सरकारी जमीन खाली करने का अल्टीमेटम, 27 जुलाई तक हटाएं दुकानें

Updated:
विज्ञापन
WhatsApp चैनल से जुड़ेंगूगल पर प्रभात खबर चुनें

बिरौल में सरकारी भूमि पर अवैध दुकानों के संचालन और कथित वसूली पर प्रशासन ने कार्रवाई तेज कर दी है. दुकानदारों को 27 जुलाई तक अतिक्रमण हटाने का निर्देश दिया गया है, अन्यथा कानूनी कार्रवाई होगी.

विज्ञापन

Biraul News: सुपौल थाना क्षेत्र के कोठीपुल चौक के समीप नदी किनारे सरकारी भूमि पर अवैध कब्जा कर दुकानें संचालित किए जाने और फुटपाथी दुकानदारों से कथित अवैध वसूली के मामले में प्रशासन ने कार्रवाई तेज कर दी है. रविवार को बिरौल थानाध्यक्ष चंद्रमणि ने कथित वसूली के आरोपों के संबंध में एक व्यक्ति को थाना बुलाकर पूछताछ की.

विज्ञापन

एसडीओ के निर्देश पर हुई संयुक्त जांच

प्रभात खबर में समाचार प्रकाशित होने के बाद अनुमंडल पदाधिकारी (एसडीओ) शशांक राज ने मामले की गंभीरता को देखते हुए अंचलाधिकारी (सीओ) को स्थल जांच कर प्रतिवेदन सौंपने का निर्देश दिया था. इसके बाद तीन दिन पहले अंचल कर्मियों और बिरौल थाना पुलिस ने संयुक्त रूप से कोठीपुल चौक के समीप नदी किनारे स्थित सरकारी भूमि का निरीक्षण किया.

जांच के दौरान सरकारी भूमि पर फल, फूल, मछली और मीट की कई दुकानें संचालित होती पाई गईं. जांच रिपोर्ट एसडीओ कार्यालय को भेज दी गई है.

दुकानदारों ने कथित अवैध वसूली की बात कही

पुलिस के अनुसार, मौके पर दुकानदारों से पूछताछ की गई. इस दौरान कुछ दुकानदारों ने आरोप लगाया कि दुकान लगाने के एवज में एक व्यक्ति द्वारा हर महीने ₹2,000 से ₹3,000 तक की कथित अवैध वसूली की जाती है. उनका यह भी आरोप है कि विरोध करने पर धमकाया जाता है.

27 जुलाई तक दुकान हटाने की चेतावनी

थानाध्यक्ष चंद्रमणि ने सरकारी भूमि पर दुकान लगाए लोगों को 27 जुलाई तक स्वयं अतिक्रमण हटाने का निर्देश दिया है. उन्होंने कहा कि निर्धारित तिथि तक अतिक्रमण नहीं हटाए जाने पर प्रशासनिक कार्रवाई के साथ कानूनी प्रक्रिया भी अपनाई जाएगी. उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकारी भूमि पर किसी भी प्रकार का अवैध कब्जा बर्दाश्त नहीं किया जाएगा.


आपके शहर में

विज्ञापन

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन