बहुरेंगे नागेंद्र झा स्टेडियम के दिन

Published at :31 Dec 2015 8:48 PM (IST)
विज्ञापन
बहुरेंगे नागेंद्र झा स्टेडियम के दिन

बहुरेंगे नागेंद्र झा स्टेडियम के दिन राज मैदान भी लेगा स्टेडियम का रूपआयोजन की सफलता को कुलपति ने सराहादरभंगा. खेल प्रेमियों व खिलाड़ियों के लिए लनामिवि कुलपति ने इयर इंडिंग तोहफा के तौर पर स्टेडियम निर्माण की घोषणा की है. पूर्वी क्षेत्र अंतर विश्वविद्यायल पुरुष क्रिकेट टूर्नामेंट के समापन समारोह में वीसी डाॅ साकेत कुशवाहा […]

विज्ञापन

बहुरेंगे नागेंद्र झा स्टेडियम के दिन राज मैदान भी लेगा स्टेडियम का रूपआयोजन की सफलता को कुलपति ने सराहादरभंगा. खेल प्रेमियों व खिलाड़ियों के लिए लनामिवि कुलपति ने इयर इंडिंग तोहफा के तौर पर स्टेडियम निर्माण की घोषणा की है. पूर्वी क्षेत्र अंतर विश्वविद्यायल पुरुष क्रिकेट टूर्नामेंट के समापन समारोह में वीसी डाॅ साकेत कुशवाहा ने इस आयोजन की सफलता के लिए सभी के सकारात्मक सहयोग को श्रेय दिया. उन्होंने संबोधन में कहा कि स्टेडियम मैदान का फिनिशिंग करवा कर इसमें टर्फ पीच का जल्द ही निर्माण कराया जायेगा. वहीं पीजी संगीत विभाग के सामने वाले मैदान में स्टेडियम का भी जल्द ही निर्माण करवाया जायेगा इसके अलावा विवि की ओर से लोगों को व्यायाम के लिए जिमखाना का निर्माण करवाया जायेगा. प्रो कुशवाहा ने आयोजित मैच में तीसरा एवं चौथा स्थान पाने वाले टीम के खिलाडि़यों को हौसला बढ़ाते हुए कहा कि गलती से सीख लेकर अपना संघर्ष जारी रखोगे तो आगे निश्चित ही जीत होगी. वहीं जीते हुए टीम के खिलाडि़यों को इंगित करते हुए कहा कि जो जीत गये उन्हें यह नहीं समझना चाहिए कि ये उनका अंतिम पड़ाव है. हार-जीत का सिलसिला तो चलता ही रहता है. कुलपति ने इसके साथ ही जो रात गयी वो बात गयी कहते हुए मौजूद लोगों को वर्ष 2016 की शुभकामना देते हुए कहा कि आगे भी अगर इस तरह केक बड़े आयोजन का मौका मिला तो उसे विवि सहर्ष स्वीकार करेगी. प्रतिकुलपति प्रो सैयद मुमताजुद्दीन ने कहा कि 17-30 दिसंबर तक चली इतनी बड़ी आयेाजन सफलतापूर्वक संपन्न होने की खुशी का इजहार शब्दों से नहीं भावना से कर रहा हूं. इसके सफलता में यहां के दर्शकों ने अपनी शालीनता के बदौलत चार चांद लगाया है. कोच ने भी महत्ती भूमिका निभायी है जिसका नतीजा हमलोगों के सामने है कि पूरे 44 टीमों में से कहीं से कोई प्रोटेस्ट तक दायर नहं किया जा सका. उन्होंने कहा कि यहां के बच्चे रणजी ट्रॉफी नहीं खेले हैं. खेल के माध्यम से मिलने वाला कैरियर बिहार के दो पीढ़ीयों को खत्म हो गया है. उन्होंने कहा कि बिहार में बीसीआइ का चुनाव संपन्न होने के बाद यह उम्मीद जगी है कि यहां के बच्चों को भी रणजी ट्रॉफी खेलने का मौका मिल सकता है. समारोह के दौरान संगठन सचिव डॉ अजय नाथ झा ने संचालन के साथ प्रतिवेदन प्रस्तुत किया. कुलसचिव डा. अजित कुमार सिंह ने स्वागत एवं एमआरएम कॉलेज के प्रधानाचार्य डॉ विद्यानाथ झा ने धन्यवाद ज्ञापित किया. समारोह के दौरान ही भारत के प्रसिद्ध खिलाडि़यों के कोच रहे चंचल भट्टाचार्या ने कहा कि बिहार से जिस किसी खेलों में प्रतिभावान खिलाड़ी हुए हैं, उसमें मिथिला का योगदान महत्वपूर्ण रहा है. मंचासीन अतिथियों का स्वागत बुके एवं मोमेंटो देकर किया गया. मंचासीन अतिथियों मंें कॉलेज निरीक्षक विज्ञान डा. अजित कुमार चौधरी, कला एवं वाणिज्य डा. श्याम चंद्र गुप्ता, पीजी संगी विभागाध्यक्ष डा. पुष्पम नारायण, प्रिंसिपल सीएम साइंस कॉलेज के डा. अरविंद झा, सीएम कॉलेज के डा. वीरेंद्र कुमार चौधरी, मारवाड़ी कॉलेज के डा. रहमतुल्लाह, विश्वविद्यालय के मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी डा. गीतेंद्र ठाकुर, राधारमण मिश्र, बीसीए संयुक्त सचिव नीरज शर्मा, पंकज कुमार आदि शामिल थे. समारोह के अंत में कुलपति ने विजेता रही वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय की टीम के कप्तान राम सरीख यादव को शील्ड देकर सम्मानित किया. वहीं उपविजेता रही फकीर मोहन विवि की टीम के कप्तान रोनाल्ड दास को भी शील्ड देकर सम्मानित किया. समारोह का समापन कुलपति ने खेलध्वज खोलकर संगठन सचिव को सौंपते हुए किया. वीवीएस पूर्वांचल के आशुतोष आनंद को 6 छक्का एवं 10 चौका के सहारे 76 रनों का स्कोर बनाने को ले बेहतर खेल प्रदर्शन के लिए मैन ऑफ द मैच घोषित किया.

विज्ञापन
Prabhat Khabar Digital Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन