भरी अदालत में युवक ने खा लिया जहर, सब देखते रह गये... शादी के 12 दिनों बाद से ही शुरू हो गया था विवाद

By Prabhat Khabar Digital Desk
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गया : शेरघाटी व्यवहार न्यायालय में उस वक्त अफरातफरी मच गयी, जब कोर्ट में पेशी के दौरान शुक्रवार की दोपहर एक युवक ने भरी अदालत के बीच विटनेस बॉक्स में जहर खा लिया. आनन-फानन में युवक को इलाज के लिए अनुमंडलीय अस्पताल में भर्ती कराया गया. प्राथमिक इलाज के बाद चिकित्सकों ने उसकी गंभीर स्थिति को देखते हुए मगध मेडिकल अस्पताल गया रेफर कर दिया है.

जानकारी के अनुसार, इमामगंज के सुहैल थाने के मंझौली गांव निवासी जयप्रकाश साव उर्फ विक्की व उसकी पत्नी ज्योति के बीच शादी के कुछ दिनों के बाद से ही विवाद चल रहा था. शुक्रवार को सुलहनामे पर गवाही देने दोनों पक्ष शेरघाटी कोर्ट पहुंचे थे. इसी बीच दोनों के बीच बॉन्ड भरे जाने के मुद्दे पर अनबन हो गयी. गुस्साये जयप्रकाश ने कोर्ट के ही विटनेस बॉक्स में अपनी जेब से जहर की गोली निकाल कर खा ली. जहरीली गोली खाते ही वह मूर्छित होकर गिर गया. इसके बाद न्यायालय के भीतर व बाहर अफरातफरी का माहौल बन गया. किसी को कुछ समझ में नहीं आ रहा था कि यह क्या हो गया है.

शादी के 12 दिनों के बाद ही रिश्ते में आ गयी थी खटास

इमामगंज प्रखंड स्थित मंझौली सलैया गांव निवासी रवींद्र साव के पुत्र जयप्रकाश उर्फ विक्की व गुरुआ प्रखंड स्थित गुनेरी गांव निवासी कृष्णा साव की पुत्री ज्योति कुमारी की शादी 25 जून, 2017 को हुई थी. एक सप्ताह भी नहीं बीता था कि दहेज के मामले को लेकर वैवाहिक बंधन में खटास आना शुरू हो गया. ठीक 12 दिनों के बाद ही लड़की के पिता कृष्णा साव ने लड़की के ससुराल वालों के खिलाफ सोहैल थाने में प्रताड़ना व दहेज की मांग किये जाने का आरोप लगाते हुए प्राथमिकी दर्ज करायी थी, जिसका कांड संख्या 16/17 है.

सुलहनामा पर कोर्ट में थी गवाही

लड़का पक्ष के अधिवक्ता पुटून प्रजापति ने बताया कि घटना के दिन लड़का व लड़की अपने-अपने परिजन के साथ शेरघाटी कोर्ट में सुलहनामा पर गवाही देने पहुंचे थे. लड़का व लड़की दोनों विटनेस बॉक्स में मौजूद थे. इसी बीच बॉन्ड पेपर भरे जाने को लेकर कुछ कहा-सुनी हुई. बात बनते न देख परेशान युवक ने जज से कुछ कहने की अनुमति मांगी. अनुमति मिलने पर जज को एक कागज का टुकड़ा निकाल कर सौंपा. इसमें लड़की का वीडियो फुटेज कोर्ट व पुलिस को नहीं देने की बात कही गयी है. दिये जाने पर अंजाम भुगत लेने की बात कही गयी थी. यहां गौर करनेवाली बात यह है कि लिखे गये कागज पर किसी के हस्ताक्षर नहीं है. अधिवक्ता ने बताया कि दोनों पति-पत्नी एक छत के नीचे रहते थे. झंझट के बाद दोनों में बातचीत बंद थी.

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