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नामांकन में किसी प्रकार का शुल्क नहीं लेने को लेकर प्रधानाचार्यों पर कसा जा रहा नकेल

Updated at : 01 Jul 2024 11:38 PM (IST)
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नामांकन में किसी प्रकार का शुल्क नहीं लेने को लेकर प्रधानाचार्यों पर कसा जा रहा नकेल

न्यायादेश एवं राज्यादेश का अनुपालन सुनिश्चित कराने के लिए प्रधानाचार्यों पर लनामिवि नकेल कसता जा रहा है.

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दरभंगा. चार वर्षीय स्नातक प्रथम सेमेस्टर (सत्र 2024-28) में निःशुल्क कोटि के छात्र- छात्राओं से नामांकन के दौरान किसी भी प्रकार का शुल्क नहीं लिये जाने के न्यायादेश एवं राज्यादेश का अनुपालन सुनिश्चित कराने के लिए प्रधानाचार्यों पर लनामिवि नकेल कसता जा रहा है. शनिवार को कुलपति प्रो. संजय कुमार चौधरी के निर्देश पर डीएसडब्लू ने सभी 43 अंगीभूत कॉलेजों के प्रधानाचार्यो को मोबाइल के माध्यम से कहा है कि एससी, एसटी छात्र एवं सभी कोटि की छात्राओं से प्रथम सेमेस्टर के नामांकन में किसी भी प्रकार का शुल्क नहीं लिया जाना है. विवि द्वारा 19 मई 2023, पांच जुलाई 2023 एवं 26 जून 2024 को जारी आदेश का अनुपालन किया जा रहा है या नहीं? अगर नहीं किया जा रहा है, तो क्यों? इसकी सूचना तत्क्षण इ-मेल के माध्यम से विवि को उपलब्ध करावेंं, ताकि कार्रवाई सुनिश्चित की जाय. बताया जाता है कि अधिकांश कॉलेजों ने विवि को जवाब उपलब्ध करा दिया है. उधर, निःशुल्क कोटि के छात्रों से नामांकन के दौरान शुल्क लेने वाले आधा दर्जन कॉलेजों के प्रधानाचार्य से विवि द्वारा 29 जून को पूछे गये कारणपृच्छा का जवाब सभी प्रधानाचार्य ने भेज दिया है. जिन छह कॉलेजों के प्रधानाचार्य से जवाब तलव किया गया था, उसमें सीएम साइंस कॉलेज के प्रोफेसर इंचार्ज प्रो. दिलीप कुमार चौधरी, सीएम कॉलेज के प्रधानाचार्य डॉ मुश्ताक अहमद, आरके कॉलेज मधुबनी के प्रधानाचार्य डॉ अनिल कुमार मंडल, मिल्लत कॉलेज के प्रोफेसर इंचार्ज प्रो. इफ्तेखार अहमद, एमआरएम कॉलेज के प्रधानाचार्य डॉ श्याम चंद्र गुप्त, एमकेएस कॉलेज चंदौना के प्रोफेसर इंचार्ज डॉ चंदेश्वर प्रसाद शामिल थे. इन छह प्रधानाचार्य के अलावा अन्य सभी अंगीभूत कॉलेजों की ओर से प्राप्त जवाब में किस प्रधानाचार्य ने क्या कहा है, इसे सार्वजनिक करने से विवि प्रशासन फिलहाल परहेज बरत रहा है. बताया जाता है कि प्राप्त जवाब से पहले कुलपति को अवगत कराया जाएगा, इसके बाद कार्रवाई को लेकर निर्णय लिया जायेगा. उच्च न्यायालय के आदेश के आलोक में राज्य सरकार ने एससी- एसटी छात्र एवं सभी कोटि की छात्राओं से यूजी, पीजी के नामांकन में किसी भी प्रकार का शुल्क नहीं लिये जाने का आदेश कई वर्ष पहले से दे रखा है. विश्वविद्यालय इस आदेश का अनुपालन सुनिश्चित कराने को लेकर प्रत्येक सत्र में नामांकन की चयन सूची के साथ निर्देश जारी करता है. लेकिन, हाल के दिनों तक आदेश का अनुपालन किसी कॉलेज द्वारा नहीं किया जा रहा था. कानून को धत्ता बताकर कॉलेजों द्वारा राशि उगाही के लिए अकाउंट हेड बदल कर प्रोस्पेक्टस, फार्म, विकास एवं अन्य शुल्क के नाम पर इन छात्रों से राशि वसूलता रहा है. आदेश का अनुपालन कराने को लेकर कई राजनीतिक एवं गैर राजनीतिक छात्र संगठनों ने जब सख्त विरोध किया तब जाकर विश्वविद्यालय सख्त हुआ है. कुलपति प्रो. संजय कुमार चौधरी ने मामले पर संज्ञान लिया, तो प्रधानाचार्यों मेंं हड़कंप मच गया है. बताया जाता है कि न्यायादेश, राज्यादेश एवं विवि के आदेश का अनुपालन नहीं करने वाले दोषी प्रधानाचार्य पर कार्रवाई हो सकती है. डीएसडब्लू प्रो. विजय कुमार यादव ने बताया कि अर्हताधारी छात्र- छात्राएं का निःशुल्क नामांकन लेने के विवि द्वारा जारी पत्र का अनुपालन किया जा रहा है या नहीं, यह जवाब सभी 43 अंगीभूत कॉलेजों के प्रधानाचार्य से मांगा गया है. शाम चार बजे तक ढाई दर्जन से अधिक प्रधानाचार्य ने जवाब भेज दिया है. प्राप्त जवाब से कुलपति को अवगत कराया जायेगा. इसके बाद विधि सम्मत कदम उठाया जायेगा.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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