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बिहार के निकायों में अतिपिछड़ा आरक्षण: 15 दिनों में तैयार हो जायेंगे आंकड़े, जानें कब आयेगी रिपोर्ट

Updated at : 13 Nov 2022 7:31 AM (IST)
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बिहार के निकायों में अतिपिछड़ा आरक्षण: 15 दिनों में तैयार हो जायेंगे आंकड़े, जानें कब आयेगी रिपोर्ट

नगर निकायों में अति पिछड़ों को आरक्षण देने के फाॅर्मूला 30 नवंबर तक तैयार हो जायेगा. अति पिछड़ा वर्ग आयोग और एएन सिन्हा इंस्टीट्यूट इसे अंतिम रूप देने में जुटा है. 51790 परिवारों से जुटाये गये आंकड़ों को एक निजी एजेंसी कंप्यूटर में फीड कर रही है.

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पटना. नगर निकायों में अति पिछड़ों को आरक्षण देने के फाॅर्मूला 30 नवंबर तक तैयार हो जायेगा. अति पिछड़ा वर्ग आयोग और एएन सिन्हा इंस्टीट्यूट इसे अंतिम रूप देने में जुटा है. 51790 परिवारों से जुटाये गये आंकड़ों को एक निजी एजेंसी कंप्यूटर में फीड कर रही है. दो से चार दिनों में तैयार इस आंकड़े को एएन सिन्हा इंस्टीट्यूट के चालीस से अधिक विशेषज्ञ जांचेंगे और इसके बाद इसे टेबल का रूप दिया जायेगा. अंत में इसका विश्लेषण कर आयोग को रिपोर्ट सौंप दी जायेगी. संस्थान अपनी रिपोर्ट में यह भी जानकारी देगा कि अति पिछड़ों को कितनी राजनीतिक भागीदारी मिल चुकी है. मसलन जिस जाति के लोग अब तक चुनावों में नहीं उतरे, उसकी सूची भी तैयार की जा रही है. उम्मीद की जा रही है कि अगले महीने दिसंबर तक राज्य निर्वाचन आयोग नगर निकाय चुनाव कराने की स्थिति में होगा.

दो स्तरों पर हो रहा काम

समय पर रिपोर्ट प्राप्त होने के लिए दो स्तरों पर इसके लिए काम जारी है. संस्थान के अलावा राज्य अति पिछड़ावर्ग आयोग भी अतिपिछड़ेवर्ग के सामाजिक, आर्थिक, शैक्षणिक और राजनैतिक रिपोर्ट की तैयारी में जुटा है. आयोग को रविवार तक अपने सदस्यों की रिपोर्ट प्राप्त हो जायेगी. सदस्यों द्वारा एकत्र किये गये आंकड़े और एएन सिन्हा इंस्टीट्यूट की ओर से एकत्र आंकड़ों का मिलान किया जायेगा.

अध्यक्ष और सदस्यों ने भी एकत्र किये आंकड़े

राज्य अति पिछड़ावर्ग आयोग के अध्यक्ष डा नवीन कुमार आर्या, सदस्य अरविंद निषाद सहित तीन अन्य सदस्यों द्वारा सभी जिलों में जाकर अति पिछड़ेवर्गों की स्थिति का अध्ययन किया जा चुका है. आयोग की टीम द्वारा हर जिले के किसी न किसी वार्ड में जाकर लोगों से जनसुनवाई की. वहां पर नागरिकों द्वारा अपनी बातें आयोग के समक्ष रखी गयी है. साथ ही स्थानीय स्तर पर दर्जनों मेमोरेंडम आयोग को सौंपे गये हैं. इसी प्रकार के मेमोरेंडम आयोग के सदस्यों को मिला है. अब इन सभी मेमोरेंडम को आयोग में दर्ज करते हुए रिपोर्ट तैयार की जा रही है. उधर एएन सिन्हा शोध संस्थान द्वारा नगरपालिका क्षेत्रों का हाउसहोल्ड सर्वेक्षण किया गया है.

क्या कहते हैं अधिकारी

इस महीने के अंततक रिपोर्ट तैयार हो जायेगी. करीब पचास हजार परिवारों का सामाजिक, आर्थिक, राजनीतिक और शैक्षणिक सर्वे किया गया है. इसमें उनकी जानकारी जुटायी गयी है.

-प्रो बीएन प्रसाद, काे-ऑर्डिनेटर एएन सिन्हा इंस्टीट्यूट

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