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…तो दरभंगा संसदीय क्षेत्र में मतदान का प्रतिशत 90 से होता अधिक

दरभंगा संसदीय क्षेत्र का मतदाता सूची अगर शतप्रतिशत सही होता, तो मतदान का आंकड़ा 90 प्रतिशत से अधिक पर पहुंचा होता.

दरभंगा. दरभंगा संसदीय क्षेत्र का मतदाता सूची अगर शतप्रतिशत सही होता, तो मतदान का आंकड़ा 90 प्रतिशत से अधिक पर पहुंचा होता. यह आंकड़ा जिले के सात प्रखंडों के एक-एक अर्थात कुल सात बूथों क्षेत्र में मतदान के अगले दिन वोटरों के भौतिक सत्यापन से सामने आया है. प्रभात खबर ने हनुमाननगर, घनश्यामपुर, बिरौल, गौड़ाबौराम, अलीनगर, मनीगाछी एवं सदर प्रखंड में यह सर्वे किया है. इन सात बूथों की मतदाता सूची में कुल मतदाताओं की संख्या 6442 है. इसमें से 3845 यानी 59.68 प्रतिशत लोगों ने मतदान किया. जांच में वोटर लिस्ट में शामिल कुल 6442 मतदाताओं में 184 मृत पाये गये. 159 मतदाता संबंधित बूथ क्षेत्र के बाहर के निवासी थे, जो वोट नहीं डाले. 115 मतदाता गांव की लड़की थी, जिसकी शादी हो चुकी और वह अब स्थायी रूप से अब वहां नहीं रहती है. 49 लोगों का नाम मतदाता सूची में रिपीट पाया गया. सूची में शामिल 101 मतदाता सरकारी सेवा वाले मिले, जिनका वोट अपने बूथ पर नहीं गिरा. वोट नहीं डालने वाले सबसे अधिक 1580 वैसे लोग थे, जो स्थायी रूप से गांव में नहीं रहते. इनका प्रतिशत 24.52 पाया गया. सर्वे से पता चला कि मतदान के दिन भाैतिक रूप से क्षेत्र में मौजूद 93.66 प्रतिशत लोगों ने मतदान किया. घर पर रहते मात्र 6.34 प्रतिशत लोगों ने नहीं किया मतदान सर्वे के अनुसार संबंधित सात बूथों के कुल 6442 में से 409 मतदाता ही क्षेत्र में रहते हुये भी वोट नहीं डाले. कई माह से चल रहा मतदाता जागरूकता अभियान भी इन्हें नहीं जगा सका. घर पर रहते हुये भी मतदान नहीं करने वालों का प्रतिशत 6.34 पाया गया. बता दें कि दरभंगा संसदीय क्षेत्र का मतदान प्रतिशत 57.39 है. मतदाता सूची तैयार करने में नहीं बरती गयी सतर्कता जानकारों के अनुसार मतदाता सूची के अंतिम प्रकाशन से पूर्व निचले स्तर पर जिस निष्ठा से काम किये जाने की जरूरत थी, वह नहीं किया गया. मृत लोगों, विवाहिता लड़कियों, स्थायी रूप से गांव में नहीं रहने वाले लोगों का नाम सूची में शामिल रह गया. कहा जाता है कि इसके लिये सबसे अधिक जिम्मेदार बीएलओ तथा डाटा इंट्री ऑपरेटर हो सकते हैं. संबंधित अधिकारी के पर्यवेक्षण में खोंट का भी यह परिणाम कहा जा सकता है. डाटा इंट्री कार्य में लापरवाही की आशंका इस बाबत जब कुछ बीएलओ से बात की गयी तो उनका कहना था कि सूची पुनरीक्षणों से पहले मृत मतदाताओं का नाम, डबलिंग मतदाताओं का नाम, आसपास के मतदान केंद्रों के मतदाताओं का नाम जो गलती से सूची में जुड़ गया और शादीशुदा बेटियां, जिन्होंने सहमति दी या फिर जिनके परिवार ने सहमति दी, ऐसे सभी नाम के विलोपन के लिए सूची तैयार कर प्रखंड कार्यालय में जमा किया. बावजूद ऐसे नाम नहीं हटे. कहा कि डाटा इंट्री कार्य में लापरवाही हुई होगी.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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