किसानों को नई तकनीक से खेती का प्रशिक्षण, दरभंगा में खरीफ मंच आयोजित

Published by : Purushottam Kumar Updated At : 10 Jun 2026 5:47 PM

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कार्यक्रम का उद्घाटन करते डीएम कौशल कुमार व अन्य पदाधिकारी

Darbhanga News: दरभंगा में आयोजित जिला स्तरीय खरीफ कर्मशाला में डीएम कौशल कुमार ने किसानों तक सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाने और फार्मर रजिस्ट्री में तेजी लाने का निर्देश दिया. कार्यक्रम से अनुपस्थित अधिकारियों का वेतन रोकने के भी निर्देश दिए गए. जानिए खबर विस्तार से…

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दरभंगा के बहादुरपुर से पुरुषोत्तम चौधरी की रिपोर्ट

Darbhanga News: बहादुरपुर के लहेरियासराय स्थित प्रेक्षागृह में बुधवार को जिला स्तरीय खरीफ कर्मशाला सह प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया. कार्यक्रम में डीएम कौशल कुमार ने कहा कि राज्य सरकार और कृषि विभाग किसानों के लिए कई कल्याणकारी योजनाएं चला रहे हैं. किसानों को अनुदानित दर पर बीज, उर्वरक, कृषि यंत्र समेत विभिन्न योजनाओं का लाभ दिया जा रहा है. उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि प्रशिक्षण के बाद प्रखंड स्तर पर किसानों को भी प्रशिक्षित करें, ताकि वे नई तकनीक अपनाकर धान, मक्का समेत अन्य खरीफ फसलों का बेहतर उत्पादन कर सकें.

फार्मर रजिस्ट्री में तेजी लाने का निर्देश

डीएम ने कहा कि जिले में दो लाख 11 हजार से अधिक किसानों की फार्मर रजिस्ट्री होनी है, जबकि अब तक एक लाख 65 हजार किसानों का पंजीकरण किया जा चुका है. उन्होंने राजस्व और कृषि विभाग के अधिकारियों को शेष किसानों की फार्मर रजिस्ट्री जल्द पूरी कराने का निर्देश दिया.

अनुपस्थित अधिकारियों का वेतन रोकने का निर्देश

संयुक्त निदेशक शष्य संजय नाथ तिवारी ने प्रशिक्षण कार्यक्रम में कम उपस्थिति पर नाराजगी जताई. उन्होंने कार्यक्रम से अनुपस्थित कर्मियों का एक दिन का वेतन रोकने का निर्देश दिया. समीक्षा में पता चला कि जिले के 18 प्रखंड कृषि पदाधिकारियों में सिर्फ 11 ही मौजूद थे. इस पर उन्होंने अनुपस्थित प्रखंड कृषि पदाधिकारियों का भी वेतन रोकने का निर्देश दिया. जिला सहकारिता पदाधिकारी, जिला पशुपालन पदाधिकारी और जिला मत्स्य पदाधिकारी की अनुपस्थिति पर भी नाराजगी जताते हुए डीएम को पत्र भेजने का निर्देश दिया.

जैविक खेती अपनाने की सलाह

जिला कृषि पदाधिकारी डॉ. सिद्धार्थ ने कहा कि प्रशिक्षण का उद्देश्य किसानों तक नई तकनीक और सरकारी योजनाओं की जानकारी पहुंचाना है. संयुक्त निदेशक उद्यान राकेश कुमार ने रासायनिक उर्वरकों के अधिक उपयोग पर चिंता जताते हुए किसानों को जैविक और प्राकृतिक खेती अपनाने की सलाह दी.

जाले कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिक दिव्यांशु शेखर ने कहा कि जिन किसानों ने अभी तक धान की रोपाई नहीं की है, वे मध्यम अवधि वाली धान की किस्म लगाएं. उन्होंने किसानों को हर दो-तीन दिन पर खेत का निरीक्षण कर रोगों की समय पर पहचान और नियंत्रण करने की सलाह दी.

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