पक्के के चक्कर में तोड़ा अपना कच्चा मकान, अब टेंट का सहारा
Published by :Prabhat Khabar Digital Desk
Published at :01 Apr 2018 3:42 AM (IST)
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आवास योजना की सूची में नाम आने के बाद भी नहीं मिला लाभ कई अन्य लोग भी दूसरी किस्त के लिए दो साल से कर रहे इंतजार गया : शहर में गरीबों के लिए आवास योजना हाथी का दांत साबित हो रही है. हालत यह है कि दो साल पहले मिले वर्क ऑडर के लिए […]
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आवास योजना की सूची में नाम आने के बाद भी नहीं मिला लाभ
कई अन्य लोग भी दूसरी किस्त के लिए दो साल से कर रहे इंतजार
गया : शहर में गरीबों के लिए आवास योजना हाथी का दांत साबित हो रही है. हालत यह है कि दो साल पहले मिले वर्क ऑडर के लिए अब तक कई लाभार्थियों को पहली किस्त तक के पैसे नहीं मिले हैं. वहीं, वर्क ऑर्डर मिलने के बाद लाभार्थियों ने पक्का मकान बनाने के लिए अपना कच्चा मकान तोड़ दिया है और अब मिट्टी की दीवार पर प्लास्टिक डाल कर रहने पर मजबूर हैं. एेसे ही लोगों में एक वार्ड 27 के धनिया बगीचा मुहल्ला के रहनेवाले कृष्णा पासवान भी है.
मलिन बस्ती समेकित विकास योजना की सूची में लाभुक क्रमांक 20 में कृष्णा का नाम है. निगम के अधिकारियों ने उसे कहा कि इस योजना का लाभ पुराने मकान तोड़ने के बाद ही दिया जायेगा. नया मकान बनाने के लोभ में कृष्णा ने अपना कच्चा मकान तोड़ दिया. अब दो वर्ष से अधिक समय बीत जाने के बाद भी उसे मकान बनाने के लिए पैसे नहीं दिये गये हैं.
वहीं, शहर भर में दो दर्जन से अधिक लोगों के साथ ऐसा हुआ है. सूत्रों का कहना है कि आवास योजना का लाभ लेने के लिए कई मुहल्ले में लोगों ने अपना मकान तोड़ा, लेकिन अब तक लाभ नहीं मिल सका है. इसके साथ दर्जनों लोगों को आवास योजना में पहला किस्त तो दे दिया गया, लेकिन दो वर्ष बीतने के बाद भी दूसरा किस्त नहीं दिया गया है.
सही लाभार्थियों को नहीं मिला लाभ : मलिन बस्ती समेकित विकास योजना के तहत शहर की विभिन्न मलिन बस्तियों को बेहतर बनाना था. कुछ जगहों पर काम हुआ, लेकिन इस योजना के तहत आम लोगों को भी रिहाइशी इलाकों में लाभ दिया गया. सूत्रों का कहना है कि केंद्र सरकार की इन योजनाओं का लाभ अंतिम पायदान पर निवास करनेवाले गरीबों तक नहीं पहुंच पा रहा है.
इस पूरे मामले की यदि तहकीकात करायी जाये, तो बड़े घोटाले का पर्दाफाश हो होगा. इन योजनाओं को सरजमीं पर उतारने की जिम्मेदारी निभानेवाले अधिकारियों व कर्मियों की लापरवाही के कारण आज भी यह योजना गरीबों के लिए सफेद हाथी साबित हो रही है. सूत्रों का कहना है कि पैसे, पहुंच व पैरवी के जरिये वैसे लोगों को भी इन योजनाओं का लाभ मिल जा रहा है, जो इसके लिए पात्र भी नहीं हैं. लेकिन, इसके असल हकदार गरीबों को आज भी इन योजनाओं का लाभ लेने के लिए निगम कार्यालय के चक्कर काटने पड़ रहे हैं. धनिया बगीचा निवासी पार्वती देवी, मुन्नी देवी, बबीता देवी, रूपा देवी के साथ कंडी नवादा के कई लोग निगम कार्यालय का चक्कर काट रहे हैं.
जिसे जहां मौका मिला कर ली गड़बड़ी
सूत्रों का कहना है कि तीन तरह की आवास योजनाएं नगर निगम क्षेत्र में चलायी जा रहीं हैं. इनमें मलिन बस्ती समेकित विकास योजना, राजीव आवास योजना व प्रधानमंत्री आवास योजना शामिल हैं. आवास योजना के लिए चयनित लाभार्थियों की सूची के अनुसार काम नहीं कराया गया. सूची हर वक्त बदली गयी, इसमें मनमाने ढंग से काम किये गये. जिन वार्डों को इन योजनाओं का लाभ देने के लिए चयन नहीं किया गया, वहां के लोगों को भी लाभ दे दिया गया है. इतना ही नहीं,
चयनित सूची के अनुसार लाभ नहीं दिये जाने पर मामला विधान परिषद में भी उठा. साथ ही ऐसे लोगों को भी योजना का लाभ दिया गया, जिनके पास अपनी जमीन नहीं है. ऐसे तीन जगहों पर वार्ड 33 व 22 में मकानों को कोर्ट के आदेश पर तोड़ा भी गया है. इसके अलावा कई लोगों द्वारा वार्ड नंबर 22 में आवास योजना का लाभ लेकर जमीन व बनाये गये मकान को बेच देने व निगम के नाले की जमीन पर बनाये गये मकान को निगम के ही बुलडोजर द्वारा तोड़े जाने का भी मामला है.
गड़बड़ी करनेवालों पर होगी कार्रवाई
आवास योजना में गड़बड़ी की मौखिक सूचना दी जा रही थी, लेकिन किसी ने अब तक लिखित शिकायत नहीं की है. इस मामले की जांच जल्द करायी जायेगी. गड़बड़ी करनेवाले लोगों पर कार्रवाई होगी.
वीरेंद्र कुमार, मेयर
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