102 दिन में 124 बच्चे इनसेफ्लाइटिस की जद में

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102 दिन में 124 बच्चे इनसेफ्लाइटिस की जद में12 अगस्त के बाद पहली बार खाली दिखा मगध मेडिकल अस्पताल का इनसेफ्लाइटिस वार्ड अस्पताल में भरती जेइ व एइएस पीड़ित 74 बच्चों की बचायी गयी जान जेइ की मरीज खुशी को अस्पताल से मिली छुट्टी संवाददाता, गयाकरीब 102 दिनों के बाद शनिवार को मगध मेडिकल कॉलेज […]

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102 दिन में 124 बच्चे इनसेफ्लाइटिस की जद में12 अगस्त के बाद पहली बार खाली दिखा मगध मेडिकल अस्पताल का इनसेफ्लाइटिस वार्ड अस्पताल में भरती जेइ व एइएस पीड़ित 74 बच्चों की बचायी गयी जान जेइ की मरीज खुशी को अस्पताल से मिली छुट्टी संवाददाता, गयाकरीब 102 दिनों के बाद शनिवार को मगध मेडिकल कॉलेज अस्पताल के इनसेफ्लाइटिस वार्ड में एक भी मरीज नहीं दिखा, जिससे अस्पताल प्रशासन, शिशु रोग विभाग के डॉक्टर व पारामेडिकल स्टाफ ने थोड़ी राहत महसूस कर रहे हैं. वैसे अब तक 124 बच्चे इनसेफ्लाइटिस की चपेट में आ चुके हैं.गौरतलब है कि मगध मेडिकल कॉलेज अस्पताल में इनसेफ्लाइटिस का पहला संदिग्ध मरीज इस साल 12 अगस्त को आया था. इसके बाद मरीजों के आने का सिलसिला गत 18 नवंबर तक जारी रहा. करीब एक पखवारा के बाद 18 नवंबर को एक संदिग्ध मरीज आया था, जिसकी मौत दो दिन बाद हो गयी. इससे पहले से भरती जेइ (जापानी इनसेफ्लाइटिस) की मरीज खुशी को अस्पताल से छुट्टी दे दी गयी. अस्पताल अधीक्षक डॉ सुधीर कुमार सिन्हा ने बताया कि शनिवार को जेइ की मरीज खुशी को छुट्टी दे देने के बाद इनसेफ्लाइटिस वार्ड में कोई मरीज भरती नहीं है. हालांकि, अब भी अस्पताल में मरीजों के आने से इनकार नहीं किया जा सकता है, लेकिन ठंड की दस्तक से इस बीमारी पर लगभग विराम लग चुका है. उन्होंने बताया कि 12 अगस्त को इनसेफ्लाइटिस का पहला मरीज अस्पताल में आया था. वहीं, 12 सितंबर को जेइ के पहले मरीज की पुष्टि हुई थी. अब तक 124 बच्चे इनसेफ्लाइटिस की चपेट में आ चुके हैं. 35 बच्चों में जेइ व 60 बच्चों में एइएस की पुष्टि की जा चुकी है. आठ जेइ पीड़ित बच्चे समेत अब तक 22 बच्चों की मौत हो चुकी है. अस्पताल से 74 बच्चों की छुट्टी की जा चुकी है. इनमें जेइ पीड़ित 27 व एइएस पीड़ित 46 बच्चे शामिल हैं.

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