बिना निबंधन के संचालित निजी स्कूलों को लेकर शिक्षा विभाग का रुख सख्त

Updated at : 20 Apr 2024 11:34 PM (IST)
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Darbhanga News :

बच्चों के निशुल्क एवं अनिवार्य शिक्षा नियमावली 2011 नियम के के तहत अब बिना प्रस्वीकृति (क्यूआर कोड) के निजी विद्यालय संचालित नहीं होंगे

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दरभंगा. बच्चों के निशुल्क एवं अनिवार्य शिक्षा नियमावली 2011 नियम के के तहत अब बिना प्रस्वीकृति (क्यूआर कोड) के निजी विद्यालय संचालित नहीं होंगे. शिक्षा विभाग द्वारा विकसित इ- संबंधन पोर्टल पर आवेदन अनिवार्य है. पोर्टल पर निजी विद्यालय द्वारा आवेदन नहीं किया जाएगा, तो विधि सम्मत कार्रवाई के साथ-साथ आर्थिक दंड का प्रावधान है. डीइओ समर बहादुर सिंह ने सभी बीइओ को निर्देशित किया है कि बिना प्रस्वीकृति संचालित निजी विद्यालयों को बंद कराते हुए चार दिनों के अंदर प्रतिवेदन उपलब्ध करावें. बीइओ को जानकारी देनी है कि क्षेत्र में बिना क्यूआर कोड के विद्यालयों की संख्या कितनी है. कितने विद्यालयों पर विधि सम्मत कार्रवाई करते हुए आर्थिक दंड लगाया गया. कितने ऐसे विद्यालय हैं, जो आर्थिक दंड लगाए जाने के बावजूद संचालित हैं. यह जानकारी समेकित कर प्राथमिक शिक्षा निदेशक को भेजी जानी है. डीइओ ने पत्र में कहा है कि शिक्षा विभाग की बिना प्रस्वीकृति के संचालित निजी विद्यालयों पर 01 लाख रुपया आर्थिक दंड किया जाना है. दंड लगाये जाने के बावजूद निजी विद्यालय के संचालित होने पर विभागीय आदेश की अवहेलना मानते हुए प्रत्येक दिन 10 हजार रुपये जुर्माना किया जा सकता है. जिले में अब तक 324 निजी विद्यालय को क्यूआर कोड मिला है. विभागीय सूत्रों के अनुसार जिले में सैंकड़ाें निजी स्कूलों ने अब तक शिक्षा विभाग से क्यूआर कोड प्राप्त नहीं किया है. शिक्षा विभाग की रिकॉर्ड पंजी के अनुसार यहां सभी कोटि के सरकारी एवं निजी 3274 विद्यालय, महाविद्यालय, मदरसा संचालित है. इसमें 2624 राजकीयकृत विद्यालय, 04 राजकीय विद्यालय, 41 संस्कृत विद्यालय, 13 बुनियादी विद्यालय, इंटर काउंसिल एवं विश्वविद्यालय से मान्यता प्राप्त 10 विद्यालय एवं महाविद्यालय शामिल है. इसके अलावा 11 परियोजना बालिका उच्च विद्यालय, 293 क्यूआर कोड प्राप्त निजी विद्यालय, 109 अमान्यता प्राप्त विद्यालय, 04 समाज कल्याण विभाग से संचालित स्कूल है. 154 मान्यता प्राप्त मदरसा एवं 05 अमान्यता प्राप्त मदरसा भी संचालित है. इन सरकारी एवं निजी शिक्षण संस्थानों में लगभग 16 लाख छात्र एवं छात्रा अध्ययनरत हैं.

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