कुशेश्वरस्थान में फर्जी जाति प्रमाण पत्र का आरोप, जांच में गड़बड़ी के मिले संकेत; कार्रवाई की मांग

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कुशेश्वरस्थान में कथित फर्जी जाति प्रमाण पत्र के सहारे सरकारी लाभ उठाने का मामला प्रकाश में आया है. जांच में प्रारंभिक तौर पर प्रमाण पत्र संदिग्ध पाया गया है. अब मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों पर कार्रवाई की मांग की जा रही है.

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Kusheshwarsthan News: कुशेश्वरस्थान थाना क्षेत्र में कथित फर्जी जाति प्रमाण पत्र बनवाकर सरकारी लाभ लेने तथा उसके आधार पर दो युवकों के विरुद्ध एससी-एसटी थाना में प्राथमिकी दर्ज कराने के आरोप का मामला सामने आया है. इस संबंध में बड़गांव निवासी संजय कुमार सिंह और अखिलेंद्र कुमार सिंह ने अनुमंडल पदाधिकारी एवं बिरौल के अंचलाधिकारी (सीओ) को अलग-अलग आवेदन देकर मामले की निष्पक्ष जांच, कथित फर्जी जाति प्रमाण पत्र रद्द करने तथा दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई की मांग की है.

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आवेदन में लगाए गए गंभीर आरोप

आवेदन में आरोप लगाया गया है कि बुचौली निवासी मंजय राम की पत्नी अंकिता देवी ने बिरौल अंचल कार्यालय से अनुसूचित जाति का प्रमाण पत्र प्राप्त किया. आरोप है कि प्रमाण पत्र बनवाने के लिए पटनिया निवासी देवेंद्र मोची की पत्नी घुरनी देवी को अपनी मां तथा उनका पता मायके के रूप में दर्शाया गया.

जांच में क्या सामने आया

आवेदन के बाद बिरौल सीओ के निर्देश पर राजस्व कर्मचारी श्रवण कुमार ने पटनिया पहुंचकर जांच की. जांच के दौरान घुरनी देवी ने बयान दिया कि अंकिता देवी नाम की उनकी कोई बेटी नहीं है और उनकी किसी बेटी की शादी बुचौली गांव में नहीं हुई है.

उन्होंने यह भी बताया कि बुचौली निवासी मंजय राम उनके रिश्तेदार हैं, जिन्होंने मुंबई में एक मुस्लिम युवती से विवाह किया था, जिसका नाम बाद में अंकिता कुमारी रखा गया. घुरनी देवी का आरोप है कि करीब एक वर्ष पहले बहाने से उनका आधार कार्ड लिया गया था और संभवतः उसी का उपयोग कर जाति प्रमाण पत्र बनवाया गया.

मुखिया के बयान का भी किया गया उल्लेख

जांच के दौरान पटनिया पंचायत की मुखिया रीता देवी ने भी अपने लिखित बयान में कहा कि घुरनी देवी की अंकिता नाम की कोई बेटी नहीं है. राजस्व कर्मचारी की जांच रिपोर्ट में भौतिक सत्यापन के आधार पर जाति प्रमाण पत्र प्रथमदृष्टया संदिग्ध/फर्जी प्रतीत होने का उल्लेख किया गया है.

पहले से दर्ज है एससी-एसटी का मामला

उल्लेखनीय है कि अंकिता कुमारी ने बड़गांव निवासी चंदन कुमार सिंह, उनके पिता अखिलेंद्र कुमार सिंह तथा केशव सिंह के विरुद्ध एससी-एसटी थाना में प्राथमिकी दर्ज कराई है. अब आवेदकों ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर कथित फर्जी जाति प्रमाण पत्र जारी करने और उसके उपयोग से जुड़े लोगों के विरुद्ध विधिसम्मत कार्रवाई की मांग की है.


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