Darbhanga News: दरभंगा. जानकी नवमी पर मंगलवार को विद्यापति सेवा संस्थान के तत्वावधान में ””””जानकी पूजनोत्सव सह मैथिली दिवस समारोह”””” आयोजित किया गया. संस्थान के प्रधान कार्यालय परिसर में आयोजित कार्यक्रम का उद्घाटन मंत्री संजय सरावगी, जीवेश मिश्रा, पूर्व कुलपति प्रो. शशिनाथ झा, प्रो. देव नारायण झा, प्रो. रामचंद्र झा, पूर्व विधान पार्षद डॉ दिलीप कुमार चौधरी, मैथिली अकादमी के पूर्व अध्यक्ष कमलाकांत झा, बैद्यनाथ चौधरी बैजू, डॉ विद्यानाथ झा, डॉ श्रीपति त्रिपाठी, डॉ फूलो पासवान आदि ने दीप जलाकर किया. मौके पर मंत्री संजय सरावगी ने कहा कि बिना सीता के मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीरामम अधूरे हैं. अयोध्या में राम मंदिर बनाने वाले आर्किटेक्ट को पुनौरा धाम में जानकी मंदिर की रूपरेखा तैयार करने की जवाबदेही दी गई है. रामायण सर्किट की विस्तृत योजना बनाकर मिथिला में पर्यटन विकास की रूपरेखा तैयार की जा रही है.
जानकी ने श्रीराम को बनाया मर्यादा पुरूषोत्तम- जीवेश मिश्रा
मंत्री जीवेश मिश्रा ने कहा कि मिथिला मां जानकी की है. अयोध्या में मिथिला के पाहुन राम का भव्य मंदिर बनने का बाद माता सीता की प्राकट्य भूमि पुनौरा धाम में भी मंदिर निर्माण की कवायद अब तेज हो गई है. वह दिन दूर नहीं जब भगवान राम को मर्यादा पुरुषोत्तम बनाने वाली मिथिला की धिया सिया की प्राकट्य स्थली पुनौरा धाम में भी भव्य मंदिर का निर्माण होगा. माता जानकी को नारी सशक्तिकरण का सशक्त उदाहरण बताया. विधायक विनय कुमार चौधरी ने मिथिला के लोगों में परंपरा के निर्वाह और संवेदना में हो रहे क्षरण को मिथिला के विकास में बाधक बताया.मां जानकी अष्ट सिद्धि व नौ निधि की दाता- प्रो. देवनारायण झा
मुख्य अतिथि सह पूर्व कुलपति प्रो. देवनारायण झा ने मां जानकी को अष्ट सिद्धि व नौ निधि की दातृ बताया. विभिन्न रामायणों में वर्णित जानकी के जीवन दर्शन को रेखांकित किया. पूर्व कुलपति प्रो. रामचंद्र झा ने मां जानकी को त्याग व समर्पण का बेहतर उदाहरण बताया. पूर्व कुलपति प्रो. शशि नाथ झा ने कहा कि उनके जैसा उदात्त चरित्र संपूर्ण विश्व के इतिहास में मिलना असंभव है.मां जानकी मिथिला के लोगों के रंग-रग में- डॉ बैजू
अतिथियों का स्वागत करते हुए विद्यापति सेवा संस्थान के महासचिव डॉ बैद्यनाथ चौधरी बैजू ने कहा कि मां जानकी मिथिला के लोगों के रंग-रग में बसी हुई है, लेकिन त्रासदी है कि मिथिला के लोगों को आज भी मां जानकी की तरह कदम कदम पर अग्निपरीक्षा के दौर से गुजरना पड़ता है. मणिकांत झा के संचालन में आयोजित कार्यक्रम में डॉ सुषमा झा, अनुपमा मिश्र, कुंज बिहारी मिश्र आदि ने गीत गाये.मंत्रियों को किया गया सम्मानित
डॉ सुषमा झा के संयोजन में जानकी सम्मेलन हुआ. नीलम झा, वंदना, ऋतु प्रज्ञा, प्रतिभा स्मृति आदि ने जानकी पर केंद्रित रचना का पाठ किया. जानकी सम्मान से पुष्पा कुमारी एवं बनिता झा, मैथिली गौरव सम्मान से मंत्री जीवेश मिश्र एवं संजय सरावगी को सम्मानित किया गया. इससे पहले मां सीता की प्रतिमा की पूजा-अर्चना की गई. यजमान डॉ अमलेन्दु शेखर पाठक व पुरोहित दधीचि थे. कार्यक्रम में जीवकांत मिश्र, विजय कांत झा, विनोद कुमार झा, प्रवीण कुमार झा, चंद्रशेखर झा बूढ़ा भाई, दुर्गा नंद झा आदि मौजूद रहे.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

