बाराचट्टी में एडवेंचर और जंगल सफारी के शौक होंगे पूरे, केंद्र सरकार की मंजूरी

Updated at : 04 Sep 2019 8:44 AM (IST)
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बाराचट्टी में एडवेंचर और जंगल सफारी के शौक होंगे पूरे, केंद्र सरकार की मंजूरी

गया : गया में रहनेवाले व यहां आनेवाले लोगों को बहुत जल्द वाइल्ड लाइफ सेंचुरी घूमने का मौका मिलेगा. लोग जल्द ही जंगल सफारी का आनंद ले सकेंगे. बाराचट्टी के भलुआ स्थित गौतम बुद्ध वन्यप्राणी आश्रयणी को वाइल्ड लाइफ सेंचुरी के तौर पर डेवलप करने की तैयारी शुरू हो गयी है. केंद्र सरकार के स्तर […]

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गया : गया में रहनेवाले व यहां आनेवाले लोगों को बहुत जल्द वाइल्ड लाइफ सेंचुरी घूमने का मौका मिलेगा. लोग जल्द ही जंगल सफारी का आनंद ले सकेंगे. बाराचट्टी के भलुआ स्थित गौतम बुद्ध वन्यप्राणी आश्रयणी को वाइल्ड लाइफ सेंचुरी के तौर पर डेवलप करने की तैयारी शुरू हो गयी है. केंद्र सरकार के स्तर पर इस प्रोजेक्ट को मंजूरी दे दी गयी है.

कृषि मंत्री डाॅ प्रेम कुमार ने वन विभाग के पदाधिकारियों के साथ इस मुद्दे पर मंथन किया है. जानकारी के मुताबिक, वन विभाग के 13958.65 हेक्टेयर में फैले इस क्षेत्र में तेंदुए, चार प्रकार के हिरण समेत अन्य वन्य जीव देखे गये हैं. स्थानीय लोगों के द्वारा उनका शिकार भी किया जाता रहा है. वन विभाग की रिपोर्ट के मुताबिक, एक समय में इस जंगल में बाघ भी रहते थे.
मौजूद जानवरों के संरक्षण व अन्य जानवरों को भी यहां शिफ्ट कर एक बेहतर सेंचुरी का निर्माण किया जा सकता है. मंत्री डाॅ प्रेम कुमार ने बताया कि डीएफओ अभिषेक कुमार के साथ इस प्रोजेक्ट पर चर्चा हुई है. यह तय हुआ कि सबसे पहले उस वन क्षेत्र में रहनेवाले लोगों को यह समझाना होगा कि जानवरों का शिकार न करें.
इसके साथ ही वाइल्ड लाइफ सेंचुरी के निर्माण के दौरान उन्हें शिफ्ट भी किया जा सकता है. मंत्री ने कहा कि इस पूरे प्रोजेक्ट की पूरी रिपोर्ट तैयार हो जाने के बाद आगे का काम शुरू कर दिया जायेगा. यहां टूरिस्ट के रहने के लिए काॅटेज, खाने की व्यवस्था व जंगल सफारी की व्यवस्था करायी जायेगी.
1976 में वन्य प्राणियों के लिए बना था आश्रय
इस वन क्षेत्र को 14 सितंबर 1976 में बतौर वन्य प्राणी आश्रयणी अधिसूचित कर दिया गया था. इस क्षेत्र में बड़ी संख्या में जंगली जानवर रहा करते थे. पुराने लोग कहते हैं कि 30 साल पहले इन जंगलों में बाघ रहते थे. जानवरों से खतरा और शौक पूरा करने वाले लोगों ने इनका शिकार करना शुरू कर दिया.
धीरे-धीरे बाघ जैसे जानवर विलुप्त हो गये. वन विभाग के अधिकारियों ने जो रिपोर्ट बनायी है उसमें कहा गया है कि इसे वाइल्ड लाइफ सेंचुरी बना दिये जाने के बाद यह एक शानदार टूरिस्ट स्पाॅट बन जायेगा. एक बार फिर यहां वन्य जीवों को संरक्षित किया जा सकेगा.सरकार के राजस्व के साथ-साथ यह गया में एक आकर्षण का केंद्र भी होगा.
प्रोजेक्ट पर है नजर
वन विभाग के अधिकारियों के साथ इस मुद्दे पर चर्चा हुई है. गया में वाइल्ड लाइफ सेंचुरी बन जाने से वन्य जीवों की सुरक्षा तो होगी ही. इसके साथ ही यह जगह एक बेहतर टूरिस्ट स्पॉट बन जायेगा. यहां के लोगों के साथ-साथ बाहर से आने वाले लोगों के लिए यह पर्यटन की जगह बन जायेगा. मैं भी अपने स्तर पर इस प्रोजेक्ट पर नजर रख रहा हूं.
डाॅ प्रेम कुमार, कृषि मंत्री
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