महिला आदेशपाल के सहारे चल रहा है बहेड़ा प्रखंड का इकलौता पशु चिकित्सालय

Published by : Prabhat Khabar News Desk Updated At : 25 May 2024 12:00 PM

विज्ञापन

खंड का इकलौता पशु चिकित्सालय महिला आदेशपाल के सहारे चल रहा है

विज्ञापन

बेनीपुर. प्रखंड का इकलौता पशु चिकित्सालय महिला आदेशपाल के सहारे चल रहा है. यह चिकित्सालय कर्मियों, चिकित्सक व दवा के अभाव में दम तोड़ रहा है. बहेड़ा डाक बंगला स्थित पशु चिकित्सालय में चिकित्सक व कर्मी के नहीं होने के कारण पशुपालकों को पशुधन की सुरक्षा करने में काफी परेशानी हो रही है. पशुपालक अब झोला छाप चिकित्सक व बाजार से मंहगी दवा के सहारे पशुधन की सुरक्षा में जुटे हैं. हालांकि इस पशु चिकित्सालय में कहने के लिए एक चिकित्सक के साथ-साथ एक महिला आदेशपाल व एक डाटा ऑपरेटर पदस्थापित हैं, लेकिन शुक्रवार को अस्पताल वीरान पड़ा हुआ था. एक महिला आदेशपाल खंडहरनुमा भवन में इक्का-दुक्का आने वाले पशपालकों को दवाएं दे रही थीं. वहीं, डाटा ऑपरेटर जीवछ कुमार यादव नये वाले बिल्डिंग में कुछ कागजी खानापूरी में जुटे थे. महिला आदेशपाल सुंदरबती देवी व डाटा ऑपरेटर ने बताया कि अब यहां पशुपालक पशु लेकर इलाज कराने नहीं आते हैं. एक-दो आते भी हैं तो सिर्फ दवा लेने. वे लोग चिकित्सक की लिखी दवाएं पशुपालक को दे देते. बताया कि आज आठ पशुपालक आये थे, जिन्हें अठौरी वर्म्स व पाचन क्षमता बढ़ाने की दवाएं दी गयी. यहां एक चिकित्सक डॉ अरुण कुमार ठाकुर पदस्थापित हैं. वे आज जिला कार्यालय गये हैं. समुचित चिकित्सक एवं कर्मी के नहीं होने के कारण अस्पताल संचालन की महज खानापूरी हो रही है. चिकित्सक की प्रतिदिन उपलब्धता नहीं होने के कारण अब पशुपालक सरकारी अस्पताल में पशुओं के इलाज कराने नहीं आ रहे हैं. इधर, पशुपालक राम भरोस यादव, बिहारी मुखिया, महमूद आलम, गगन झा आदि ने बताया कि अस्पताल परिसर में सरकार द्वारा पशुधन की सुरक्षा के लिए उपलब्ध दवा सहित सरकारी योजनाओं की लंबी-चौड़ी बोर्ड तो है, परंतु यहां ससमय चिकित्सक नहीं मिलते. मात्र डाटा ऑपरेटर व एक आदेशपाल के सहारे अस्पताल चल रहा है. ऐसे में गांव के झोला छाप डॉक्टरों के सहारे ही पशुधन की रक्षा हो रही है. क्षेत्र का इकलौता अस्पताल होने के कारण पूर्व में यहां पशुधन के इलाज के लिए मेला जैसा नजारा रहता था, परंतु वर्तमान में चिकित्सक, कर्मी व दवा के अभाव में यह अस्पताल सूना पड़ा रहता है. मात्र भ्रमणशील चिकित्सक के पद पर एक वर्ष से अधिक से डॉ अरुण कुमार ठाकुर पदस्थापित हैं. लेकिन वे भी प्रतिदिन उपलब्ध नहीं रहते. ऐसी स्थिति में डाटा ऑपरेटर व आदेशपाल के सहारे ही अस्पताल चल रहा है. इस संबंध में डॉ अरुण कुमार ठाकुर ने कहा कि अस्पताल में फिलहाल दवाओं का अभाव नहीं है, लेकिन पशुधन सहायक से लेकर चतुर्थ वर्गीय कर्मी का घोर अभाव है. वे भ्रमणशील चिकित्सक के पद पर पदस्थापित हैं. कुछ विभागीय काम से शुक्रवार को जिला पशुपालन कार्यालय गये थे. इसके कारण अस्पताल संचालन महिला परिचारिका व डाटा ऑपरेटर कर रहे थे. उन्होंने कहा कि शनिवार से लंबे अवकाश पर जा रहा हूं. उनके अवकाश के दौरान जिला पशुपालन कार्यालय की ओर से किसी अन्य चिकित्सक को यहां प्रतिनियुक्त किया जायेगा.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

विज्ञापन
Prabhat Khabar News Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar News Desk

यह प्रभात खबर का न्यूज डेस्क है। इसमें बिहार-झारखंड-ओडिशा-दिल्‍ली समेत प्रभात खबर के विशाल ग्राउंड नेटवर्क के रिपोर्ट्स के जरिए भेजी खबरों का प्रकाशन होता है।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन