20 दिनों से नान बैंकिंग कंपनी के कार्यालय में झूल रहा ताला

Published at :08 Apr 2016 12:00 AM (IST)
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20 दिनों से नान  बैंकिंग कंपनी के कार्यालय में झूल रहा ताला

20 दिनों से नान बैंकिंग कंपनी के कार्यालय में झूल रहा ताला फोटो ::::1,2परिचय : कंपनी के कार्यालय में गिरा शटर, कंपनी का बोर्ड * ग्राहकों की बढी बेचैनी, करोड़ों रुपये हैं लोगों का जमा* कंपनी से जुड़े कर्मी कुछ भी बताने से कर रहे इंकार * कोलकाता की है नॉन बैंकिंग कंपनी विबग्योर अलाइड […]

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20 दिनों से नान बैंकिंग कंपनी के कार्यालय में झूल रहा ताला फोटो ::::1,2परिचय : कंपनी के कार्यालय में गिरा शटर, कंपनी का बोर्ड * ग्राहकों की बढी बेचैनी, करोड़ों रुपये हैं लोगों का जमा* कंपनी से जुड़े कर्मी कुछ भी बताने से कर रहे इंकार * कोलकाता की है नॉन बैंकिंग कंपनी विबग्योर अलाइड इंफ्रास्टक्चर लि.कमतौल : बाजार में कार्यरत एक नॉन बैंकिंग कंपनी विबग्योर अलाइड इंफ्रास्टक्टर लिमिटेड के कमतौल कार्यालय में करीब 20 दिनों से ताला झूल रहा है. प्रतिदिन ग्राहक आते और बंद ताला को देखकर वापस चले जा रहे हैं. कार्यालय के आसपास के लोग भी इस सम्बन्ध में कुछ भी बताने से इंकार करते हैं, परंतु होली से कई दिन पूर्व से ताला लटकने की बात बताते है. गुरूवार को कई ग्राहक समय पूरा होने के बाद रकम की वापसी के इन्तजार में कार्यालय के पास भटकते मिले. उपलब्ध करवाये गए स्थानीय एएसएम रमन कुमार का दूरभाष नंबर 9852588555 पर संपर्क नहीं हो सका. बार-बार प्रयास के बाबजूद समाचार प्रेषण तक मोबाइल स्विच ऑफ बताया जा रहा था. इससे ग्राहकों का कंपनी के प्रति अविश्वास गहराने लगा है. वहीं स्थानीय कुछ सक्रिय एजेंट भी भूमिगत नजर आने लगे हैं.पहले भी कई नन बैंकिंग कंपनियां ग्राहकों को लगा चुकी है चूना कंपनी के कार्यालय में ताला झुलने, स्थानीय कई एजेंटों के भूमिगत होने से लोगों की आशंका जायज प्रतीत हो रही है. वैसे चर्चा है की कमतौल बाजार के लिए यह कोई नयी घटना नहीं है. कई वर्ष पूर्व बर्ल इंडिया, जेवीजी, ग्रो वेल्थ, उत्तर- पूर्वी वित्त निगम, हेलियस फाइनेंस और आदित्या फाइनेंस जैसी कई कंपनियां ग्राहकों के करोड़ों रुपये लेकर भाग चुकी है. कुछ दिन हाय-तौबा मचने के बाद मामला शांत हो गया था. ऐसे में ग्राहकों के बीच चल रही चर्चा को हलके में नहीं लिया जा सकता. इस तरह कंपनी के फरार होने की आशंका को बल मिलता है.12 मार्च से राशि के लिए दौड़ रहे सुबोध मंडल पिछले महीने पूरा होने वाले खाता की राशि के लिए भटक रहे टेकटार निवासी सुबोध मंडल ने बताया कि करीब एक लाख की रकम मिलनी थी. कई दिन टाल मटोल के बाद 12 मार्च को बुलाया गया. फिर तीन चार दिन बाद आने को कहा गया. इसके बाद से कंपनी कार्यालय में ताला लटका मिलता है. स्थानीय एजेंट से भी दूरभाष पर ही बातचीत होती है. सामने कोई नहीं आ रहा. जिससे चिंता होने लगी है. स्मंगरथु निवासी सीनियर एजेंट से पैसा वापस दिलाने के लिए दबाब बनाया जा रहा है. हमारी तरह कई लोग के आने-जाने की जानकारी मिल रही है.