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आईआईटी परीक्षार्थियों ने मचाया उपद्रव, सड़कों पर की आगजनी, श्रम संसाधन विभाग व राज्य सरकार की नीतियों को जमकर कोसा

Updated at : 24 Oct 2018 3:50 AM (IST)
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आईआईटी परीक्षार्थियों ने मचाया उपद्रव, सड़कों पर की आगजनी, श्रम संसाधन विभाग व राज्य सरकार की नीतियों को जमकर कोसा

गया : अखिल भारतीय व्यावहारिक पुनर्परीक्षा अक्तूबर-2018 के पहले दिन करीब 7200 परीक्षार्थियों ने गया में 16 से अधिक स्थानों पर मंगलवार की सुबह करीब नौ बजे से ही हंगामा करना शुरू कर दिया. इससे शहर में अचानक अफरातफरी का माहौल हो गया. परीक्षार्थियों के उग्र रूप को देखते हुए राहगीर अपनी जान बचा कर […]

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गया : अखिल भारतीय व्यावहारिक पुनर्परीक्षा अक्तूबर-2018 के पहले दिन करीब 7200 परीक्षार्थियों ने गया में 16 से अधिक स्थानों पर मंगलवार की सुबह करीब नौ बजे से ही हंगामा करना शुरू कर दिया. इससे शहर में अचानक अफरातफरी का माहौल हो गया. परीक्षार्थियों के उग्र रूप को देखते हुए राहगीर अपनी जान बचा कर निकले.
मोटरसाइकिल वाले व ऑटोवाले परीक्षार्थियों के निशाने पर रहे. कई स्थानों पर परीक्षार्थियों ने राहगीरों पर खूब दौड़ाया और सड़कों पर टायर जला कर अपना विरोध जताया. जानकारी के अनुसार, मंगलवार से लगातार तीन दिनों तक होनेवाली अखिल भारतीय व्यावहारिक पुनर्परीक्षा अक्तूबर-2018 का बहिष्कार करते हुए परीक्षार्थियों ने शहर के स्वराजपुरी रोड स्थित महावीर इंटर कॉलेज, हादी हासमी सीनियर सेकेंडरी स्कूल, गया संग्रहालय के सामने स्थित हरिदास सेमिनरी प्लस टू स्कूल, जीबी रोड स्थित टी मॉडल इंटर स्कूल, समाहरणालय के पास स्थित प्लस टू जिला स्कूल, रमना रोड में स्थित राजकीय कन्या प्लस टू हाईस्कूल रमना, मानपुर स्थित श्यामबाबू प्लस टू हाईस्कूल, चाकंद स्थित प्लस टू हाईस्कूल, बोधगया में रीवर साइड स्थित प्लस टू हाईस्कूल व प्रोजेक्ट कन्या प्लस टू स्कूल सहित 16 परीक्षा केंद्रों के सामने सड़क जाम कर दिया.
छात्रों ने श्रम संसाधन विभाग सहित राज्य सरकार की नीतियों पर सवाल उठाते हुए कई स्थानों पर टायर भी जलाये. वाहनों का आवागमन ठप कर दिया. राहगीरों को भी निशाना बनाया. अचानक कई स्थानों पर परीक्षार्थियों के सड़क पर उतर जाने की सूचना मिलने पर प्रशासनिक पदाधिकारियों के होश उड़ गये.
हालांकि, 16 परीक्षा केंद्रों पर तैनात केंद्राधीक्षकों व प्रशासनिक अधिकारियों ने सूझ-बूझ का परिचय देते हुए परीक्षार्थियों को समझा-बुझा कर शांत कराने का प्रयास किया, ताकि परीक्षा केंद्र के अंदर परीक्षार्थी किसी प्रकार की तोड़-फोड़ नहीं कर सके. परीक्षार्थियों के उग्र रूप को भांपते हुए परीक्षा केंद्रों के मुख्य दरवाजे को बंद कर दिया गया. कई परीक्षा केंद्रों पर उग्र परीक्षार्थियों ने ही मुख्य दरवाजे को बंद कर दिया.
अधिकारियों ने दिखायी सूझ-बूझ
छात्रों के उपद्रव की जानकारी मिलते ही डीएम अभिषेक सिंह व एसएसपी राजीव मिश्रा ने सदर एसडीओ सूरज कुमार सिन्हा व सिटी डीएसपी राजकुमार शाह से बातचीत की और उन्हें निर्देश दिया कि परीक्षार्थियों की मांग से संबंधित ज्ञापन ले लें और उन्हें आश्वास्त कर दें कि उनकी मांग को सरकार व संबंधित विभाग के वरीय अधिकारियों के समक्ष पहुंचा दिया जायेगा. परीक्षार्थियों के बीच पहुंचे सदर एसडीओ व सिटी डीएसपी ने सूझबूझ का परिचय दिया. हालांकि, परीक्षार्थी का हुजूम सरकार के रवैये से काफी नाराज थे और अधिकारियों की बात सुनने को तैयार नहीं थे.
