झूठा केस करनेवाले दुकानदार को हो सकती है 10 साल की सजा

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गया: विगत सात दिसंबर की शाम गया-पंचानपुर रोड में दरियापुर के पास किताब दुकानदार (टिकारी बस स्टैंड के पास) बैधनाथ कुमार उर्फ पप्पू से करीब डेढ़ लाख रुपये व मोबाइल फोन लूटे की घटना गलत निकली. घटना के 24 दिनों के बाद पुलिस टीम ने इसका खुलासा किया और अलीपुर (टिकारी) थाने के बारा गांव […]

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गया: विगत सात दिसंबर की शाम गया-पंचानपुर रोड में दरियापुर के पास किताब दुकानदार (टिकारी बस स्टैंड के पास) बैधनाथ कुमार उर्फ पप्पू से करीब डेढ़ लाख रुपये व मोबाइल फोन लूटे की घटना गलत निकली. घटना के 24 दिनों के बाद पुलिस टीम ने इसका खुलासा किया और अलीपुर (टिकारी) थाने के बारा गांव के रहनेवाले किताब दुकानदार पप्पू के घर पर छापेमारी कर उस मोबाइल फोन को बरामद किया, जिसके लूटे जाने की किताब दुकानदार ने प्राथमिकी दर्ज करायी थी.

शुक्रवार को एसएसपी गरिमा मलिक ने बताया कि जब किताब दुकानदार के घर से ही मोबाइल फोन बरामद हो गया तो दुकानदार की बोलती बंद हो गयी. इस मामले की छानबीन में जुटे टिकारी डीएसपी मनीष कुमार सिन्हा व पंचानपुर प्रभारी मधुसूदन कुमार ने जब दुकानदार से पूछताछ करनी शुरू की, तो उसने खुद ही स्वीकार कर लिया कि उसके साथ लूटपाट नहीं हुई थी.

गया के एक दुकानदार के पास बकाये थे 1.38 लाख रुपये
एसएसपी ने बताया कि दुकानदार पप्पू गया शहर के टावर चौक के पास स्थित अग्रवाल बुक डिपो से किताबों की थोक खरीद करते हैं. लगातार उधार किताबों की खरीद से पप्पू पर 1.38 लाख का बकाया हो गया था. अग्रवाल बुक डिपो की ओर से लगातार रुपये की मांग की जा रही थी. इससे पप्पू दबाव में आ गया था. उसने पेमेंट करने से बचने के लिए लूटपाट की झूठी एफआइआर दर्ज करायी. इसके बाद अग्रवाल बुक डिपो से कुछ महीने बाद रुपये का पेमेंट करने की मोहलत ले ली. एसएसपी ने बताया कि जिस दिन पप्पू ने लूटपाट की शिकायत दर्ज करायी थी, उसी दिन घटनास्थल पर छानबीन करने पहुंचे दारोगा मधुसूदन कुमार को आशंका हो गयी थी कि दुकानदार ने लूटपाट नहीं हुई है. लेकिन, उस समय तत्काल एफआइआर दर्ज कर ली गयी और गंभीरता से मामले की छानबीन की गयी, तो मामला झूठा निकला.
धारा 182 व 211 के तहत की जायेगी शिकायत
एसएसपी ने बताया कि दुकानदार ने साजिशन लूटपाट की झूठी प्राथमिकी दर्ज करा पुलिस को बेवजह परेशान किया. दुकानदार के खिलाफ पुलिस कोर्ट में धारा 182 व 211 के तहत शिकायत दर्ज करायेगी. साथ ही कोर्ट में दुकानदार द्वारा झूठा केस करने से संबंधित प्रमाण भी सौंपा जायेगा. पुलिस के एक वरीय अधिकारी ने बताया कि झूठा एफआइआर दर्ज करने में उसे उन्हीं धाराओं के तहत सजा होती है, जिन धाराओं में उसने झूठी एफआइआर दर्ज करायी थी. अगर कोर्ट द्वारा दुकानदार पप्पू के विरुद्ध धारा 182 व 211 के तहत संज्ञान ले लिया गया व कोर्ट में दुकानदार की करतूत सही साबित हुई तो उसे 10 साल तक की सजा हो सकती है.
अब अपनी करनी पर अफसोस कर रहा है दुकानदार
लूटपाट की झूठी प्राथमिकी दर्ज करने के मामले में जुटायी गयी अहम जानकारियों से संबंधित दस्तावेज तैयार करने को लेकर पुलिस टीम शुक्रवार की देर शाम को भी दुकानदार से पूछताछ कर रही है. पुलिस टीम का कहना है कि अब दुकानदार को अपनी करतूत को लेकर अफसोस हो रहा है. अब उसे भविष्य की चिंता सताने लगी है.
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