आधी रात से ही फूटने लगे पटाखे, नये साल के जश्न में डूबा शहर

Edited by RANJEET THAKUR
Updated:
विज्ञापन

रात के 12 बजे घड़ी की सुई जैसे ही आपस में मिली, आतिशबाजी की गूंज के बीच हैप्पी न्यू इयर का शोर वातावरण में गूंज उठा.

विज्ञापन

दरभंगा. रात के 12 बजे घड़ी की सुई जैसे ही आपस में मिली, आतिशबाजी की गूंज के बीच हैप्पी न्यू इयर का शोर वातावरण में गूंज उठा. नीरव रात की खामोशी में उत्साही युवाओं की टोली के उत्साह से लबरेज स्वर ने स्पंदित कर दिया. बाइक से गली-गली घूमकर नव वर्ष की मंगलकामना देते हुए घंटों यह टोली घूमती रही. पटाखों की गूंज जहां नये साल में कठिन परिश्रम के संकल्प का एहसास कराती रही, वहीं इससे फूटती सतरंगी रोशनी से उत्साह की झलक मिलती रही. वहीं सोशल मीडिया पर भी रात के 12 बजे से ही शुभकामनाओं का संदेश आने लगा. लोग एक-दूसरे को आनेवाले अंग्रेजी साल 2026 के मंगल होने की कमाना के साथ संदेश भेजने लगे. हालांकि इस साल 31 दिसंबर की शाम तक न्यू इयर पर पिकनिक मनाने को लेकर वैसा उत्साह नहीं नजर आया, लेकिन कुछ युवाओं की टोली इसकी तैयारी में जरूर जुटे दिखे.

मंदिरों में उमड़ेगी भीड़

नये साल की शुरूआत अधिकांश लोग अपने-अपने आराध्य का आशीर्वाद लेकर करते हैं. इस साल भी इस मौके पर मंदिरों में खासी भीड़ जुटने की पूरी संभावना है. आस्था के केंद्र श्यामा धाम से लेकर कंकाली मंदिर, म्लेच्छ मर्दिनी मंदिर, केएम टैंक शिवालय, हजारीनाथ, पंचानाथ, सैदनगर काली मंदिर सहित तमाम मंदिरों में इसे लेकर विशेष प्रबंध किये गये हैं. मां श्यामा मंदिर न्यास समिति की ओर से विशेष तैयारी की गयी है. बाबा कुशेश्वर का आशीर्वाद लेकर अंग्रेजी वर्ष की शुरुआत करने के लिए इस बार भी हजारों की भीड़ जुटने की संभावना है.

तरह-तरह के पकवान बनाने की तैयारी

इधर, लोगों ने अपने-अपने घरों में भी नये साल के स्वागत की तैयारी कर रखी है. तरह-तरह के पकवान बनाने के साथ मांसाहार ग्रहण करनेवालों ने एक दिन पहले से ही अपने पसंद के सामान की एडवांस बुकिंग करा रखी है. हालांकि गुरुवार का दिन होने के कारण बड़ी संख्या में लोगों ने शाकाहार लेने का प्रबंध कर रखा है. बता दें कि शाकाहारी लोगों के घरों में विभिन्न तरह के व्यंजनों के साथ खीर, पुरी आदि पकवान के प्रबंध हैं, वहीं मछली, खस्सी का मांस, मुर्गा आदि पकाने की भी तैयारी है.

शहर से दूर मनायेंगे पिकनिक

शहरी क्षेत्र के लोगों के लिए पिकनिक स्थल के रूप में मुख्यरूप से विश्वविद्यालय परिसर, पीटीसी, म्यूजियम परिसर आदि हुआ करता था. पहले पीटीसी में प्रवेश बंद हुआ. अब पिछले कुछ साल से विवि परिसर में पिकनिक मनाने पर पाबंदी लगा दी गयी है. पहले विवि परिसर में मेले सा नजारा इस मौके पर हुआ करता था. पिकनिक मनानेवालों से कई गुना अधिक लोग इस नजारे का दीदार करने परिजनों के साथ जाया करते थे, लेकिन अब यह दृश्य नहीं दिख पाता. ऐसे में युवाओं की टोली शहर से दूर पिकनिक मनाने की तैयारी में है. कुछ लोग बगल के जिला में नये साल का स्वागत करेंगे, तो कुछ लोग खेत-खलिहानों में खुद पकवान तैयार कर दोस्तों व रिश्तेदारों के साथ वन-भोज के साथ नव वर्ष का अभिनंदन करेंगे.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

विज्ञापन
RANJEET THAKUR

लेखक के बारे में

By RANJEET THAKUR

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन