Darbhanga News : दरभंगा.
दरभंगा एयरपोर्ट पर बुनियादी सुविधाओं की कमी एक बार फिर विमान परिचालन पर भारी पड़ी. रविवार को दिल्ली, मुंबई और कोलकाता से आने वाली अकासा एयरलाइंस की उड़ानों को एप्रन में जगह नहीं मिलने के कारण काफी देर तक आसमान में चक्कर लगाना पड़ा. बताया गया कि यह स्थिति करीब एक घंटा तक रही. आखिरकार अकासा के दो जहाज के टेक ऑफ के बाद इन विमानों को उतारा जा सका. जानकारी के अनुसार एप्रन में पहले से ही अकासा के दो विमानों की पार्किंग होने से स्थिति और गंभीर हो गई, जिसके चलते नए विमानों को लैंडिंग की अनुमति नहीं मिल सकी. विदित हो कि वर्तमान में एप्रन में दो ही जहाज के ठहराव की व्यवस्था है. इधर स्पाइसजेट की ओर से विमानों का परिचालन पूरी तरह ठप रहा. आज यहां से चार महानगरों के लिये उड़ान संचालित की गयी. इसमें दिल्ली, मुंबई, कोलकाता व हैदराबाद शामिल है. रविवार को 10 प्लेन में 1798 लोगों ने यात्रा की थी.विमानों के टाइम टेबल बिगड़ने से हुई समस्या
जानकारी के अनुसार, निर्धारित समय पर दरभंगा पहुंचने वाली इंडिगो की उड़ानें एयरपोर्ट के ऊपर लंबे समय तक होल्डिंग पैटर्न में रहीं. पायलटों को एटीसी की ओर से एप्रन में स्पेस खाली होने का इंतजार करने का निर्देश दिया गया. काफी देर बाद जब एप्रन में जगह उपलब्ध हुई, तब जाकर विमानों को सुरक्षित उतारा जा सका. इस दौरान विमानों के परिचालन में घंटों की देरी दर्ज की गई, जिससे पूरा टाइम टेबल अस्त-व्यस्त हो गया. उड़ानों में देरी का सीधा असर यात्रियों पर पड़ा. कड़ाके की ठंड के बीच यात्रियों को विमान के भीतर और एयरपोर्ट टर्मिनल पर लंबा इंतजार करना पड़ा. कई यात्रियों ने बताया कि देरी की स्पष्ट जानकारी नहीं मिलने से परेशानी और बढ़ गई. आगे की कनेक्टिंग फ्लाइट्स और यात्रा योजनाएं भी प्रभावित हुईं.अधिक विमानों की पार्किंग की सुविधा नहीं होने से समस्या
एयरपोर्ट सूत्रों के अनुसार, दरभंगा एयरपोर्ट पर एप्रन की सीमित क्षमता लंबे समय से समस्या बनी हुई है. मौजूदा ढांचे में एक साथ अधिक विमानों की पार्किंग की सुविधा नहीं होने के कारण अक्सर ऐसी स्थिति उत्पन्न हो जाती है. यात्रियों की संख्या और उड़ानों की बढ़ती आवृत्ति के बावजूद बुनियादी ढांचे का विस्तार नहीं होने से विमानों के सही से परिचालन में दिक्कत हो रही है. स्थानीय लोगों और यात्रियों ने मांग की है कि दरभंगा एयरपोर्ट पर जल्द से जल्द एप्रन विस्तार, अतिरिक्त पार्किंग बे और अन्य आवश्यक सुविधाएं विकसित की जाएं, ताकि भविष्य में विमानों को आसमान में चक्कर न लगाना पड़े और यात्रियों को अनावश्यक परेशानी से बचाया जा सके.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