लेकिन, दोनों अधिकारियों ने शहर में घूम-घूम कर परीक्षार्थियों को समझाने-बुझाने का प्रयास किया. हालांकि, शुरुआती दौर में परीक्षार्थी अधिकारियों की बात सुनने को तैयार नहीं थे. लेकिन, दोनों अधिकारियों के अथक प्रयास से परीक्षार्थी शांत हुए और अपनी बातों को उनके समक्ष रखा.
परीक्षार्थियों ने सुनायी अपनी पीड़ा
परीक्षार्थियों ने सरकार पर आरोप लगाते हुए अधिकारियों से कहा कि बिहार के विभिन्न प्राइवेट आईटीआई कॉलेजों में सत्र 2016-18 में चार सेमेस्टर की परीक्षा देनी है. पहले सेमेस्टर की परीक्षा देने के बाद उसे रद्द कर दिया गया. इसके बाद फिर पहले सेमेस्टर की परीक्षा दी. इसी तरह दूसरे समेस्टर की परीक्षा देने के बाद इसको भी रद्द कर दिया गया और फिर दूसरे सेमेस्टर की परीक्षा ली गयी. इसके बाद तीसरे सेमेस्टर की परीक्षा को भी रद्द कर दिया गया. इस कारण छात्रों का आर्थिक दोहन भी हो रहा है. साथ ही विभिन्न प्रकार की प्रतियोगिता में शामिल होने से वे वंचित हो जा रहे हैं. अब तक सत्र 2016-18 का फाइनल रिजल्ट आ जाना चाहिए था. लेकिन, संबंधित विभाग की उदासीनता के चलते परीक्षा बार-बार रद्द कर दी जाती है.
बार-बार परीक्षा रद्द होने से बर्बाद हो रहा समय
परीक्षार्थियों ने अधिकारियों से कहा कि अखिल भारतीय व्यावहारिक परीक्षा पूरे देश में एक बार होती है. जिस सेंटर पर प्रश्न पत्र लीक हुआ था, उस परीक्षा केंद्र के परीक्षार्थियों की परीक्षा लेनी चाहिए थी. लेकिन, विभाग ने बिहार में सभी परीक्षार्थियों की परीक्षा रद्द कर बार-बार परेशान किया जा रहा है. बार-बार परीक्षा देने के कारण अपनी पढ़ाई सहित अन्य परीक्षा छोड़ इसी परीक्षा को लेकर अपना समय बर्बाद कर रहे हैं. इससे अजीज होकर मंगलवार से आयोजित चौथे चरण की परीक्षा का बहिष्कार कर तालाबंदी और सड़क जाम की.
बुधवार व गुरुवार को आयोजित परीक्षा की तैयारी की हुई समीक्षा
डीएम अभिषेक सिंह ने प्रभात खबर को मंगलवार की रात बताया कि बार-बार परीक्षा लेने से क्षुब्ध आईटीआई के परीक्षार्थियों ने परीक्षा का बहिष्कार किया है. परीक्षार्थियों ने सदर एसडीओ व सिटी डीएसपी को अपनी मांगों से संबंधित ज्ञापन सौंपा है. उनके ज्ञापन को संबंधित विभाग को भेज दिया गया है. उन्होंने बताया कि बुधवार व गुरुवार को भी परीक्षा होनी है. इस परीक्षा को लेकर तैयारी पूरी कर ली गयी है. जो परीक्षार्थी निर्धारित समय के अंदर परीक्षा केंद्र पर परीक्षा देने आयेंगे, उनकी परीक्षा ली जायेगी.
किसी सरकारी कर्मचारी पर नहीं हुआ हमला, न ही हुई कोई प्राथमिकी
सिटी डीएसपी राजकुमार शाह ने मंगलवार की रात प्रभात खबर को बताया कि 16 केंद्रों पर परीक्षा होनी थी. लेकिन, सभी केंद्रों पर परीक्षार्थियों ने परीक्षा का बहिष्कार कर दिया. परीक्षार्थियों ने अपनी मांगों को लेकर कई स्थानों पर प्रदर्शन किया है. लेकिन, परीक्षार्थियों से बातचीत कर उनकी मांगों से संबंधित ज्ञापन लेकर डीएम अभिषेक सिंह को सौंप दिया गया है. डीएम ने भी इस मामले में ठोस कदम उठाने का आश्वासन दिया है. सिटी डीएसपी ने प्रदर्शन के दौरान किसी सरकारी कर्मचारी के घायल होने व हमला होने की घटना से इन्कार किया है. उन्होंने बताया कि परीक्षार्थियों के प्रदर्शन को लेकर किसी पर प्राथमिकी दर्ज नहीं की गयी है.
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