मिथिला विश्वविद्यालय में सितंबर के अंतिम सप्ताह या अक्तूबर की शुरुआत में हो सकता है छात्र संघ चुनाव

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ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय में छात्र संघ चुनाव की सुगबुगाहट तेज हो गई है. कुलपति प्रो. संजय कुमार चौधरी की अध्यक्षता में हुई बैठक में सितंबर के अंतिम सप्ताह या अक्टूबर की शुरुआत में चुनाव कराने का सुझाव दिया गया है. चुनाव प्रक्रिया को निष्पक्ष और पारदर्शी बनाने के लिए को-ऑर्डिनेशन कमेटी का गठन जल्द किया जाएगा.

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Darbhanga News: ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय में छात्र संघ चुनाव को लेकर कुलपति प्रो. संजय कुमार चौधरी की अध्यक्षता में मंगलवार को पीजी विभागाध्यक्षों एवं प्रधानाचार्यों की ऑनलाइन बैठक हुई. बैठक में चुनाव की रूपरेखा, संभावित तिथि और तैयारियों को लेकर विस्तार से चर्चा की गयी. मुख्य चुनाव अधिकारी प्रो. मुनेश्वर यादव ने सितंबर के अंतिम सप्ताह या अक्तूबर के प्रारंभ में चुनाव कराने का सुझाव दिया.

जल्द गठित होगी को-ऑर्डिनेशन कमेटी

कुलपति ने कहा कि विश्वविद्यालय और कॉलेजों में शांतिपूर्ण, निष्पक्ष एवं पारदर्शी तरीके से छात्र संघ चुनाव कराना सर्वोच्च प्राथमिकता है. उन्होंने सभी विभागाध्यक्षों एवं प्रधानाचार्यों को अपने संस्थान में जल्द दो से पांच सदस्यों की को-ऑर्डिनेशन कमेटी गठित करने का निर्देश दिया.

कमेटी को पांच से सात दिनों के भीतर मतदाताओं की संख्या, आवश्यक मतदान केंद्रों, संभावित खर्च और चुनाव से जुड़ी अन्य जरूरी जानकारी उपलब्ध कराने को कहा गया है.

दो-तीन दिनों में शुरू होगा चुनाव कार्यालय

कुलपति ने मुख्य चुनाव अधिकारी प्रो. मुनेश्वर यादव को दो-तीन दिनों के भीतर चुनाव कार्यालय शुरू करने का निर्देश दिया. इसके अलावा प्रत्येक सप्ताह अलग-अलग जिलों के चुनाव अधिकारियों, प्रधानाचार्यों और कमेटी सदस्यों के साथ बैठक करने को कहा गया.

सितंबर में विश्वविद्यालय मुख्यालय में जिलावार दो दिवसीय ऑफलाइन कार्यशाला आयोजित कराने का भी निर्देश दिया गया. चुनाव संबंधी गाइडलाइन तैयार कर विश्वविद्यालय और कॉलेजों की वेबसाइट पर अपलोड करने की बात कही गयी.

लिंगदोह कमेटी की सिफारिशों के आधार पर बनेगी नियमावली

बैठक में लिंगदोह कमेटी की सिफारिशों के आधार पर चुनाव नियमावली तैयार करने पर चर्चा हुई. इसकी सॉफ्ट कॉपी सभी संबंधित सदस्यों को उपलब्ध कराकर उनसे लिखित सुझाव लेने का निर्देश दिया गया.

तय किया गया कि चुनाव की मुख्य जिम्मेदारी प्रधानाचार्यों और विभागाध्यक्षों को दी जायेगी, जबकि विश्वविद्यालय स्तर से पूरे चुनाव की मॉनिटरिंग की जाएगी.

पहचान पत्र से कर सकेंगे मतदान

बैठक में मतदान के लिए विद्यार्थियों को प्रवेश पत्र से मैच किए गये परिचय पत्र अथवा शिक्षक से प्रमाणित नामांकन रसीद के उपयोग की अनुमति देने पर चर्चा हुई.

प्रधानाचार्यों ने नामांकन और परीक्षाओं को ध्यान में रखते हुए चुनाव की तिथि तय करने, समय पर मतदाता सूची तैयार करने, जिला प्रशासन से सहयोग लेने, पर्यवेक्षकों की नियुक्ति और चुनाव से पहले जमीनी स्थिति की समीक्षा करने जैसे सुझाव दिये.

30 नये कॉलेजों के विद्यार्थियों को शामिल करने का सुझाव

बैठक में नवस्थापित 30 कॉलेजों के विद्यार्थियों को भी छात्र संघ चुनाव में शामिल करने का सुझाव सामने आया. डीएसडब्ल्यू प्रो. अशोक कुमार मेहता ने कहा कि राजभवन, विश्वविद्यालय और जिला प्रशासन के सहयोग से निष्पक्ष एवं शांतिपूर्ण चुनाव कराया जा सकता है.

बैठक में प्रो. मुश्ताक अहमद, प्रो. नारायण झा, डॉ. फूलो पासवान, डॉ. अवधेश कुमार सिंह, डॉ. रहमतुल्लाह, प्रो. संजय कुमार झा और डॉ. विधान चंद्र भारती समेत कई प्रधानाचार्यों ने अपने सुझाव दिये.

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