कंपनी के एजेंट भी हो गये हैं भूमिगत बाजार में कंपनी के डायरेक्टर के कोलकाता में भूमिगत होने की चर्चा है. कई एजेंट इसकी तहकीकात के लिए कोलकाता रवाना हो चुके हैं. इससे स्थानीय स्तर पर काम करनेवाले एजेंट भी असमंजस में हैं. नाम नहीं छापने की शर्त पर तीन-चार स्थानीय एजेंट ने शंका जाहिर करते हुए बताया की चिंता बढ गयी है. उम्मीद कम ही है. कार्यालय में ताला लटका है और स्थानीय एएसएम रमन कुमार का मोबाइल भी करीब-करीब बंद मिल रहा है. वैसे अभी कुछ कहा नहीं जा सकता. कोलकाता गए लोगों का इंतजार किया जा रहा है.सात साल पहले खुला था कार्यालयकरीब 20 दिनों से स्थानीय कार्यालय बंद रहने कोई जानकारी नहीं मिलने से बाजार में हडकंप मचा हुआ है. कई स्थानीय एजेंट भूमिगत हो गये है. उनके परिजन भी इस सम्वन्ध में कुछ बताने से इनकार करते हैं. स्थानीय लोगों की मानें तो कंपनी ने करीब सात वर्ष पूर्व बाजार स्थित दीप मार्केट कम्प्लेक्स के प्रथम मंजिल पर अपना कार्यालय खोला था. धूम धडाके के साथ ओपनिंग किया था. बडा सा बोर्ड भी लगाया था. जिसमें कंपनी का रजिस्ट्रेशन नंबर सीआईएन 70100 डब्लू बी 2007 पीएलसी 120034 तथा हेड ऑफिस 4, डॉ. सुरेश सरकार रोड, कोलकाता-14 लिखा था.पांच साल में राशि दोगुणा करने का चलाया था स्कीम कंपनी द्वारा साल भर की आरडी पर ब्याज के साथ पैसा वापस करने और पांच-छह साल में रकम दुगुना करने सहित कई अन्य की स्कीम चलाया जा रहा था. 12-16 फीसदी अधिकतम 20 फीसदी तक कमीशन दिया जा रहा था. जिसके चलते कई स्थानीय और दूर दराज के एजेंट काम करने लगे थे. चर्चा है की 12 सितम्बर 13 को धूमधाम से एक स्कीम सिर्फ एजेंट के लिए लांच किया गया था. जिसमें कम समय में रकम चार गुना करने की बात कही गयी थी. जिसके चलते कई एजेंट लाखों रूपया अपने नाम पर जमा करवाया था. पूर्व में रकम की वापसी हो भी रही थी, इधर कुछ दिनों से कशमकश चलने लगी थी. जिससे अनहोनी की आशंका बढ गयी है.बोले अधिकारी ::::::::अब तक किसी ने नहीं दिया आवेदनअबतक किसी ने शिकायत दर्ज नहीं करवाया है. कार्यालय बंद होने से ग्राहकों में असंतोष लाजिमी है. आवेदन मिलते ही छानबीन किया जायेगा.वरुण कुमार झा, थानाध्यक्ष कमतौलपहले दो तीन बार कराया था कंपनी के कागजातों का वेरिफिकेशन पुलिस के द्वारा नन कंपनी के कागजातों का दो तीन बार वेरिफिकेशन कराया गया था. थाना में कागजात जमा कराया गया था, जिसे जिला को भेजा गया था. नन बैंकिंग कंपनी के फरार होने की जानकारी प्रशासन को नहीं है. कोई अगर ऐसा मामला सामने आता है तो इसकी जांच कर प्रशासनिक स्तर पर कार्रवाई की जायेगी. आम लोगों को भी नॉन बैंकिंग कंपनियों में अपनी गाढ़ी कमाई जमा करने से पहले पूरी तरह से जानकारी प्राप्त कर लेनी चाहिए थी. दिलनवाज अहमद, डीएसपी सदर, दरभंगा

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