पुलिस के सामने बेखौफ बने उचक्कों को पकड़ने की चुनौती
Published by : Prabhat Khabar Digital Desk Updated At : 28 Sep 2018 5:57 AM
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गया : गार्ड को मूर्ख बना कर लाखों रुपये गायब करने के खेल को महज पांच से 10 मिनट में अंजाम दिया गया है, क्योंकि सिविल लाइंस थाने के पास गाड़ी 11:20 में रुकी और फाइनेंस कंपनी के ऑफिस से दो प्रतिनिधि पांच से 10 मिनट में वापस आ गये. सीसीटीवी फुटेज में साफ दिख […]
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गया : गार्ड को मूर्ख बना कर लाखों रुपये गायब करने के खेल को महज पांच से 10 मिनट में अंजाम दिया गया है, क्योंकि सिविल लाइंस थाने के पास गाड़ी 11:20 में रुकी और फाइनेंस कंपनी के ऑफिस से दो प्रतिनिधि पांच से 10 मिनट में वापस आ गये. सीसीटीवी फुटेज में साफ दिख रहा है कि घटनास्थल के पास चार पांच युवक मौजूद हैं.
कोई पैसा गिराता है, तो कोई गार्ड को उसके बारे में बताता है. सूत्रों का कहना है कि पेट्रोल पंप से हर दिन रुपये लेकर बैंक में जमा किये जाते थे. किस तरह व कितने सुरक्षा गार्ड के साथ रुपये बैंक तक ले जाये जाते हैं इसकी पूरी जानकारी उचक्कों को थी. गार्ड के बारे में बताया जाता है कि गुरुवार को उक्त कैश वैन पर गार्ड का पहला दिन ही था.
गाड़ी के लॉगबुक से पता चलता है कि पेट्रोल पंप से श्रीराम फाइनेंस के ऑफिस तक पहुंचने में महज 22 मिनट का अंतराल है. इस 22 मिनट में ही कुछ समय के लिए गाड़ी एक्सिस बैंक के गांधी मैदान शाखा के पास रुकी थी. इससे यह साबित हो जाता है कि किसी जानकार ने पहले से रेकी कर रखी थी, तभी इतने कम समय में रुपये लेकर भागने की घटना को अंजाम दिया गया है.
इधर पुलिस भी इस क्राइम को नये तरीके से किया गया अपराध मान रही है. पुलिस के सामने इस मामले को सुलझाने की चुनौती सामने आ गयी है. इस संबंध में एसएसपी राजीव मिश्रा ने बताया कि इस तरह की घटना को बहुत दिनों बाद शहर में अंजाम दिया गया है. इस टपकेबाजी (घटना )में किन गिरोह का हाथ है इसका पता लगाया जा रहा है. सीसीटीवी फुटेज से कुछ सबूत हाथ लगे हैं उससे पहचान करने की कोशिश की जा रही है.
ऐसे चालाकी कर पैसा का बैग किया गायब प्राइवेट कंपनी कैश मैनेजमेंट सर्विस (सीएमएस) प्राइवेट व्यावसायिक प्रतिष्ठानों से रुपये इकट्ठा कर बैंक में जमा कराती है. गुरुवार की सुबह करीब 10 बजे कंपनी का कैश कलेक्शन वैन (सूमो विक्टा गाड़ी) के लिए दो कैश तसीलनेवाले कर्मचारी पुलिस लाइन गेवाल बिगहा का रहनेवाला सारांश कुमार व गेवाल बिगहा बंगाली कॉलोनी का रहनेवाला जितेंद्र कुमार, मगध कॉलोनी का रहनेवाला गार्ड मनोज कुमार व चांदचौरा मोरचा गली का रहनेवाला ड्राइवर मुकेश कुमार पैसा तसीलने के लिए निकले थे.
मिर्जागालिब पेट्रोल पंप से कलेक्शन लेकर निकला और गांधी मैदान एक्सिस बैंक के पास कुछ देर रुका. इसके बाद सिविल लाइंस के पास श्रीराम फाइनेंस कंपनी में दोनों कर्मचारी पैसा लाने गये थे. इस बीच गाड़ी पर ड्राइवर व गार्ड बैठा हुआ था. 10:58 बजे दिन में गाड़ी फाइनेंस कंपनी के पास गाड़ी लगी कुछ देर बाद एक व्यक्ति गार्ड को बोला कि पैसा गिरा हुआ है.
गार्ड बीच वाला गेट खोल कर पैसा उठाने चला गया. गार्ड ने बताया कि 10-10 रुपये का नोट बोनट के पास गिरा हुआ था. चुनने के बाद आकर वह वापस गाड़ी पर बैठ गया. श्रीराम फाइनेंस कंपनी से जब दो कर्मचारी पैसा लेकर लौटे, तो देखा कि बेग ही गायब है. कर्मचारियों ने बताया कि 10:58 से 11:20 के बीच में सारा खेल हुआ है. सीसीटीवी फुटेज में साफ दिख रहा है कि गार्ड जब पैसा उठाने के लिए गेट खोलकर नीचे उतरा, उसके साथ ही उचक्के बैग लेकर चंपत हो गये.
पहले भी हो चुकी है इस तरह की घटना
इससे पहले मानपुर के भुसंडा के पास टनकुप्पा के एक किसान के कपड़े में गंदगी लगाकर चकमा देकर 65 हजार रुपये लेकर फरार हो गये. कोलकाता के एक परिवार को बोधगया से राजगीर जाते समय मुफस्सिल थाने के सामने एक दुकान पर मिठाई खरीदने के रुके. इस वक्त उच्चके कार के बोनट पर मोबिल डाल दिया, और ड्राइवर से बोला कि गाड़ी से मोबिल गिर रहा है. ड्राइवर जब गाड़ी से उतर कर देखने लगा तो गाड़ी में मौजूद महिला से बैग झपट कर फरार हो गये.
यहां उठ रहे सवाल
ड्राइवर व गार्ड कह रहा है कि गाड़ी में मौजूद बक्से में पैसे रखे जाते थे. ताला खराब होने के कारण पैसा अंदर ही बैग में रखा गया था. जबकि गाड़ी में कोई भी बक्सा नहीं रखा गया था. दोनों ने कहा कि पैसा रखे होने की जानकारी उन्हें नहीं थी. गार्ड को मूर्ख बनाकर पैसा लेकर चंपत होने के मामले में शहर में कई तरह की चर्चाएं होने हो रही है कि पैसा गायब की घटना में ड्राइवर व गार्ड द्वारा बतायी जा रही बात विश्वास करने से परे है.
गाड़ी में दो कर्मचारी किसी प्रतिष्ठान में पैसा लेने जाते हैं और गाड़ी में आकर बैग रखते हैं, तो क्या वहां ड्राइवर व गार्ड को पता नहीं चलेगा. बीच वाली गेट खोल कर गार्ड पैसा उठाने के लिए गाड़ी से उतरा जबकि आगे वाले ड्राइवर सीट पर ड्राइवर बैठा हुआ था. पीछे अगर कोई गतिविधि होगी, तो उसे पता नहीं चलेगा. कंपनी की लापरवाही कि इतनी बड़ी रकम कलेक्शन कर बिना मुकम्मल सुरक्षा के बैंक तक ले जाना ठीक नहीं है.
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