बिहार में इथेनॉल से मिलेंगी 50 हजार नौकरियां, इन 8 जिलों में खुलेंगी 9 फैक्ट्रियां

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फैक्ट्री (सांकेतिक)

Ethanol Factory In Bihar: बिहार के 8 जिलों में 2026 तक 9 इथेनॉल फैक्ट्रियां खुलेंगी. जिससे 50 हजार लोगों को नौकरी मिलेगी. इन फैक्ट्रियों से 13 करोड़ लीटर अतिरिक्त इथेनॉल का उत्पादन होगा.

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Ethanol Factory In Bihar: बिहार में आए दिन फैक्ट्रियां खोली जा रही हैं. जिससे रोजगार के कई अवसर राज्य में बनते दिख रहे हैं. बता दें कि प्रदेश में 2026 तक 9 नई इथेनॉल फैक्ट्रियां खुलने जा रही हैं. जिससे राज्य में इथेनॉल उत्पादन को बढ़ावा मिलेगा. इन फैक्ट्रियों से 13 करोड़ लीटर अतिरिक्त इथेनॉल का उत्पादन होगा. साथ ही 50,000 लोगों को रोजगार भी मिलेगा. इसके अलावा गन्ना और मक्का की खेती करने वाले लगभग 20,000 किसानों को सीधे फायदा होगा.

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राज्य के 8 जिलों में खुलेंगी नई फैक्ट्रियां

राज्य में इन नई फैक्ट्रियों के खुलने से गन्ना उत्पादकों की चीनी मिलों पर निर्भरता कम हो जाएगी. नई फैक्ट्रियों राज्य के 8 जिलों में खुलेंगी. बता दें कि भागलपुर, बेगूसराय, कैमूर, मुजफ्फरपुर, बाढ़, जमुई और वैशाली में 1-1, जबकि बक्सर में 2 स्थानों पर खोली जाएंगी. भागलपुर और कैमूर में इथेनॉल का उत्पादन मार्च 2025 से शुरू होने की संभावना है.

वर्तमान में बिहार में 12 इथेनॉल फैक्ट्रियां

मिली जानकारी के अनुसार, बिहार में 12 इथेनॉल फैक्ट्रियां काम कर रही हैं. जो 56.50 करोड़ लीटर इथेनॉल का उत्पादन करती हैं. इसमें से 60% इथेनॉल दक्षिण भारत के राज्यों में भेजा जाता है. राज्य में इथेनॉल की स्टोरेज क्षमता केवल 15 करोड़ लीटर है. जो कुल उत्पादन के एक-तिहाई से भी कम बताया जाता है. 2018 में बिहार में केवल 5.77 करोड़ लीटर इथेनॉल का उत्पादन होता था. पिछले 7 सालों में इथेनॉल उत्पादन में 10 गुना वृद्धि दर्ज की गई है.

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सबसे ज्यादा गन्ना का उपयोग कहां होता है?

कुल उत्पादन के 70% गन्ना चीनी मिलों को बेचा जाता है. 20% इथेनॉल फैक्ट्रियों में उपयोग किया जाता है. 10% गन्ना गुड़ और अन्य उत्पादों में खपत होता है. वहीं कुल उत्पादन के 80% मक्का इथेनॉल के उत्पादन में उपयोग होता है. 20% मक्का भोजन और अन्य उपयोगों में खर्च किया जाता है.

सबसे ज्याद गन्ना का उत्पादन कहां होता है?

बिहार में नई फैक्ट्रियों की स्थापना के बाद गन्ना और मक्का की खेती का क्षेत्रफल 13 लाख हेक्टेयर से बढ़कर 17 लाख हेक्टेयर तक पहुंच सकता है. बिहार में गन्ना उत्पादन पश्चिमी चंपारण, पूर्वी चंपारण, गोपालगंज, सीतामढ़ी, सिवान और समस्तीपुर के क्षेत्रों में सबसे अधिक होता है. वहीं मक्का उत्पादन के प्रमुख जिले कटिहार, पूर्णिया, बेगूसराय, भागलपुर, मधेपुरा, खगड़िया, समस्तीपुर, अररिया और दरभंगा हैं.

उद्योग मंत्री नीतीश मिश्रा ने क्या कहा?

बिहार के उद्योग मंत्री नीतीश मिश्रा ने कहा कि नई फैक्ट्रियां लगने से इथेनॉल का उत्पादन बढ़ेगा. जिससे राज्य की मांग पूरी होगी और अतिरिक्त इथेनॉल का निर्यात भी संभव होगा. 2025 तक 9 फैक्ट्रियां और 2026 तक शेष 7 फैक्ट्रियां उत्पादन शुरू कर देंगी. इससे बिहार का इथेनॉल उत्पादन वर्तमान मांग के अनुरूप बढ़ सकेगा.

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Frequently Asked Questions

कुल उत्पादन के 70% गन्ना चीनी मिलों को बेचा जाता है. 20% इथेनॉल फैक्ट्रियों में उपयोग किया जाता है. 10% गन्ना गुड़ और अन्य उत्पादों में खपत होता है. वहीं कुल उत्पादन के 80% मक्का इथेनॉल के उत्पादन में उपयोग होता है. 20% मक्का भोजन और अन्य उपयोगों में खर्च किया जाता है.