मिसाल: पितरों के मोक्ष के लिए गया पहुंची दो महिलाएं, कहा- अपने माता-पिता का कर्मकांड कर रही हूं, मेरी बेटियां मेरा करेंगी

वक्त बदल रहा है, तो धारणाएं भी बदलनी होंगी गया : समाज लंबे समय से पितृसत्ता की व्यवस्था में चल रहा है. ये व्यवस्था शायद उस वक्त की जरूरत रही होगी. आज है या नहीं, इस पर कुछ कहना नहीं है. लेकिन, अब वक्त बदल रहा है, तो धारणाएं भी बदलनी होंगी. इसी सोचा के […]
वक्त बदल रहा है, तो धारणाएं भी बदलनी होंगी
हर जिम्मेदारी निभा रही हैं बेटियां : बातचीत के क्रम में तनुजा सिन्हा ने बताया कि अब धारणाएं बदल रही हैं. बेटियां हर वह काम कर रही हैं जो बेटे कर सकते हैं और नारी तो ऐसे भी पुरुषों से श्रेष्ठ हैं, क्यों कि वह मां बन सकती हैं. उन्होंने कहा कि उनके माता-पिता हमेशा उन लोगों के साथ ही रहे. न तो उन्हें कभी बेटेे की कमी खली और न इन बहनों ने अपने माता-पिता को इसका एहसास होने दिया. श्रीमती सिन्हा ने कहा कि उनकी भी दो बेटियां हैं. वे चाहती हैं जब उनकी मौत हो, तो बेटियां ही सभी कर्मकांड करें. उन्होंने कहा कि अब कोई फर्क नहीं पड़ता कि आपकी संतान बेटा है या बेटी. बेटियां हर जिम्मेदारी निभा रही हैं. हमने निभाया हैं हमारी बेटियां भी निभायेंगी.
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By Prabhat Khabar Digital Desk
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