गया : तिब्बत की आजादी को गांधी के विचार सार्थक
Updated at : 23 Feb 2020 9:29 AM (IST)
विज्ञापन

बोधगया (गया) : मगध विश्वविद्यालय के इतिहास विभाग द्वारा शनिवार को ‘प्रैक्टिसिंग नॉन वायलेंस विद गांधी एंड द दलाई लामा’ विषय पर स्पेशल लेक्चर का आयोजन किया गया. इसमें मुख्य वक्ता तिब्बत मुक्ति आंदोलन के मुखर कार्यकर्ता व लेखक तेनजीन सूडो ने कहा कि वह दलाई लामा का शिष्य हैं और उनके मन में तिब्बत […]
विज्ञापन
बोधगया (गया) : मगध विश्वविद्यालय के इतिहास विभाग द्वारा शनिवार को ‘प्रैक्टिसिंग नॉन वायलेंस विद गांधी एंड द दलाई लामा’ विषय पर स्पेशल लेक्चर का आयोजन किया गया.
इसमें मुख्य वक्ता तिब्बत मुक्ति आंदोलन के मुखर कार्यकर्ता व लेखक तेनजीन सूडो ने कहा कि वह दलाई लामा का शिष्य हैं और उनके मन में तिब्बत मुक्ति को लेकर महात्मा गांधी के स्वतंत्रता आंदोलन का प्रभाव ज्यादा है. उन्होंने बताया कि तिब्बत को चीन से मुक्त कराने के आंदोलन में 16 मर्तबा जेल जाना पड़ा पर, मन में गांधीजी के विचारों ने सबल बनाये रखा. तेनजीन सूडो ने कहा कि चीन ने तिब्बत में बौद्ध मठों को नष्ट का कुत्सित प्रयास किया है , लेकिन इससे वहां के बौद्धों का आत्मबल टूटा नहीं बल्कि और मजबूत हुआ है.
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
विज्ञापन
लेखक के बारे में
By Prabhat Khabar Digital Desk
यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए
विज्ञापन




