपों की वापसी को लेकर करें आंदोलन सूत्रों के अनुसार, उक्त बैठक में माओवादियों ने ग्रामीण इलाके में पुलिस कैंपों की वापसी को लेकर व्यापक व जुझारू आंदोलन शुरू कराने पर बल दिया. साथ ही मजदूर, किसान व आम जनों से घनिष्ठ संबंध बनाने और पीएलजीए में युवाओं की भरती करने पर भी विचार विमर्श हुआ. 2014 में पीएलजीए की 14 वीं वर्षगांठ व 21 सितंबर 2004 को एमसीसीआइ व सीपीआइ (एमएल)(पीडब्ल्यू) के विलय के बाद भारत की कम्युनिस्ट पार्टी (माओवादी) के गठन के 10 वर्ष पूरा होने के सीएमसी द्वारा जारी 2007 में शत्रु अाक्रामण की कार्यनीति व हमारे जवाबी आक्रमण की कार्यनीति का मूल्याकंन किया जाये. सभी थानाध्यक्षों को किया गया अलर्ट सूत्रों के अनुसार, पलामू में बैठक कर भाकपा-माओवादी संगठन के शीर्ष नेता व उनका लड़ाकू दस्ता बुधवार की रात गया जिले की सीमा में प्रवेश करनेवाले हैं. इससे खुफिया एजेंसियों ने भी सरकार को अलर्ट किया है. इस बाबत जिले के वरीय पुलिस अधिकारियों ने बुधवार की रात आनन-फानन में सीआरपीएफ, कोबरा, एसटीएफ, एसएसबी व शेरघाटी अनुमंडल के डुमरिया, कोठी, सलैया, नंदई, मैगरा, सेवरा, छकरबंधा, लुटुआ, इमामगंज, रोशनगंज, बांकेबाजार, आमस, बाराचट्टी व डोभी थाने की पुलिस को सतर्क किया है. सूचना है कि बुधवार की देर रात से गया की सीमा में घुसे माओवादियों की धर-पकड़ के लिए कार्रवाई शुरू होगी. चारों तरफ रखी जा रही है नजर : एएसपी एएसपी (नक्सल) मनोज कुमार यादव ने बताया कि गया के बार्डर पर पलामू के जंगलों में माओवादियों की एक मीटिंग होने की भनक मिली है. अब आशंका है कि उस बैठक में शरीक होनेवाले माओवादी गया जिले की सीमा में प्रवेश कर सकते हैं. इस मामले को गंभीरता से लिया गया है. पलामू से सटे हर इलाके में लगातार नजर रखी जा रही है. माओवादियों को घेरने के लिए ठोस कार्रवाई की जा रही है. \\\\B

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