अशोक पेपर मिल की होगी कुर्की-जब्ती

Published at :03 Jun 2017 8:46 AM (IST)
विज्ञापन
अशोक पेपर मिल की होगी कुर्की-जब्ती

हायाघाट(दरभंगा) : हायाघाट स्थित अशोक पेपर मिल की कुर्की-जब्ती की जायेगी. इसके लिए विभागीय प्रक्रिया के तहत कुर्की की नोटिस चिपका दी गयी है. कोलकाता ऋण वसूली अभिकरण द्वारा पारित आदेश के आलोक में शुक्रवार को यूनाइटेड बैंक ऑफ़ इंडिया, कोलकाता के द्वारा करीब 10 करोड़ रुपया ऋण नहीं चुकाने के कारण अशोक पेपर मिल […]

विज्ञापन
हायाघाट(दरभंगा) : हायाघाट स्थित अशोक पेपर मिल की कुर्की-जब्ती की जायेगी. इसके लिए विभागीय प्रक्रिया के तहत कुर्की की नोटिस चिपका दी गयी है. कोलकाता ऋण वसूली अभिकरण द्वारा पारित आदेश के आलोक में शुक्रवार को यूनाइटेड बैंक ऑफ़ इंडिया, कोलकाता के द्वारा करीब 10 करोड़ रुपया ऋण नहीं चुकाने के कारण अशोक पेपर मिल को कुर्क करने की नोटिस चिपकाई गयी है. एपीएम थानाध्यक्ष दिलीप कुमार पाठक की मौजूदगी में बैंक के रिसीवर दिनेश चन्द्र सिंह व लॉ ऑफिसर विवेक कुमार मिश्र ने मिल के मुख्य द्वार पर कुर्की की नोटिस चिपकायी.
जानकारी के अनुसार मिल के संचालक धर्म गोधा व अन्य ने यूनाइटेड बैंक ऑफ़ इंडिया से 9 करोड़ 91 लाख 41 हजार 965 रुपया ऋण के रूप में लिया था. यह राशि कार्यशील पूंजी के रूप में मिल चालू करने के लिए वर्ष 2004 में ली गयी थी. इसके बाद से बैंक को एक भी पैसा नहीं दिया गया.
कई बार सूचना भेजने का भी कोई असर नहीं पड़ा. अंतत: बैंक ने न्यायिक प्रक्रिया का सहारा लिया. कोलकाता ऋण वसूली अभीकरण ने ऋण वसूली नहीं होने की स्थिति को देखते हुए कुर्की का आदेश पारित कर दिया. इसी आलोक में कोलकाता से आयी टीम ने मिल की संपत्ति कुर्क करने की नोटिस चिपका दी है. बताया जाता है कि 14.5 प्रतिशत सूद जोड़कर बैंक को अब राशि चाहिए लेकिन यहां तो एक पैसा भी बैंक को नहीं मिला है. सनद रहे कि मिल चालू करने के नाम पर बैंक से मोटी रकम ऋण के रूप में ली गयी. बाद में स्क्रेप बेचने का आदेश लेकर कथित तौर पर मिल की संपत्ति को बेचा जाने लगा. मिल में काम कर रहे दर्जनों मजदूर के परिवारों ने विरोध किया.
फायरिंग में एक युवक की मौत भी हो गयी. अशोक पेपर मिल प्रकरण को लेकर ही मिल संचालक धर्म गोधा को पुलिस ने गिरफ्तार भी किया. ज्ञातव्य हो कि इससे पूर्व भी चार बार अलग-अलग संस्था व व्यक्तियों द्वारा कुर्की की नोटिस चिपकायी जा चुकी है. इसमें ट्रांसपोर्टर, भाड़ा पर जेनेरेटर देने वाला संचालक आदि शामिल है. मिल की एक ही संपत्ति को चार-चार अलग-अलग संस्थान व व्यक्ति द्वारा कुर्की की नोटिस की जा चुकी है. मौजूदा वाकया सूची में पांचवें नंबर पर है.
इधर एपीएम पहुंची टीम ने नोटिस चिपकाने के साथ ही मिल का मुआयना किया. उसकी संपत्ति का आकलन करने के लिए टीम मूल्यांकनकर्ता को साथ लेकर आयी थी. पूरे मिल का भ्रमण करने के साथ ही तसवीर भी खींची गयी.
विज्ञापन
Prabhat Khabar Digital Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन