स्टूडेंट्स लेंगे इंडोर गेम्स का मजा
स्टूडेंट्स लेंगे इंडोर गेम्स का मजाफोटो: भवन का , डॉ साकेत बिहारी सिंह, प्राचार्य व खराब पड़े पेयजल कूप का.एएम कॉलेज. 35 साल बाद स्पोट् र्स के लिए खुलेगा जिमनास्टिक भवनएएम कॉलेज में 1980 में 10 लाख रुपये से बना था भवनफिलहाल भवन को परीक्षा हॉल के रूप में किया जाता है इस्तेमालसंवाददाता, गयाअनुग्रह मेमोरियल […]
स्टूडेंट्स लेंगे इंडोर गेम्स का मजाफोटो: भवन का , डॉ साकेत बिहारी सिंह, प्राचार्य व खराब पड़े पेयजल कूप का.एएम कॉलेज. 35 साल बाद स्पोट् र्स के लिए खुलेगा जिमनास्टिक भवनएएम कॉलेज में 1980 में 10 लाख रुपये से बना था भवनफिलहाल भवन को परीक्षा हॉल के रूप में किया जाता है इस्तेमालसंवाददाता, गयाअनुग्रह मेमोरियल कॉलेज (एएम कॉलेज) का जिमनास्टिक भवन जल्द ही स्टूडेंट्स के लिए खोले जाने की उम्मीद है. मगध विश्वविद्यालय की तरफ से कॉलेज प्रबंधन को खेल सामग्री उपलब्ध करायी गयी है. अब तक खेल सामग्री व संसाधनों के अभाव में कॉलेज प्रशासन द्वारा इसका उपयोग नहीं किया जा रहा था. जानकारी के अनुसार, एएम कॉलेज में वर्ष 1980 में 10 लाख रुपये की लागत से बना जिमनास्टिक भवन अब तक स्टूडेंट्स के लिए नहीं खोला गया है. संसाधनों के अभाव में कॉलेज द्वारा इस भवन को परीक्षा हॉल के रूप में प्रयोग किया जाता है. हालांकि, 2010 में कॉलेज प्रशासन द्वारा लगभग पांच लाख रुपये से इस भवन की मरम्मत भी करायी गयी, लेकिन इसमें इंडोर गेम्स नहीं शुरू हो सके. लेकिन, अब कॉलेज प्रशासन की तरफ से ऐसी सूचना मिल रही है कि जिमनास्टिक भवन को स्टूडेंट्स के लिए जल्द खोल दिया जायेगा. क्योंकि, मगध विश्वविद्यालय प्रशासन ने इंडोर स्पोर्ट्स के लिए 2़ 5 लाख रुपये की खेल सामग्री उपलब्ध करायी गयी है. हिंदी विभाग का भवन भी जर्जर नैक टीम से जांच करा कर ग्रेड हासिल करने के लिए पूर्व में एएम कॉलेज प्रशासन द्वारा कई जगहों पर वाटर सप्लाइ के लिए नल लगाये गये, जो अब बंद पड़े हैं. कॉलेज कैंपस में बाइ-फाइ सिस्टम लगाया गया, वह भी आज बंद पड़ा है. वहीं, रखरखाव के अभाव में कॉलेज के हिंदी विभाग व जरूरी उपकरण बरबाद हो रहे हैं. सूचना है कि कॉलेज की जमीन पर बनी करीब तीन दर्जन दुकानों से कॉलेज प्रशासन को किराया भी आता है. किराये के पैसों से कॉलेज के भवनों की मरम्मत समेत अन्य संसाधनों को भी दुरुस्त किया जा सकता है. वहीं, कॉलेज परिसर में पूछताछ केंद्र व गार्ड रूम समेत नये भवनों का निर्माण कराया जा रहा है. महिला पुलिस ठहरती हैं गर्ल्स हॉस्टल में कॉलेज में 60 लाख रुपये खर्च कर करीब तीन साल पहले बनाये गये गर्ल्स हॉस्टल में रहने के लिए आज तक एक भी छात्राओं ने आवेदन नहीं दिये हैं. चुनाव के समय में छात्रावास में सिर्फ महिला पुलिस बल को ठहराया जाता है. कॉलेज की पीछे की घेराबंदी को तोड़ कर आसपास के लोग कॉलेज परिसर का उपयोग शौच के लिए करते हैं. सामग्री आने के बाद होगी विद्यार्थियों को लाभ जिमनास्टिक भवन बनने के बाद पूर्व प्राचार्यों ने इसे शुरू कराने की दिशा में कोई पहल नहीं की. कॉलेज प्रशासन की पहल पर इस बार मगध विश्वविद्यालय द्वारा संसाधन उपलब्ध कराये गये हैं. कॉलेज के छात्र-छात्राओं को प्रशिक्षण देने के लिए इस भवन का उपयोग इंडोर स्टेडियम के रूप में किया जायेगा. पेयजल के लिए लगाये गये नल व अन्य संसाधनों को जल्द दुरुस्त किया जायेगा.डॉ साकेत बिहारी सिंह, प्रभारी प्राचार्य, एएम कॉलेज
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
लेखक के बारे में
By Prabhat Khabar Digital Desk
यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए










